Barwani Weather: देर रात आए आंधी तूफान ने बरपाया कहर, बिजली गिरने से नानी और नातिन की मौत

Barwani Weather: देर रात आए आंधी तूफान ने बरपाया कहर, बिजली गिरने से नानी और नातिन की मौत
Barwani Weather Late night storm wreaked havoc grandmother and granddaughter died due to lightning

घायल
का
इलाज
जारी


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश
में
शुक्रवार
देर
शाम
अचानक
हुई
बेमौसम
बारिश
ने
प्रदेश
के
कई
हिस्सों
में
कहर
बारपाया
है।
वहीं,
बड़वानी
जिले
के
सेंधवा
ब्लॉक
के
ग्रामीण
क्षेत्र
में
एक
आदिवासी
परिवार
के
घर
पर
बिजली
गिरने
से
दो
लोगों
की
मौत
हो
गई।
वहीं,
एक
अन्य
बालिका
इसमे
गंभीर
रूप
से
घायल
हो
गई
है,
जिसे
जिला
अस्पताल
रेफर
किया
गया
है।
क्षेत्र
के
आसपास
के
कई
गांवों
में
भी
इस
तेज
हवा
आंधी
और
बारिश
से
हुए
नुकसान
के
चलते
कई
लोगों
की
घरों
की
छतों
में
लगे
पतरे
और
छप्पर
उड़
गए
हैं।

बड़वानी
में सेंधवा
ब्लॉक
के
समीप
ग्राम
चाचरिया
गांव
के
नावाड
फालिए में
शुक्रवार
देर
रात
आकाशीय
बिजली
गिरने
से
एक
ही
परिवार
के
दो
लोगों
की
मौत
हो
गई। वहीं,
परिवार
की
ही
एक
मासूम
बालिका
भी
गंभीर
रूप
से
घायल
हो
गई।
मिली
जानकारी
के
अनुसार,
ग्राम
चाचरिया
के
केलपानी
क्षेत्र
की
निवासी
अम्मा
बाई
अपनी
दो
बेटियों
ललिता
और
भूरी
के
साथ
कुछ
दिन
पूर्व
ही
अपने
मायके
आई
हुई
थीं।
लेकिन
इसी
बीच
देर
रात
आए
आंधी
तूफान
और
तेज
हवा
के
साथ
बारिश
होने
के
बीच
बिजली
गिरने
से
फूंदिया
बाई
उम्र
45
वर्ष
एवं
उनकी
नातिन
ललिता
की
मौत
हो
गई।

वहीं,
परिवार
की
ही
एक
और
आठ वर्षीय
बालिका
भूरी
गंभीर
रूप
से
घायल
हो
गई
है,
जिसे
सेंधवा
के
सिविल
अस्पताल
ले
जाने
पर
प्राथमिक
उपचार
के
बाद
जिला
अस्पताल
के
लिए
रेफर
कर
दिया
गया
है।
इधर,
सेंधवा
के
ही
आसपास
के
कई
गांवों
में
भी
इस
तेज
हवा
आंधी
से
मकानों
के
छप्पर
और
पतरे
तक
उड़
गए।


घायल
बालिका
को
किया
जिला
अस्पताल
रेफर

वहीं,
मृतक
के
जंवाई
सुभाष
ने
बताया
कि
आज
तेज
बारिश
होने
से
घर
पर
बिजली
गिर
गई
थी,
जिसमें
मेरी
सास
पिंजारी
बाई
की
मृत्यु
हो
गई
है
और
मेरी
साली
की
लड़की
की
भी
मौत
हो
गई
है।
साली
की
ही
एक
और
छोटी
बच्ची
को
अस्पताल
में
भर्ती
किया
है,
जिसका
नाम
भूरी
है और
उसे
डॉक्टर
ने
बड़वानी
रेफर
करने
का
बोला
है।
वहीं,
स्थानीय
ग्रामीण
रेवा
ने
बताया
कि
गांव
में
आंधी
तूफान
आया
था और
बड़ी
जोर
से
हवा
आई
थी।
तो
ऊपर
से
छत
के
पतरे
उड़
गए और
तीन
कमरों
के
पूरे
के
पूरे
ही
पतरे
उड़
गए
हैं।
उस
वक्त
सभी
घर
में
थे,
लेकिन
किसी
को
कोई
चोट
नहीं
लगी
है।