
मध्यप्रदेश
के
बड़वानी
नगर
में
पड़
रही
भीषण
गर्मी
के
बावजूद
प्रदेश
की
जीवनदायिनी
नर्मदा
नदी
के
बैकवॉटर
में
कोई
कमी
नहीं
आई
है।
मई
माह
में
भी
यहां
पिछले
साल
के
मुकाबले
इस
साल
अब
तक
3
से
4
मीटर
तक
बैकवॉटर
अधिक
है।
भीषण
गर्मी
के
बीच
नगर
के
समीप
नर्मदा
किनारे
स्थित
राजघाट
से
गुजर
रही
नर्मदा
नदी
भरपूर
पानी
से
लबालब
है।
मई
माह
के
10
दिन
से
अधिक
गुजरने
के
बाद
भी
अब
तक
यहां
के
बैकवॉटर
में
कोई
कमी
नहीं
आई
है।
बैकवॉटर
अब
भी
खतरे
के
निशान
से
ऊपर
बना
हुआ
है।
हालांकि,
नए
घाट
का
ऊपरी
हिस्सा
खुलने
से
यहां
पहुंचने
वाले
श्रद्धालुओं
को
स्नान
में
कुछ
सहूलियत
जरूर
मिल
रही
है।
लेकिन,
घाट
के
दूसरे
हिस्से
में
बनी
छत्रियां
अब
भी
आधे
भाग
में
डूबी
हुई
हैं।
ऐसे
में
छत्रियों
के
पास
स्नान
करने
के
दौरान
लोगों
के
अचानक
नीचे
गहरे
पानी
में
जाने
का
खतरा
भी
बना
हुआ
है।
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से
अधिक
पुलिस
अधिकारियों
और
जवानों
ने
अचानक
घेरा
महाकाल
मंदिर,
सकते
में
आ
गए
श्रद्धालु;
जानें
वजह
वहीं,
बीते
साल
के
मुकाबले
वर्तमान
में
यहां
के
बैकवॉटर
का
लेवल
3
से
4
मीटर
अधिक
है।
पिछले
माह
ही
स्नान
के
दौरान
शहर
के
एक
ही
परिवार
के
पांच
लोग
इसी
स्थान
पर
छत्रियों
के
पास
अचानक
गहरे
पानी
में
चले
गए
थे।
जिन्हें
तुरंत
स्थानीय
नाविकों
ने
रेस्क्यू
किया
था।
इसके
बाद
से
ही
इस
तट
पर
सुबह
से
शाम
तक
एसडीईआरएफ
के
जवान
ड्यूटी
कर
रहे
हैं।
वहीं
राजघाट
पर
कार्यरत
रोहिणी
सेवार्थ
सामाजिक
समिति
द्वारा
माइक
से
श्रद्धालुओं
को
स्नान
के
दौरान
सावधानी
बरतने
की
सतत
मुनादी
भी
की
जा
रही
है।
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गिरफ्तार
इन
दिनों
मौसम
भी
खुशनुमा
होने
से
सुबह-शाम
बड़ी
संख्या
में
लोग
पूजन-दर्शन
और
स्नान
के
लिए
पहुंच
रहे
हैं।
बता
दें
कि
सरदार
सरोवर
बांध
परियोजना
के
चलते
राजघाट
डूब
क्षेत्र
में
शामिल
है।
यहां
वर्षाकाल
में
अगस्त
माह
में
बांध
भरने
पर
बैकवॉटर
का
लेवल
138
मीटर
तक
पहुंचता
है।
इसके
बाद
करीब
छह-सात
माह
तक
तटीय
क्षेत्र
जलमग्न
रहता
है।