
साइबर
जालसाज
कभी
लॉटरी
के
नाम
पर
तो
कभी
किसी
निवेश
के
नाम
पर
देश
की
भोलीभाली
जनता
को
ठग
रहे
हैं।
साइबर
जालसाज
अपना
पैंतरा
भी
बदलते
रहते
हैं
और
ठगी
का
तरीका
भी।
बीते
महीनों
से
बदमाश
अब
शेयर
मार्केट
में
निवेश
के
नाम
पर
ठगी
कर
रहे
हैं।
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Trending
Videos
ऐसे
ही
एक
मामले
में
भोपाल
निवासी
व्यक्ति
से
शेयर
मार्केट
में
निवेश
के
नाम
पर
सवा
करोड़
की
ठगी
की
गई
है।
घटना
के
आठ
माह
बाद
भोपाल
साइबर
क्राइम
पुलिस
ने
पश्चिम
बंगाल
और
महाराष्ट्र
में
बैठकर
लोगों
से
की
जा
रही
ठगी
की
राशि
को
ठिकाने
लगाने
के
लिए
फर्जी
बैंक
खाते
उपलब्ध
कराने
वाले
गिरोह
के
पांच
बदमाशों
को
पश्चिम
बंगाल
के
कूच
बिहार
और
महाराष्ट्र
के
नागपुर
से
गिरफ्तार
किया
गया
है।
यह
आरोपी
अपने-अपने
क्षेत्र
के
लोगों
को
लालच
देकर
बैंक
खाते
खुलवाते
और
साइबर
ठगी
करने
वाले
गिरोह
को
बेच
दते
हैं।
भोपाल
में
हुई
सवा
करोड़
की
ठगी
की
राशि
इन्हीं
आरोपियों
के
द्वारा
साइबर
जालसाजों
को
बेचे
गए
बैंक
खातों
में
ट्रांसफर
हुई
है।
यह
जालसाज
अब
तक
कितने
बैंक
खाते
बेच
चुके
हैं
और
उन
बैंक
खातों
में
कितने
करोड़
का
ट्रांजेक्शन
हो
चुका
है,
पुलिस
यह
पता
लगाने
में
जुटी
है।
विज्ञापन
यह
भी
पढ़ें: “आई
एम
बीजेपी
फ्यूचर
फोर्स”
दो
दिवसीय
बूट
कैंप
29-30
मार्च
को
भोपाल
में
आयोजित
होगा
डीसीपी
क्राइम
अखिल
पटेल
ने
बताया
कि
भोपाल
निवासी
आनंद
सिंह
ने
जुलाई
2024
में
पुलिस
में
शिकायत
की
थी
कि
अप्रैल
2024
में
उनके
वाट्सएप
नंबर
को
अज्ञात
व्यक्ति
द्वारा
सी-57
नामक
वाट्सएप
ग्रुप
से
जोड़ा
गया।
इसके
बाद
उस
ग्रुप
पर
शेयर
मार्केट
में
निवेश
के
लिए
विज्ञापन
और
वेइसाइटों
की
लिंक
आना
शुरू
हो
गईं।
एक
दिन
अलग-अलग
मोबाइल
नंबर
से
वाट्सएप
पर
निवेश
के
नाम
पर
ऑफर
आए
और
केजी
अलवर्ड
नाम
की
महिला
ने
निवेश
के
संबंध
में
बात
की।
उसने
बताया
कि
मेरी
कंपनी
एस्स्ल
कंपनी
में
निवेश
कराकर
कम
समय
में
मोटा
मुनाफा
देती
है।
इसके
बाद
निवेश
के
लिए
एसीवीवीएल
ऑनलाइन
नामक
एप्लीकेशन
की
लिंक
भेजी,
जिसे
डाउनलोड
करने
के
बाद
उपयोग
करने
के
लिए यूजर
नेम
एवं
पासवर्ड
दिया
गया
था।
पैसे
जमा
करने
के
लिये
वाटसअप
पर
अकाउण्ट
नंबर
दिया
