
मध्यप्रदेश
में
बैतूल
जिले
के
अंतर्गत
आने
वाले
आठनेर
थाना
क्षेत्र
में
नाबालिग
बालक
की
हत्या
कर
शव
जंगल
में
फेंकने
के
सनसनीखेज
मामले
का
पुलिस
ने
पर्दाफाश
किया
है।
इस
मामले
में
एक
अपचारी
बालक
सहित
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
गया
है।
पुलिस
के
अनुसार,
हत्या
की
वजह
आपसी
रंजिश
और
संपत्ति
विवाद
बताया
जा
रहा
है।
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दरअसल,
झामलाल
वर्टी
(52),
निवासी
वनग्राम
छिंदवाड़ा
ने
19
मार्च
2025
को
आठनेर
थाने
में
रिपोर्ट
दर्ज
कराई
थी
कि
उसका
15
वर्षीय
पुत्र
14
मार्च
की
रात
करीब
10
बजे
गांव
के
रामजी
मर्सकोले
के
घर
की
छत
पर
सोया
था।
रात
करीब
11
से
12
बजे
के
बीच
वह
लापता
हो
गया।
पुलिस
ने
गुमशुदगी
दर्ज
कर
जांच
शुरू
की,
लेकिन
कोई
सुराग
नहीं
मिला।
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का
लाभ
लेने
के
लिए
इन
कागजात
का
होना
है
जरूरी,
31
मार्च
को
बंद
हो
जाएगा
पोर्टल
22
मार्च
को
सूचना
मिली
कि
ग्राम
ठेसका
के
जंगल
में
एक
अज्ञात
व्यक्ति
का
शव
पड़ा
है।
मौके
पर
पहुंचकर
पुलिस
ने
शव
बरामद
किया
और
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
अवगत
कराया।
पुलिस
अधीक्षक
निश्चल
एन झारिया,
अतिरिक्त पुलिस
अधीक्षक
कमला
जोशी
और एसडीओपी
भैंसदेही
भूपेंद्र
सिंह
मौर्य
के
निर्देशन
में
जांच
शुरू
हुई।
शव
की
पहचान
मृतक
के
पिता
और
ग्रामीणों
की
उपस्थिति
में
कराई
गई।
कपड़ों
और
अन्य
पहचान
चिह्नों
के
आधार
पर
पुष्टि
हुई
कि
यह
शव
झामलाल
वर्टी
के
नाबालिग
पुत्र
का
ही
है।
जांच
के
दौरान
संदेह
के
आधार
पर
मृतक
के
बुआ
के
बेटे
गोपाल
मर्सकोले
(24)
को
हिरासत
में
लेकर
पूछताछ
की
गई।
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भावना
हत्याकांड
के
दोनों
आरोपियों
ने
गोपाल
ने
बताया
कि
वह
मृतक
की
बहन
से
प्रेम
करता
था
और
परिवार
की
जमीन
हथियाने
के
लिए
उससे
शादी
करना
चाहता
था।
लेकिन
मृतक
इसमें
बाधा
बन
रहा
था,
जिससे
नाराज
होकर
उसने
अपने
साथी
मुकेश
पवार
और
एक
अपचारी
बालक
के
साथ
मिलकर
हत्या
की
साजिश
रची।
14
मार्च
की
रात
गोपाल,
मुकेश
और
अपचारी
बालक
ने
मृतक
को
बहाने
से
बुलाया
और
मोटर
साइकिल
(MH-27
CD-4159)
से
ठेसका
के
जंगल
ले
गए।
वहां
अपचारी
बालक
ने
मृतक
के
हाथ
पकड़
लिए,
मुकेश
ने
पत्थर
से
सिर
पर
वार
किया
और
गोपाल
ने
लकड़ी
से
हमला
कर
दिया।
जब
मृतक
की
सांसें
चल
रही
थीं,
तो
गोपाल
ने
लकड़ी
से
उसकी
गर्दन
दबाकर
हत्या
कर
दी।
शव
को
नाले
में
फेंकने
के
बाद
हत्या
में
प्रयुक्त
चप्पल,
लकड़ी
और
पत्थर
जंगल
में
फेंक
दिए
गए।
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को
बचाया
पुलिस
ने
तीनों
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
और
उनके
मेमोरेण्डम
के
आधार
पर
हत्या
में
प्रयुक्त
लकड़ी,
पत्थर
और
मृतक
की
चप्पल
बरामद
की।
आरोपियों
को
न्यायालय
में
पेश
किया
जाएगा।
बैतूल
एसपी
निश्चल
झारिया
का
कहना
है
कि
19
मार्च
को
एक
15
साल
के
बालक
के
गुम
होने
की
सूचना
प्राप्त
हुई
थी,
और
22
मार्च
को
आठनेर
थाना
क्षेत्र
में
एक
बालक
का
शव
मिला
था,
जिसकी
पहचान
गुम
हुए
बालक
के
रूप
में
परिजनों
ने
की
थी।
जांच
में
पाया
गया
कि
बालक
के
परिचितों
ने
ही
इसकी
हत्या
की
है,
जिसमें
एक
अपचारी
भी
शामिल
है।
घटना
के
पीछे
जो
मुख्य
कारण
सामने
आया
है,
यह
है
कि
मृतक
की
बहन
से
हत्या
करने
वाले
आरोपी
का
विवाह
होना
था
तो
संपत्ति
के
लालच
में
इस
घटना
को
अंजाम
दिया
गया।
तीन
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
गया
है,
जिसमें
एक
नाबालिग
है।