धरने
पर
बैठे
संविदा
कर्मचारी
और
उनका
परिवार
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
नीति
का
लाभ
नहीं
मिलने
से
नाराज
कुक्कुट
विकास
निगम
के
कर्मचारी
नया
साल
शुरू
होते
ही
धरने
पर
बैठ
गए
हैं।
खास
बात
यह
है
कि
इस
विरोध
प्रदर्शन
में
कर्मचारी
पूरे
परिवार
समेत
जिसमें
छोटे
बच्चे
भी
शामिल
है
धरने
पर
बैठ
हैं।
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संविदा
कर्मचारी
वेतन
वृद्धि
आदेश
जारी
करवाने
की
मांग
को
लेकर
मुख्यालय
के
सामने
परिवार
सहित
लगातार
दूसरे
दिन
धरने
पर
बैठे
रहे।
6
महीने
में
नहीं
जारी
हुआ
आदेश
दअरसल
19
जुलाई
2024
को
प्रमुख
सचिव
गुलशन
बावरा
की
अध्यक्षता
में
हुई
बोर्ड
बैठक
में
यह
निर्णय
लिया
गया
था
कि
संविदा
कर्मचारियों
को
22
जुलाई
2023
को
जारी
संविदा
नीति
का
लाभ
दिया
जाएगा,
लेकिन
6
महीने
बीत
जाने
के
बावजूद
वेतन
वृद्धि
आदेश
आज
तक
जारी
नहीं
किए
गए
हैं।
इससे
नाराज
होकर
संविदा
कर्मचारी
नए
साल
से
धरने
पर
बैठ
गए
हैं।
खास
बात
यह
है
कि
यह
संविदा
कर्मचारी
अपने
छोटे
बच्चों
और
पत्तियों
के
साथ
धरने
पर
बैठे
हैं।
जबकि
राजधानी
में
इस
समय
कड़ाके
की
ठंड
भी
पड़
रही
है।
कर्मचारियों
का
कहना
है
कि
जब
तक
उनकी
मांगे
नहीं
पूरी
होगी
तब
तक
आंदोलन
जारी
रहेगा।
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वेतन
वृद्धि
नहीं
होने
से
कम
पैसों
में
करना
पड़
रहा
है
गुजारा
प्रदर्शन
कर
रहे प्रणय
सक्सेना ने
बताया
कि
वेतन
वृद्धि
आदेश
न
होने
के
कारण
संविदा
कर्मचारियों
को
10,000
से
15,000
रुपए
के
वेतन
में
गुजारा
करना
पड़
रहा
है।
वेतन
वृद्धि
आदेश
की
फाइल
पिछले
डेढ़
महीने
से
मंत्रालय
(वल्लभ
भवन)
में
अटकी
है।
उन्होंने
सवाल
उठाया
कि
जब
बोर्ड
की
बैठक
में
प्रमुख
सचिव
की
अध्यक्षता
में
निर्णय
लिया
जा
चुका
था,
तो
फाइल
को
मंत्रालय
भेजने
की
जरूरत
ही
नहीं
थी।
मांगे
पूरी
होने
तक
जारी
रहेगा
प्रदर्शन
धरना
स्थल
पर
संविदा
कर्मियों
ने
अपनी
मांगों
को
लेकर
सरकार
से
तुरंत
समाधान
की
गुहार
लगाई।
उन्होंने
कहा
कि
उनकी
वर्षों
की
मेहनत
और
सेवा
को
नजरअंदाज
किया
जा
रहा
है,
और
अब
इस
उपेक्षा
के
खिलाफ
आवाज
उठाना
जरूरी
हो
गया
है।
संविदा
कर्मियों
ने
इस
आंदोलन
को
अपने
अधिकारों
की
लड़ाई
करार
देते
हुए
कहा
कि
जब
तक
उनकी
मांगों
को
पूरा
नहीं
किया
जाता,
तब
तक
यह
धरना
जारी
रहेगा।
धरने
में
बड़ी
संख्या
में
संविदा
कर्मचारी,
उनके
परिवार
और
अन्य
समर्थन
करने
वाले
लोग
शामिल
हो
रहे
हैं।
ठंड
के
बावजूद
उनकी
हिम्मत
और
संघर्ष
भावना
देखते
ही
बनती
है।