
मध्यप्रदेश
के
मंत्री
विजय
शाह
द्वारा
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
के
खिलाफ
की
गई
अपमानजनक
टिप्पणी
और
उपमुख्यमंत्री
जगदीश
देवड़ा
की
सेना
पर
टिप्पणी
का
मामला
तूल
पकड़ता
जा
रहा
है।
आज
इसको
लेकर
मध्यप्रदेश
विधानसभा
के
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
और
CWC
मेम्बर
कमलेश्वर
पटेल
ने
कांग्रेस
विधायकों
के
साथ
कांग्रेस
मुख्यालय
भोपाल
में
प्रेस
वार्ता
को
संबोधित
किया।
इस
अवसर
पर
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
कहा
कि
विजय
शाह
ने
सेना
के
अधिकारी
का
अपमान
किया
लेकिन
उपमुख्यमंत्री
जगदीश
देवड़ा
उससे
एक
कदम
आगे
जाकर
पूरी
सेना
का
अपमान
कर
रहे
हैं।
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भाजपा
की
सरकार
तानाशाही
उमंग
सिंघार
ने
कहा
कि
भाजपा
की
सरकार
तानाशाही
कर
रही
है
और
जनप्रतिनिधियों
आमजन
की
भावनाओं
का
सम्मान
नहीं
कर
रही।
उन्होंने
कहा
कि
क्या
विजय
शाह
के
बयान
पर
मुख्यमंत्री
और
भाजपा
की
मौन
स्वीकृति
है।
आखिर
क्यों
विजय
शाह
से
अबतक
इस्तीफा
नहीं
लिया
गया।
वहीं
अब
जगदीश
देवड़ा
पर
भी
मुख्यमंत्री
और
प्रधानमंत्री
की
चुप्पी
बताती
है
कि
क्या
उनकी
इन
बयानों
से
मौन
स्वीकृति
है।
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भी
पढ़ें-मध्य
प्रदेश
में
45.8
डिग्री
पहुंचा
दिन
का
पारा,
कई
जिलों
में
छाए
बादल,
कल
से
चलेगी
लू
राज्यपाल
से
नहीं
मिला संतोषजनक
जवाब
नेता
प्रतिपक्ष
ने
आगे
कहा
कि
राज्यपाल
महोदय
से
मुलाकात
में
उन्होंने
कहा
कि
मैं
इस
बारे
में
बात
करूंगा
जब
हमे
संतोषजनक
जवाब
नहीं
मिला
तब
जाकर
हमने
धरना
दिया।
धरने
से
बौखलाई
सरकार
ने
पुलिस
के
जरिये
कांग्रेस
विधायकों
से
जबर्दस्ती
की।
ये
भाजपा
की
तानाशाही
नहीं
तो
और
क्या
है।
भाजपा
और
उनका
नेतृत्व
जनभावनाओं
का
भी
ख्याल
नहीं
कर
रहा।
उन्होंने
कहा
कि
भाजपा
हमेशा
राष्ट्रधर्म
की
बात
करती
है,
लेकिन
दूसरी
तरफ
उनके
मंत्री
राष्ट्र
की
सेना
का
अपमान
करते
हैं
लेकिन
फिर
भी
उनसे
इस्तीफा
नहीं
लिया
जा
रहा।
हमारी
मांग
है
कि
तत्काल
दोनों
मंत्रियों
का
इस्तीफा
लिया
जाए।
यह
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पढ़ें-कांग्रेस
विधायक
मसूद
ने
कर्नल
सोफिया
को
पत्र
लिखकर
मांगी
माफी,बोले-मंत्री
के
बयान
से
पूरा
देश
शर्मिंदा
मंत्रियों
को
बचाने
में
लगे
सीएम
वहीं
CWC
मेम्बर
कमलेश्वर
पटेल
ने
भी
सरकार
पर
जमकर
हमला
बोला
उन्होंने
कहा
कि
विजय
शाह
ने
भारत
की
बेटी
और
जांबाज़
सैन्य
अधिकारी
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
पर
भद्दी
टिप्पणी
की।
यह
न
सिर्फ़
देश
की
फौज,
बल्कि
उसकी
सेक्युलर
परंपरा
और
महिला
अफसरों
की
गरिमा,
तीनों
पर
सीधा
हमला
था।
यही
नहीं
मुख्यमंत्री
की
चुप्पी
बताता
है
कि
वो
अपने
मंत्रियों
को
बचाने
में
लगे
हैं।
प्रेसवार्ता
के
बाद
कांग्रेस
कार्यकर्ताओं
के
नेतृत्व
में
अपमानजनक
टिप्पणी
करने
वाले
मंत्री
का
पुतला
भी
दहन
किया
गया।