पति
संदल
सक्सेना
और
पीड़िता
उर्वशी
सक्सेना
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
एक
शिक्षक
पर
समाज
को
संस्कारों
से
रूबरू
कराने
और
उनके
साथ
जीवन
मंत्र
अपनाने
का
जिम्मा
होता
है।
लेकिन
शिक्षक
ही
नैतिकता
के
तकाजों
को
छोड़कर
अनैतिकता
और
अधर्मिता
के
घोड़े
पर
सवार
हो
जाए
तो
ऐसे
शिक्षक
से
तालीम
लेकर
निकले
विद्यार्थियों
के
जीवन
की
कल्पना
की
जा
सकती
है।
राजधानी
भोपाल
की
ऐसी
ही
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
ने
रिश्तों
की
मर्यादाओं
को
तार-तार
कर
दिया
है।
अपने
दांपत्य
जीवन
को
सहेजकर
न
रख
पाने
वाली
यह
शिक्षिका
अब
अपने
बच्चों
को
भी
उसी
राह
पर
बढ़ाने
पर
आमादा
हैं।
खुद
के
जीवन
में
रिश्तों
के
बिखराव
के
कई
मामले
कानूनी
हालात
से
होकर
थाने
कचहरी
तक
जा
चुकी
हैं।
अब
अपने
बेटे
संदल
सक्सेना
के
साथ
भी
वही
हालात
दोहराए
जा
रहे
हैं।
इस
स्थिति
ने
सालभर
की
एक
मासूम
बच्ची
को
जिंदगी
की
दुश्वारियों
से
भर
दिया
है।

शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
और
ननद
सरगम
यह
हैं
शिक्षिका
रिश्तों
की
मर्यादाओं
को
बिखेरने
वाली
यह
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
राजधानी
के
सीएम
राइस
स्कूल
कमला
नेहरू
गर्ल्स,
न्यू
मार्केट
की
प्राचार्य
हैं।
पहले
पति
से
अलगाव
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
उस
समय
अपने
पति
से
अलग
हो
गईं,
जब
उनके
दोनों
बच्चे
संदल
और
सरगम
छोटे
थे
और
उन्हें
पिता
के
संरक्षण
की
नितांत
आवश्यकता
थी।
एक
बेटी
और
एक
बेटे
की
परवरिश
को
बेहतर
बनाने
की
बजाए
उक्त
शिक्षिका
ने
अपनी
मर्जी
मुताबिक
जिंदगी
जीना
चुना।शिक्षित
परिवार
में
दहेज
प्रताड़ना
और
भाई
की
जिंदगी
में
दखल
देने
के
आरोप
भी
इन
शिक्षिका
पर
हैं।
उनकी
भाभी
ने
उनके
खिलाफ
अदालती
कार्रवाई में
इन
शिक्षिका
को
भी
शामिल
किया
है।
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विज्ञापन
अब
बच्चों
की
राह
वही
जैसे
संस्कार,
वैसा
व्यवहार
की
कहावत
को
चरितार्थ
करते
हुए
इन
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
के
पढ़े
लिखे
बेटे
संदल
सक्सेना
ने
अपनी
पत्नी
उर्वशी
के
साथ
रिश्ते
बनाए
हैं।
नौकरी
पेशा
बीवी
को
दहेज
के
लिए
प्रताड़ित
करना,
उसको
शराब
पीने
के
लिए
विवश
करना,
अशिक्षित
लोगों
की
तरह
मारपीट
करना
इसके
दमन
चक्र
का
हिस्सा
हैं।
हालात
यहां
तक
भी
बने
कि
शिक्षिका
की
लाचार
बहू अपनी
एक
साल
की
बेटी
को
लेकर
अलग
रहने
पर
मजबूर
है।
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बेटी
भी
मां
के
नक्श-ए-कदम
पर
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
ने
अपने
भाई
के
रिश्तों
में
खलल
डालकर
विकट
हालात
बनाए
थे।
अब
इनकी
बेटी
सरगम
भी
अपनी
भाभी
उर्वशी
के
साथ
वही
सब
दोहरा
रही
हैं।
शादीशुदा
होने
के
बावजूद
यह
बहन
अपने
पति
निनाद
भागवत
से
ज्यादा
भाई
की
जिंदगी
में
दखल
रखती
हैं।
पति
पत्नी
के
रिश्तों
में
अलगाव
बनाने
में
इनकी
अहम
भूमिका
है।
पुलिस
से
लेकर
विभाग
तक
जाने
की
तैयारी
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना,
उनके
बेटे
संदल
सक्सेना,
बेटी
सरगम
और
बेटी
के
पति
निनाद
से
पीड़ित
उर्वशी
सक्सेना
का
आरोप
है
कि
महिला
थाने
में
की
गई
शिकायत
को
आर्थिक
लेनदेन
से
दबाने
की
कोशिश
की
जा
रही
है।
परामर्श
के
नाम
पर
एक
तरफा
कार्यवाही
की
जा
रही
है।
अब
उर्वशी
इस
मामले
की
शिकायत
पुलिस
मुख्यालय
जाकर
आला
अधिकारियों
को
करने
की
तैयारी
कर
रही
है।
उर्वशी
ने
कहा
कि
वे
शिक्षिका
के
इन
मामलों
को
लेकर
शिक्षा
विभाग
के
अधिकारियों
के
पास
भी
जाएंगी।
उनका
कहना
है
कि
वे
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
सामने
भी
अपनी
व्यथा
लेकर
जाएंगी।
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कुछ
कहने
से
बच
रहीं
शिक्षिका
इस
मामले
में
बात
करने
के
लिए
शिक्षिका
संगीता
सक्सेना
से
उनके
मोबाइल
पर
संपर्क
किया
गया।
उनसे
व्हाट्सएप
पर
उनका
अधिकृत
वर्जन
लेने
की
कोशिश
भी
की
गई,
लेकिन
उन्होंने
कुछ
भी
कहने
में
रुचि
नहीं
दिखाई।
भोपाल
से
खान
आशु
की
रिपोर्ट