
मध्यप्रदेश
में
एमपी
बोर्ड
की
परीक्षाएं
शुरु
हो
गई
हैं।
गुरुवार
को
10वीं
कक्षा
के
हिंदी
विषय
का
पेपर
था।
इसमें
करीब
9.50
लाख
परीक्षार्थी
शामिल
हुए।
परीक्षा
का
समय
9
बजे
से
निर्धारित
था।
परीक्षार्थियों
को
परीक्षा
सेंटर
पर
एक
घंटे
पहले
पहुंचने
के
निर्देश
दिए
गए
थे।
सेंटर
पर
8.40
के
बाद
पहुंचने
वाले
विद्यार्थियों
को
परीक्षा
हाल
में
जाने
की
अनुमति
नहीं
दी
गई।
भोपाल
के
एक
स्कूल
में
एग्जाम
के
दौरान
ही
व्यवस्थाएं
गड़बड़ा
गई।
जिससे
करीब
एक
घंटे
तक
छात्र
और
अभिभावक
परीक्षा
केंद्र
पर
परेशान
होते
रहे।
यहां
तय
समय
से
आधे
घंटे
देरी
से
परीक्षा
शुरु
हुई।
हालांकि
जिम्मेदाराों
का
कहना
था
कि
कोई
परेशानी
नहीं
हुई।
परीक्षा
देकर
बाहर
निकले
विद्यार्थियों
ने
कहा
कि
हिन्दी
का
पेपर
काफी
सरल
था।
वहीं
कुछ
विद्यार्थियों
ने
कहा
कि
समय
कम
होने
के
कारण
कुछ
प्रश्न
छूट
गए।
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इस
केंद्र
पर
बिगड़ी
व्यवस्था
भोपाल
के
ईदगाह
हिल्स
स्थित
मौलाना
आजाद
हायर
सेकंडरी
स्कूल
में
पेपर
देने
पहुंचे
छात्रों
के
बैठने
के
लिए
पर्याप्त
व्यवस्था
नहीं
थी।
जिससे
परीक्षार्थी
अस्त
व्यस्थ
हो
गए।परीक्षा
कक्ष
में
सुबह
8.40
बजे
एंटी
करनी
थी,
लेकिन
सुबह
9
बजे
तक
लोग
परीक्षा
कक्ष
ढूंढने
में
परेशान
होते
रहे।
अभिभावकों
का
आरोप
है
कि
स्कूल
प्रबंधन
की
लापरवाही
के
कारण
बच्चों
को
परेशान
होना
पड़ा।
करीब
9.20
बजे
छात्रों
को
पेपर
बांटे
गए।
हालांकि
इस
मामले
भोपाल
के
जिला
शिक्षा
अधिकारी
नरेंद्र
कुमार
अहिरवार
ने
बताया
कि
जिले
के
सभी
परीक्षा
केंद्रों
में
तय
समय
पर
परीक्षाएं
शुरु
हुई।
परीक्षा
केंद्रों
की
जिला
स्तर
पर
निरंतर
निगरानी
की
जा
रही
है।
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इस
तरह
के
पूछे
गए
सवाल
दसवी
के
हिन्दी
के
प्रश्नपत्र
में स्वच्छ
भारत
स्वस्थ
भारत
पर
अनुच्छेद
पर
सवाल
पूछा
गया
था।
वहीं
इसके
3
नंबर
निर्धारित
किए
गए
हैं।
वहीं
एक
प्रश्न
में
पूछा
गया
कि
राम-लक्ष्मण-परशुराम
संवाद
पाठ
के
आधार
पर
राम
के
स्वभाव
की
दो
विशेताएं
बताईए।इसके
दो
नंबर
निर्धारित
किए
गए
हैं।
इसी
प्रकार
बिसमिल्ला
खां
को
शहनाई
वादन
के
लिए
भारत
रत्न
मिला,
नेता
जी
सुभाष
चंद्र
बोस
की
प्रतिमा
कहां
लगाई
गई
है।
परशुराम
ने
किसका
वध
किया
आदि
सवाल
पूछ
गए
थे।
काफी
सरल
रहा
पेपर
भोपाल
के
नेहरू
नगर
के
कोपल
स्कूल
में
परीक्षा
देकर
निकले
राघवेन्द्र
ने
बताया
कि
पेपर
काफी
सरल
था।
सभी
प्रश्न
के
उत्तर
लिख
कर
आया
हूं।
एक
और
छात्र
शिवकुमार
ने
बताया
कि कुछ
प्रश्न
में
समझ
नहीं
आए,
लेकिन
ओवरआल
ठीक
रहा।
इसी
प्रकार
तनु
यादव
ने
बताया
कि
हिंदी
का
पहला
पेपर
औसत
रहा।
जितनी
तैयारी
की
थी,
उसी
में
से
आया।
हालांकि
लिखने
में
देरी
के
कारण
पूरे
प्रश्न
नहीं
हल
कर
सके।
बता
दें
कि
मध्यप्रदेश
में
कक्षा
12वीं
की
बोर्ड
परीक्षा
25
फरवरी
से
शुरु
हुई
है।
जबकि
27
फरवरी
को
कक्षा
10वीं
का
पहला
पेपर
रहा।
दोनों
ही
परीक्षा
ओं
में
मध्यप्रदेश
के
करीब
16.50
लाख
परीक्षार्थी
शामिल
हो
रहे
हैं।
इनके
लिए
प्रदेश
में
3,887
परीक्षा
केंद्र
बनाए
गए
हैं।
16
लाख
से
अधिक
विद्यार्थी
दे
रहे
परीक्षा
इस
साल
हाईस्कूल
(कक्षा
10वीं)
परीक्षा
में
9
लाख
53
हजार
777
छात्र
एवं
हायर
सेकेंडरी
(कक्षा
12वीं)
परीक्षा
में
7
लाख
6
हजार
475
छात्र
शामिल
हो
रहे
हैं।
कुल
परीक्षार्थियों
की
संख्या
16
लाख
60
हजार
252
है।
बोर्ड
परीक्षा
के
लिए
प्रदेशभर
में
3,887
परीक्षा
केंद्र
बनाए
गए
हैं।