
मंडला
में
सत्ता
का
संग्राम
में
चुनावी
मुद्दे
लेकर
पहुंचे
विभिन्न
दलों
के
नेता
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
अमर
उजाला
के
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
की
शुरुआत
नौ
अप्रैल
को
मध्यप्रदेश
की
राजधानी
भोपाल
से
हुई।
आज
शुक्रवार
को
दिन
भर
मंडला
लोकसभा
क्षेत्र
में
सत्ता
का
संग्राम
जारी
है।
यहां
भाजपा
ने
छह
बार
के
सांसद
फग्गन
सिंह
कुलस्ते
और
कांग्रेस
ने
ओंकार
सिंह
मरकाम
को
चुनावी
मैदान
में
उतारा
है।
पढ़िए,
राजनीतिक
दलों
से
जुड़े
लोगों
का
क्या
कहना
है।
कांग्रेस
समर्थित
अभिनव
चौरिसिया
ने
कहा
कि
फग्गन
सिंह
कुलस्ते
का
नाम
ही
मुद्दा
है।
कितनी
बार
यहां
की
जनता
उन्हें
दिल्ली
भेज
चुकी
है।
मैं
यूट्यूब
में
सर्च
करता
हूं
कि
एक
बार
हमारा
सांसद
कुछ
कहते
हए
तो
दिख
जाएं।
एक
बार
माननीय
सोते
हुए
दिखे
हैं
तो
एक
बार
नड्डाजी
के
पीछे
खड़े
होकर
मोदी-मोदी
करते
दिखे
हैं।
बात
विकास
की
तो
आप
मंडला
में
देखें
तो
स्वास्थ्य,
आवागमन,
शिक्षा,
रोजगार
की
हालत
में
विकास
नजर
आ
रहा
है।
कल
तो
अमित
शाह
भी
बोल
गए
कि
इनके
कामों
पर
इनको
वोट
मत
देना,
ये
सबसे
बड़ी
चीज
है।
इसका
जवाब
देते
हए
भाजपा
से
जुड़े
कपिल
सचान
कहते
हैं
कि
मैं
अपने
कांग्रेसी
मित्र
से
कहना
चाहता
हूं
अमित
शाह
के
बयान
को
तोड़
मरोड़कर
पेश
करने
का
काम
कांग्रेस
ने
किया
है।
उसे
पूरा
सुनें,
वो
कह
रहे
हैं
कि
जो
काम
कुलस्ते
जी
कर
चुके
हैं,
उसके
अलावा
राष्ट्र
निर्माण
में
सहभागिता
के
लिए
मोदीजी
के
नाम
पर
वोट
करें।
उन्होंने
कहीं
न
कहा
कि
कुलस्ते
जी
को
वोट
न
करें।
ये
कांग्रेस
की
आदत
है।
मंडला
में
विकास
हो
रहा
है।
सड़क
नेटवर्क
बेहतर
हुआ
है।
रेलवे
का
काम
तेजी
से
जारी
है।
कई
ट्रेनें
कुलस्ते
लाए
हैं।
कुलस्ते
जी
जनता
से
जुड़े
हैं।
चार
जून
को
जवाब
मिल
जाएगा।
ईवीएम
का
रोना
रोएंगे।
गोंडवाना
पार्टी
से
जुडे़
हरेंद्रकुमार
कहते
हैं
कि
हमें
क्षेत्र
का
विकास
चाह
रहे
हैं।
हम
आदिवासी
आदमी,
हमें
कई
जगह
कमी
नजर
आती
है।
कुलस्तेजी
इतने
समय
से
सांसद
हैं,
पर
विकास
की
गुंजाइश
साफ
दिख
रही
है।
इन्हें
वॉट्सएप
पर
विकास
दिखता
है।
हमें
मंडला
से
डिंडौरी
जाते
हैं
तो
अनचाही
वसूली
की
जाती
है।
लेट
हो
जाते
हैं
तो
100
की
जगह
150
देना
होते
हैं,
सीट
चाहिए
तो
300
देना
पड़ेंगे।
समाजवादी
पार्टी
के
अशोक
पांडे
कहते
हैं
कि
पांच
साल
से
पासपोर्ट
ऑफिस
सेंशन
हैं,
पर
हमारे
सांसदजी
एक
कमरा
नहीं
तलाश
पा
रहे।
लोगों
को
पासपोर्ट
बनवाने
दूर
तक
जाना
पड़ता
है।
विकास
कहां
हुआ
है।
हमने
घेराव
किया,
55
किमी
की
पदयात्रा
की,
तब
जाकर
रेलवे
लाइन
आई
है।
पलायन
जारी
है।
एक-दो
फैक्टरी
खुल
जाएं
तो
लोगों
को
रोजगार
मिल
सकता।
रोजगार
के
नाम
पर
कुछ
नहीं
है।
हमने
तो
कैंडिडेट
खड़ा
नहीं
किया
है,
पर
हम
चाहते
हैं
कि
मंडला
का
विकास
तो
है।
विज्ञापन
मंडला
में
19
को
वोटिंग
बता
दें
कि
मंडला
लोकसभा
निर्वाचन
क्षेत्र
का
सियासी
मिजाज
थोड़ा
अलग
है।
पिछली
बार
यहां
से
फग्गन
सिंह
कुलस्ते
जीते
थे,
वे
केंद्र
में
मंत्री
बने।
बाद
में
उन्हें
विधानसभा
चुनाव
में
भी
भाजपा
ने
प्रत्याशी
बनाकर
उतारा
था,
पर
वे
हार
गए।
अब
भाजपा
ने
लोकसभा
चुनाव
में
अपना
प्रत्याशी
बनाया
है।
भाजपा
से
फग्गन
सिंह
कुलस्ते
का
मुकाबला
कांग्रेस
के
ओंकारसिंह
मरकाम
से
होगा।
मंडला
में
19
अप्रैल
को
मतदान
होना
है।
इस
विशेष
कवरेज
को
आप
यहां
देख
सकेंगे
amarujala.com,
अमर
उजाला
के
यूट्यूब
चैनल
और
फेसबुक
चैनल
पर
आप
‘सत्ता
का
संग्राम’
से
जुड़े
कार्यक्रम
लाइव
देख
सकेंगे।
‘सता
का
संग्राम’
से
जुड़ा
व्यापक
जमीनी
कवरेज
आप
अमर
उजाला
अखबार
में
भी
पढ़
सकेंगे।