
मध्य
प्रदेश
में
बढ़
रहे
लव
जिहाद
के
मामलों
के
बाद
राज्य
साइबर
पुलिस
मुख्यालय
प्रदेश
ने
छात्राओं
और
महिलाओं
के
लिए
एडवाइजरी
जारी
की
है।
एडवाइजरी
में
बताया
गया
है
कि
कैसे
फर्जी
प्रेमजाल
में
फंसाकर
युवतियों
को
नशा,
यौन
शोषण
और
ब्लैकमेलिंग
का
शिकार
बनाया
जा
रहा
है।
खासकर
सोशल
मीडिया
के
जरिए
लड़कियों
को
अपराधी
अपने
जाल
में
फंसा
रहे
हैं।
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Trending
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इन
लड़कियों
को
बनाते
हैं
शिकार
साइबर
पुलिस
की
एडवाइजरी
के
मुताबिक
अपराधी
स्कूल,
कॉलेज
या
कोचिंग
सेंटर
में
पढ़ने
वाली
छात्राओं
से
सोशल
मीडिया
पर
दोस्ती
करते
हैं।
कई
बार
वे
पर्सनली
भी
मिलकर
कनेक्ट
होने
की
कोशिश
करते
हैं।
ऐसे
लोग
खुद
को
रईस
और
फैशनेबल
दिखाते
हैं।
लग्जरी
कार,
महंगे
मोबाइल
और
अच्छी
लाइफस्टाइल
दिखाकर
लड़कियों
को
झांसे
में
लेते
हैं
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एडवाइजरी
के
मुख्य
बिंदु
–
आपत्तिजनक
फोटो/वीडियो
मोबाइल
में
न
रखें।
–
अनजान
से
सोशल
मीडिया
पर
दोस्ती
न
करें।
–
दिखावटी
लक्जरी
लाइफस्टाइल
के
झांसे
में
न
आएं।
–
ऑनलाइन
दोस्त
से
अकेले
न
मिलें।
–
घटना
होते
ही
1930
पर
थाने
या
में
शिकायत
करें।
महिलाएं
भी
गिरोह
में
रहती
हैं
शामिल
इन
फर्जी
प्रेमियों
के
साथ
कई
बार
गिरोह
की
महिलाएं
भी
होती
हैं।
पीड़िता
का
भरोसा
जीतने
में
ये
महिलाएं
ही
मदद
करती
हैं।
शुरुआत
में
उनका
व्यवहार
हेल्पिंग
होता
है।
यही
कारण
है
कि
लड़कियां
उनपर
जल्दी
विश्वास
कर
लेती
हैं।अपराधी
युवतियों
को
पब,
होटल
या
ढाबों
में
लेकर
जाते
हैं,
जहां
नशे
की
लत
लगाने
की
कोशिश
की
जाती
है।
नशे
की
हालत
में
उनके
साथ
यौन
शोषण
किया
जाता
है।
यह
भी
बताया
गया
है
कि
इन
जगहों
पर
छिपाकर
कैमरे
लगाए
जाते
हैं।
कैमरों
से
लड़कियों
के
वीडियो
रिकॉर्ड
किए
जाते
है।
यह
भी
पढ़ें-पत्नी
ने
ससुराल
जाने
से
इंकार
किया
तो
जिंदा
जलाया,
फिर
अधेड़
पति
ने
खुद
को
आग
लगा
ली,
दोनों
की
मौत
वीडियो
से
ब्लैकमेलिंग
कर
बनाते
हैं
दबाव
वीडियो
और
अश्लील
फोटो
के
जरिए
युवतियों
को
ब्लैकमेल
किया
जाता
है।
अपराधी
दूसरी
लड़कियों
को
भी
साथ
लाने
का
दवाब
बनाती
है।
इसके
बाद
उन
पर
भी
यही
दोहराया
जाता
है।
कई
मामलों
में
महिलाओं
पर
शादी
और
धर्मांतरण
का
दबाव
भी
बनाया
गया
है।
यहां
तक
कि
उन्हें
देह
व्यापार
में
भी
धकेला
जा
सकता
है।
राज्य
साइबर
पुलिस
मुख्यालय
भोपाल
ने
साफ
कहा
है
कि
इस
तरह
के
मामलों
में
डरें
नहीं।
अगर
किसी
छात्रा
या
महिला
को
किसी
ने
ब्लैकमेल
किया
है
तो
तुरंत
शिकायत
करें।
समय
पर
जानकारी
देने
से
बड़े
अपराध
रोके
जा
सकते
हैं।