गया।
इसके
बाद
फरियादी
ने
शेयर
मार्केट
में
निवेश
के
नाम
पर
21
मई
2024
से
पांच जुलाई
2024
तक
करीब
एक
करोड़
22
लाख
पचास
हजार
रुपये निवेश
के
नाम
पर
जालसजों
द्वारा
बताए
गए
बैंक
खातों
और
ऑनलाइन
जमा
करा
दिए
गए।
यह
भी
पढ़ें: शराब
ठेका
आवंटन
में
गड़बड़ी,
रीवा
में
फर्जी
बैंक
गारंटी
के
जरिए
15
करोड़
की
धोखाधड़ी,
EOW
ने
दर्ज
की
FIR
प्रॉफिट
निकालना
चाहा
तो
पता
चला
ठगी
हो
गई
जालसाजों
ने
शेयर
मार्केट
में
मोटा
मुनाफा
कमाने
का
लालच
दिया
था।
फरियादी
आनंद
सिंह
ने
जुलाई
महीने
में
जब
प्रॉफिस
निकालना
चाहा
तो
जाजसालों
ने
बताया
कि
प्रॉफिट
का
20
प्रतिशत
आपको
जमा
करना
होगा।
इसके
पहले
विश्वास
जमाने
के
लिए
जालसाज
निवेश
की
गई
पूरी
रकम
भी
लौटा
चुके
थे।
इसके
बाद
फरियादी
को
ठगी
का
अहसास
हुआ
तो
उन्होंने
भोपाल
साइबर
क्राइम
पुलिस
के
पास
शिकायत
की
थी।
शिकायत
जांच
में
पता
चला
कि
पश्चिम
बंगाल
के
कूच
बिहार
और
महाराष्ट्र
के
नामपुर
के
जालसाजों
द्वारा
बेचे
गए
बैंक
खातों
में
राशि
ट्रांसफर
हुई
है।
मोटी
रकम
जमा
होते
ही
ऐप
से
विड्रॉल
बंद
कर
दकते
थे
डीसीपी
पटेल
ने
बताया
कि
जालसाज
इतने
शातिर
हैं
कि
ठगी
की
रकम
कम
रहती
है
तो
ऐप
के
जरिए
पैसे
निकालने
की
सुविधा
देते
हैं,
ताकि
फरियादी
को
उन
पर
विश्वस
जम
जाए।
विश्वास
जमने
के
बाद
फरियादी
जब
मोटी
रकम
निवेश
कर
देता
है
तो
आरोपी
टैक्स
के
नाम
पर
और
पैसो
की
मांग
करते
थे।
एप
पर
अधिक
पैसा
जमा
होने
पर
विथड्रोल
को
बंद
कर
देते
हैं।
और
लोगों
द्वारा
किए
गए
निवेश
को
अन्य
बैंक
खातों
में
ट्रांसफर
कर
देते
थे,
जिसके
बाद
निवेश
की
राशि
भी
नहीं
पता
चलती
थी।
यह
भी
पढ़ें: अवैध
खनन
अपने
चरम
पर, नेता
प्रतिपक्ष
बोले-ड्राइवर
ने
कबूला
मंत्री
के
बेटे
के
कहने
पर
चला
रहा
था
ट्रक
यह
आरोपी
पकड़ाए
पुलिस
ने
जांच
के
बाद
मुस्तफा
मुशारफ
हुसैन
पिता
अल्ताफ
हुसैन,
निहार
आलम
पिता
जहांगीर
आलम
एवं
आशीकुल
हक
पिता
अमीनुर
हक
को
कूचबिहार
एवं
तामस
गणेश
शेडमाके
पिता
गणेश
शेडमाके,
पिन्टू
सुरेश
सिंह
बैस
पिता
सुरेश
सिंह
बैंस
को
महाराष्ट्र
से
गिरफ्तार
किया
गया
है।
आरोपियों
के
पास
से
6
मोबाइल
फोन,
19
सिम
कार्ड,
12
एटीएम
कार्ड,
2
चेकबुक
और
बैंक
पासबुक
सहित
अन्य
दस्तावेज
जब्त
किए
गए
हैं।