
अशोकनगर
में 8
जुलाई
को
कांग्रेस
के
प्रदर्शन
को
देखते
हुए
कानून
व्यवस्था
के
लिए
पुलिस
बल
को
कार्यकर्ता
की
भीड़
को
रोकने
की
व्यवस्था
करने
के
आदेश
जारी
किया
गया
है।
जिला
प्रशासन
के
आदेश
पर
कांग्रेस
ने
सवाल
उठाये
हैं।
कांग्रेस
ने
कहा
कि
आदेश
विपक्ष
को
कुचलने
वाला
है।
प्रदेश
कांग्रेस
कार्यालय
में
रविवार
को
पार्टी
के
प्रदेश
मीडिया
प्रभारी
मुकेश
नायक
ने
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
की।
इस
दौरान
उन्होंने
कहा
कि
अशोकनगर
जिला
प्रशासन
कांग्रेस
कार्यकर्ताओं
को
रोकने
के
लिए
दमनात्मक
तरीके
अपना
रहा
है।
बाहर
से
आने
वाले
कार्यकर्ताओं
के
लिए
होटल,
रेस्ट
हाउस,
गेस्ट
हाउस
तक
उपलब्ध
नहीं
कराए
जा
रहे
हैं।
यहां
तक
कि
लगभग
1000
अतिरिक्त
पुलिसकर्मियों
की
तैनाती
कर
दी
गई
है।
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संकटकालीन
स्थिति
में
लागू
होता
ऐसा
आदेश
मुकेश
नायक
ने कहा
कि
प्रशासन
ने
जिस
अधिनियम
के
तहत
यह
आदेश
जारी
किया
है,
वह
किसी
संकटकालीन
स्थिति
में
लागू
होता
है।
लेकिन
कांग्रेस
कार्यकर्ता
तो
खुद
पुलिस
का
सहयोग
कर
रहे
हैं
और
गिरफ्तारी
देने
को
तैयार
हैं।
नायक
ने
कहा
कि जीतू
पटवारी
के
खिलाफ
दर्ज
की
गई
FIR
को
निराधार
बताया।
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वीडियो
पब्लिक
डोमेन
पर
मौजूद
उन्होंने
कहा
कि
अशोक
नगर
में
एक
युवक
को
कुछ
लोगों
ने
मारपीट
कर
मल
खिलाया
था।
इसके
बाद
उस
युवक
ने
जगह
-जगह
जाकर
न्याय
की
गुहार
लगाई,
लेकिन
उसे
न्याय
नहीं
मिला।
जिसका
वीडियो
पब्लिक
डोमेन
पर
मौजूद
भी
है।
लेकिन
जब
एक
विपक्ष
के
नेता
जीतू
पटवारी
ने
उसकी
बात
सुनी
तो
पुलिस
ने
आरोपियों
को
पकड़ने
के
बजाए
उन्हीं
के
खिलाफ
शिकायत
दर्ज
कर
दी।
इससे
पता
चलता
है
कि
यह
सरकार
विपक्षी
नेताओं
को
निशाना
बनाकर
लोकतांत्रिक
अधिकारों
को
कुचल
रही
है।
2
हजार
से
ज्यादा
कार्यकर्ताओं
के
घर
रुकने
की
व्यवस्था
मुकेश
नायक
ने
कहा
कि
अशोकनगर
के
2000
से
ज्यादा
कार्यकर्ताओं
ने
अपने
घरों
के
बाहर
कांग्रेस
का
घर
लिख
दिया
है।
साथ
ही
जीतू
पटवारी
समेत
कई
कांग्रेस
नेता
8
जुलाई
को
ही
अशोक
नगर
पहुंचेंगे।
इससे
पता
चलता
है
कि
कांग्रेस
किसी
पर
निर्भर
नहीं
है।
वह
एकजुट
होकर
लड़ेगी।
मुकेश
नायक
ने
कहा
कि
कांग्रेस
का
आंदोलन
कोई
नई
बात
नहीं
है।
जब
मैं
युवा
कांग्रेस
का
अध्यक्ष
था,
तब
हमने
एक
दिन
में
89
हजार
लोगों
की
गिरफ्तारी
दी
थी।
चार
स्टेडियमों
को
अस्थायी
जेल
बनाना
पड़ा
था,
लेकिन
कहीं
कोई
हिंसा
नहीं
हुई।
ब्रिटिश
शासनकाल
जैसी नीति
मुकेश
नायक
ने
कहा
कि
यह
वही
नीति
है,
जैसी
ब्रिटिश
शासनकाल
में
थी।
जैसे
झांसी
की
रानी
के
शासनकाल
में
अंग्रेजों
ने
डॉक्ट्रिन
ऑफ
लैप्स
लागू
कर
झांसी
पर
कब्जा
किया
था।
यह
अधिनियम
आपदा
के
समय
लागू
होता
है,
आंदोलन
कुचलने
के
लिए
नहीं।.नायक
ने
विधायक
निर्मला
सप्रे
की
वायरल
ऑडियो
पर
कहा
ऑडियो
की
भाषा
इतनी
आपत्तिजनक
है
कि
उसे
सार्वजनिक
रूप
से
दोहराया
नहीं
जा
सकता।
उन्होंने
मांग
की
कि
विधायक
के
खिलाफ
आपराधिक
मामला
दर्ज
किया
जाए।