
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट
(जीआईएस)
को
लेकर
राजधानी
भोपाल
को
जहां
चारों
तरफ
से
स्वच्छ
कर
सजाया
संवारा
जा
रहा
है,
वहीं,
राजाभोज
और
रानी
कमलापति
की
भोपाल
में
स्थापित
प्रतिमाओं
से
छेड़छाड़
का
मामला
सामने
आया
है।
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ऑटिफिशियल
इंटेलीजेंस
(एआई)
का
प्रयोग
कर
दोनों
की
प्रतिमाओं
से
छेड़छाड़
की
गई।
एआई
का
प्रयोग
कर
बनाई
गई
रील
को
सोशल
मीडिया
में
अपलोड
किया
गया
है,
इसकी
भनक
लगते
ही
प्रदेश
सरकार
के
मंत्री
विश्वास
सारंग
और
सामाजिक
संगठन
के
पदाधिकारियों
ने
पुलिस
अधिकारियों
से
संज्ञान
लेकर
कार्रवाई
करने
की
मांग
की
है।
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विरासत
से
छेड़छाड़
बर्दाश्त
नहीं
की
जाएगी
सामाजिक
संगठनों
के
पदाधिकारियों
ने
कहा
कि
सोशल
मीडिया
के
जमाने
में
इस
तरह
भोपाल
की
विरासत
से
छेड़छाड़
को
बर्खास्त
नहीं
किया
जाएगा।
उल्लेखनीय
है
कि
राजाभोज
की
प्रतिमा
बड़े
तालाब
के
अंदर
वीआईपी
रोड
के
पास
स्थापित
की
गई
है।
वहीं,
छोटे
तालाब
के
किनारे
रानी
कमलापति
की
प्रतिमा
स्थापित
की
गई
है।
मंत्री
विश्वास
सारंग
ने
कहा
कि
मैंने
पुलिस
महानिदेशक
को
तत्काल
दोषियों
के
खिलाफ
कार्रवाई
करने
को
कहा
है।
वो
हमारे
महापुरुष
हैं,
हम
उन्हें
पूजते
हैं।
उनके
बारे
में
इस
तरह
की
अनर्गल
रील
बनाना
कानून
और
मान्यताओं
के
खिलाफ
है।
तकनीक
का
गलत
उपयोग
समाज
में
गलत
संदेश
देता
है।
सोशल
मीडिया
में
आने
वाली
अनर्गल
रीलों
को
अन्य
यूजर्स
को
भी
शेयर
करने
से
बचना
चाहिए
ताकि
दोषियों
को
प्रोत्साहन
न
मिल
सके।