
मरीज
परेशान
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
त्योहारों
के
मौसम
में
तीन
दिन
की
लगातार
सरकारी
छुट्टी
होने
से
सरकारी
अस्पतालों
की
ओपीडी
में
इलाज
के
लिए
आने
वाले
मरीजों
की
परेशानी
बढ़
गई
है।
सीरियस
मरीजों
को
केवल
इमरजेंसी
में
सामान्य
इलाज
किया
जा
रहा
है।
अलग-अलग
बीमारियों
से
पीड़ित
अस्पताल
पहुंचने
वाले
मरीजों
को
बगैर
इलाज
वापस
लौटना
पड़
रहा
है।
गौरतलब
है
कि
मध्यप्रदेश
की
राजधानी
के
चार
बड़े
अस्पताल
हमीदिया
एम्स
जयप्रकाश
जिला
चिकित्सालय
(जेपी)
और
कैलाश
नाथ
काटजू
अस्पताल
की
ओपीडी
में
हर
दिन आठ
हजार
के
करीब
मरीज
इलाज
करने
पहुंचते
हैं। अब
ऐसे
में
इन
मरीजों
की
परेशानी
बढ़ती
जा
रही
है।
दरअसल,
रविवार
की
छुट्टी
के
बाद
सोमवार
को
ओपीडी
चालू
थी।
इसके
बाद
मंगलवार
को
गुड़ी
पड़वा
बुधवार
को
चैटीचांद
और
गुरुवार
को
ईद
की
छुट्टी
है।
इस
वजह
से
अस्पताल
की
ओपीडी
बंद
है।
हालांकि,
जिला
अस्पताल
जेपी
के
अधीक्षक
डॉ.
राकेश
श्रीवास्तव
का
कहना
है
कि
बुधवार
को
दो घंटे
के
लिए
ओपीडी
चालू
की
गई
थी।
लेकिन
मरीजों
को
जानकारी
नहीं
होने
की
वजह
से
संख्या
काफी
कम
पहुंची।
आयुष
जूनियर
डॉक्टरों
के
सहारे
जेपी
का
इमरजेंसी
राजधानी
भोपाल
का
मॉडल
अस्पताल
कहा
जाने
वाला
जेपी
में
चिकित्सकों
की
कमी
पूरी
नहीं
हो
पा
रही।
जहां
तीन
दिन
की
छुट्टी
होने
के
कारण
ओपीडी
बंद
है।
ऐसे
में
इमरजेंसी
सेवा
चालू
है,
लेकिन
यहां
की
इमरजेंसी
भी
आयुष
जूनियर
डॉक्टरों
के
सहारे
चल
रही
है।
इमरजेंसी
में
सीनियर
डॉक्टर
नहीं
पहुंच
रहे।
जानकारी
के
लिए
बता
दें
कि
आयुर्वेद,
होमियोपैथी
और
नेचुरोपैथी
की
पढ़ाई
करने
वाले
जूनियर
डॉक्टर
जेपी
अस्पताल
में
प्रैक्टिस
करने
के
लिए
आते
हैं
और
अस्पताल
प्रबंधंन
इन
डॉक्टरों
को
इमरजेंसी
में
ड्यूटी
करवाता
है।
सरकारी
अस्पतालों
की
ओपीडी
-
एम्स
अस्पताल
भोपाल-
50000 -
हमीदिया
हॉस्पिटल-
2000 -
जेपी
अस्पताल
भोपाल-
1500 -
काटजू
हॉस्पिटल
भोपाल-
500
इनका
कहना
है…
अस्पताल
में
तीन
दिन
सरकारी
छुट्टी
होने
की
वजह
से
ओपीडी
बंद
है।
बुधवार
को
हमने
दो
घंटे
के
लिए
ओपीडी
चालू
किया
था, काफी
मरीजों
का
इलाज
किया
गया।
अस्पताल
में
24
घंटे
इमरजेंसी
सेवा
चालू
है
और
सभी
डॉक्टर
भी
अपने
ड्यूटी
में
पहुंच
रहे
हैं।
जूनियर
डॉक्टर
केवल
उनकी
सहायता
के
लिए
रहते
हैं।
डॉ.
राकेश
श्रीवास्तव,
अधीक्षक,
जेपी
अस्पताल
भोपाल