
1984
की
गैस
त्रासदी
मामले
में
अमेरिकी
कंपनी
डाउ
केमिकल्स
पर
मुकदमा
चलाने
की
मांग
को
लेकर
बुधवार
को
भोपाल
की
न्यायिक
मजिस्ट्रेट
प्रथम
श्रेणी
(JMFC)
हेमलता
अहिरवार
की
अदालत
में
सुनवाई
हुई।
यह
सुनवाई
1
घंटा
40
मिनट
तक
चली। इस
दौरान
सीबीआई
(CBI)
की
ओर
से
अधिवक्ता
मनफूल
विश्नोई
जबकि
सामाजिक
संगठन
भोपाल
ग्रुप
फॉर
इन्फॉर्मेशन
एंड
एक्शन
की
ओर
से
वरिष्ठ
अधिवक्ता
अवि
सिंह
और
प्रसन्ना
पेश
हुए।
वहीं,
डाउ
केमिकल
की
तरफ
से
वरिष्ठ
अधिवक्ता
सिद्धार्थ
लुथरा
और
रविंद्र
श्रीवास्तव
कोर्ट
में
पेश
हुए।
विज्ञापन
Trending
Videos
कोर्ट
ने
मामले
की
अगली
सुनवाई
23
अगस्त
2025
को
निर्धारित
की
है।
इसमें
डाउ
केमिकल
का
अधिकार
क्षेत्र
के
मुद्दे
पर
तर्क
प्रस्तुत
करने
के
लिए
आदेश
किया
गया
है।
सुनवाई
के
बाद
भोपाल
ग्रुप
फॉर
इन्फॉर्मेशन
एंड
एक्शन
की
रचना
डिंगरा
ने
कहा
कि
डाउ
केमिकल्स
की
दलीलें
केवल
सुनवाई
को
टालने
की
कोशिश
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
एक
ओर
कंपनी
यह
कहती
है
कि
वह
अमेरिकी
संस्था
है
और
भारतीय
अदालत
को
उस
पर
कार्रवाई
का
अधिकार
नहीं,
वहीं
दूसरी
ओर
वह
इसी
अदालत
में
अधिकार
क्षेत्र
को
लेकर
आपत्ति
भी
दर्ज
करा
रही
है।
यह
मामला
गैस
त्रासदी
के
पीड़ितों
को
न्याय
दिलाने
के
उद्देश्य
से
डाउ
केमिकल्स
को
उत्तरदायी
ठहराने
के
लिए
भारत
में
अभियोजन
की
कार्यवाही
शुरू
करने
को
लेकर
दायर
याचिकाओं
से
जुड़ा
है।
विज्ञापन