Bhopal: कोरोना के वेरिएंट जानने एम्स में जीनोम सीक्वेंसिंग,नहीं शुरू हो पाई RT-PCR जांच, नेता प्रतिपक्ष का तंज


मध्य
प्रदेश
में
कोरोना
के
मामले
तेजी
से
बढ़
रहे
हैं।
लेकिन
अभी
तक
आरटी-पीसीआर
जांच
शुरू
नहीं
हो
पाई
है
इधर
एम्स
भोपाल
कोरोना
का
कौन
सा
वेरिएंट
भोपाल
में
पाया
जा
रहा
है
इसकी
जानकारी
के
लिए
जीनोम
सीक्वेंसिंग
के
लिए
सैंपल
लिए
हैं,
इसकी
रिपोर्ट
सोमवार
तक
आएगी।
इधर
प्रदेश
में
आरटी-पीसीआर
जांच
शुरू
नहीं
होने
को
लेकर
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
सरकार
को
घेरा
है।


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पॉजिटिव
मामलों
की
संख्या
अब
169

प्रदेश
में
एक
दिन
पहले
कोरोना
के
27
नए
मामले
सामने
आए
हैं।
यह
इस
साल
एक
दिन
में
मिले
सबसे
ज्यादा
केस
हैं।
अब
राज्य
में
कुल
पॉजिटिव
मामलों
की
संख्या
अब
169
हो
गई
है,
जिसमें
से
120
सक्रिय 
मामले
हैं।
46
लोग
ठीक
हो
चुके
हैं,
लेकिन
इस
साल
अब
तक
3
मौतें
भी
दर्ज
की
गई
हैं।
इसके
अलावा
प्रदेश
की
राजधानी
में
कोरोना
के
8
एक्टिव
केस
हैं।
जिसमें
से
दो
नए
केस
शुक्रवार
को
सामने
आए।


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में
खंगाला
कपड़ा
व्यापारी
का
घर


करोड़ों
की
मशीनें
धूल
खा
रही

नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
कहा
है
कि प्रदेश
में
कोरोना
के
मामले
फिर
तेजी
से
बढ़
रहे
हैं।
सिर्फ
इंदौर
में
ही
92
संक्रमित
मरीज,
पूरे
प्रदेश
में
150
से
ज़्यादा
एक्टिव
केस
और
अब
तक
कोरोना
से
3
लोगों
की
मौत
हो
चुकी
है।
लेकिन
प्रदेश
की
भाजपा
सरकार
अब
भी
गहरी
नींद
में
है।
ना
RTPCR
टेस्ट
हो
रहे
हैं,ना
मेडिकल
कॉलेजों
की
वायरोलॉजी
लैब
काम
कर
रही
हैं।करोड़ों
की
मशीनें
धूल
खा
रही
हैं,स्टाफ
को
हटा
दिया
गया
है,और
अब
जांच
बंद
होने
से
सही
आंकड़े
तक
सामने
नहीं

पा
रहे
हैं।
सिंघार
ने
कहा
कि
हम
पहले
ही
कोरोना
से
सैकड़ों
जिंदगियां
खो
चुके
हैं।
अब
फिर
से
संक्रमण
बढ़
रहा
है।
अगर
सरकार
और
स्वास्थ्य
विभाग
ने
समय
रहते
गंभीरता
नहीं
दिखाई,
तो
प्रदेश
में
हालात
फिर
से
भयावह
हो
सकते
हैं। 


नेता
प्रतिपक्ष
ने
पूछे
सवाल 


क्या
सरकार
जानबूझकर
आंकड़े
छिपा
रही
है?

क्या
कोरोना
की
वापसी
का
स्वागत
हो
रहा
है?

क्या
प्रदेश
सरकार
फिर
से
सैकड़ों
जानें
जाने
का
इंतजार
कर
रही
है?

जिन
कोरोना
योद्धाओं
ने
महामारी
के
समय
जान
की
परवाह
किए
बिना
सेवा
दी,
उन्हें
आज
“बजट
का
हवाला”
देकर
बाहर
कर
दिया
गया।


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बोर्ड
10वीं
12वीं
की
द्वितीय
परीक्षा
की
तैयारी
पूरी,
बोर्ड
ने
जारी
किया
प्रवेश
पत्र


 सरकार
से
मांग 

1-सभी
वायरोलॉजी
लैब्स
को
तत्काल
शुरू
किया
जाए
2-
आरटी-पीसीआर
जांच
हर
जिले
में
अनिवार्य
की
जाए!
3-
निकाले
गए
स्वास्थ्यकर्मियों
को
फिर
से
बहाल
कर
स्थायी
किया
जाए!