Bhopal:भोपाल में 9 सूत्रीय मांग को लेकर बिजली कर्मियों का प्रदर्शन,बोले-संविदा कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित


राजधानी
भोपाल
में
रविवार
को बिजली
कर्मचारियों
ने
9
सूत्री
मांगों
को
लेकर
प्रदर्शन
किया। यह
धरना
प्रदर्शन
नीलम
पार्क
में
यूनाइटेड
फोरम
फॉर
पावर
एम्पलाई
एंड
इंजीनियर्स
के
बैनर
तले
किया
गया।
जिसमें
बिजली
विभाग
के
संविदा
कर्मियों
की
नियमितीकरण
को
लेकर
सरकार
के
प्रति
नाराजगी
जताई।


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5
हजार
संविदा
कर्मचारियों
को
समायोजित
किया
जाए

इस
दौरान
फोरम
के
अध्यक्ष
वीकेएस
परिहार
ने
कहा
कि
हम
शासन
से
लगातार
मांग
कर
रहे
हैं
कि
संविदा
कर्मियों
को
नियमित
किया
जाए।
हाल
ही
में
सरकार
ने
जो
नया
ऑर्गेनाइजेशन
स्ट्रक्चर
पास
किया
है,
उसमें
50
हजार
नई
पोस्ट
शामिल
हैं।
हमारी
मांग
है
कि
पहले
से
विभाग
में
काम
कर
रहे
5
हजार
संविदा
कर्मचारियों
को
ही
इनमें
समायोजित
किया
जाए,
उसके
बाद
नई
भर्ती
की
जाए।
ये
कर्मचारी
अनुभवी
हैं
और
कई
साल
से
सेवाएं
दे
रहे
हैं।


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मंत्री
शिवराज
की
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संवेदनशीलता,
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युवक
के
लिए
रूकवाया
काफिला,
अस्पताल
पहुंचाया


विभाग
के
लिए
स्थानांतरण
नीति
बनाई
जाए

परिहार
ने
कहा
कि
बिजली
विभाग
में
पहले
से
काम
कर
रहे
आउटसोर्स
कर्मियों
को
भी
50%
आरक्षण
मिलना
चाहिए।
इसके
साथ
ही
विभाग
के
लिए
स्थानांतरण
नीति
बनाई
जाए,
जिससे
कर्मचारियों
को
पारदर्शी
व्यवस्था
का
लाभ
मिल
सके।
उन्होने
कहा
कि
बीते
एक
साल
से
बातचीत
का
इंतजार
कर
रहे
हैं,
लेकिन
शासन
की
ओर
से
कोई
ठोस
पहल
नहीं
हुई।
यह
प्रदर्शन
शासन
का
ध्यान
आकर्षित
करने
का
एक
प्रयास
है।
यदि
अक्टूबर
माह
तक
हमारी
मांगों
पर
निर्णय
नहीं
लिया
गया,
तो
फोरम
बड़ा
आंदोलन
करेगा।
बिजली
विभाग
में
करीब
5
हजार
संविदा
कर्मचारी
कार्यरत
हैं।
ये
सभी
कर्मचारी
लिखित
परीक्षा,
इंटरव्यू
और
मेरिट
प्रक्रिया
से
चयनित
हुए
हैं,
लेकिन
नियमितीकरण

होने
के
चलते
वे
भविष्य
को
लेकर
चिंतित
हैं।


यह
भी
पढ़ें-एमपी
में
बारिश
का
दौर
जारी, खजुराहो
में
9
घंटे
में
6.3
इंच
गिरा
पानी, औसत
से
75%
अधिक
बारिश
दर्ज


वेतन
की
विसंगतियां
व्याप्त

यूनाइटेड
फोरम
के
कार्य
अध्यक्ष
आरएस
कुशवाह
ने
बताया
की
विद्युत
विभाग
में
विभिन्न
वर्गों
में
वेतन
की
विसंगतियां
व्याप्त
है
ARO,
कंपनी
कैडर
के
नियमित
कार्यालय
सहायक
एवं
परीक्षण
सहायक
संविदा
आदि
की
वेतन
में
वर्षों
से
विसंगति
चली

रही
है
जिसका
निराकरण
कंपनी
स्तर
पर
किया
जा
सकता
है
किंतु
छोटी-छोटी
समस्याओं
को
समय
रहते
निराकरण

करने
के
कारण
हमें
मजबूर
होकर
धरातल
पर
उतरकर
ध्यान
आकर्षण
जैसे
कार्य
कार्यक्रमों
की
आवश्यकता
पड़ती
है।


इन
9
मांगों
को
लेकर
आंदोलन


1-

संविदा
कर्मचारियों
को
सीधे
नियमित
किया
जाए।

2-

बिजली
कंपनियों
में
गृह
जिला
ट्रांसफर
(कंपनी
टू
कंपनी)
नीति
बनाई
जाए।

3-

संविदा
नीति
2023
में
महंगाई
भत्ता
DA,
इंक्रीमेंट
जोड़ा
जाए।

4-

राजस्व
सहायक
अधिकारी
एवं
कार्यालय
सहायक
उच्च
शिक्षा
प्राप्त
समकक्ष
पद
पर
तकनीकी
पद
दिया
जाए।
प्रथम
हायर
स्केल
दिया
जाए।

5-

मध्य
क्षेत्र
में
संविदा
परीक्षण
सहायक
की
वेतन
विसंगति
दूर
की
जाए।

6-

संविदा
नीति
2023
में
पूर्व
से
निर्धारित
भर्ती
में
50%
आरक्षण
दिया
जाए।

7-

राष्ट्रीय
अवकाश
एवं
उत्सव
अवकाश
में
संविदाकर्मियों
को
काम
करने
पर
दोगुना
मानदेय
दिया
जाए।

8-

नियमित
कर्मियों
के
समान
नियम
अनुसार
9,
18,
35
वर्ष
पूर्ण
करने
पर
उच्च
वेतनमान
एवं
प्रमोशन
दिया
जाए।

9-

शासकीय
सेवा
में
संविदा
से
सीधी
भर्ती
होने
पर
3
वर्ष
की
परीक्षा
अवधि
70,
80
और
90
नियमावली
को
समाप्त
किया