
सीबीआई
के
दफ्तर
पहुंचे
एनएसयूआई
नेता
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
मध्यप्रदेश
में
हुए
नर्सिंग
कॉलेज
में
फर्जीवाड़ा
थमने
का
नाम
नहीं
ले
रहा
है।
मध्यप्रदेश
हाईकोर्ट
के
निर्देश
पर
सीबीआई
ने
308
नर्सिंग
कॉलेज
की
जांच
की
थी,
जिसमें
169
नर्सिंग
कॉलेजों
को
सूटेबल
और
66
को
अनसूटेबल
बताया
गया
था।
73
नर्सिंग
कॉलेज
में
कमियां
बताई
थीं,
लेकिन
अब
सीबीआई
की
जांच
पर
ही
सवाल
खड़े
हो
रहे
हैं।
एनएसयूआई
मेडिकल
विंग
ने
एनएसयूआई
नेता
रवि
परमार
के
नेतृत्व
में
सोमवार
को
सीबीआई
के
क्षेत्रीय
कार्यालय
पहुंचकर
क्षेत्रीय
निदेशक
को
ज्ञापन
सौंपा
गया।
इसमें
फर्जी
नर्सिंग
कॉलेजों
की
जांच
रिपोर्ट
में
सूटेबल
बताए
गए
नर्सिंग
कॉलेजों
की
रिपोर्ट
सार्वजनिक
कर
पुनः
जांच
करने
की
मांग
की
गई।
साथ
ही
मांग
की
है
कि
सीबीआई
भी
अगर
जांच
के
नाम
पर
सिर्फ
लीपापोती
करेगी
तो
फिर
आम
नागरिक
किसके
ऊपर
भरोसा
करेगा
?
परमार
ने
ज्ञापन
में
कहा
कि
सीबीआई
द्वारा
नर्सिंग
कॉलेजों
की
जांच
कर
रिपोर्ट
प्रस्तुत
की
गई,
लेकिन
भोपाल
के
कई
कॉलेज
ऐसे
हैं
जिनको
सीबीआई
की
रिपोर्ट
में
सूटेबल
बताया
गया
है।
जबकि
हकीकत
कुछ
और
ही
है।
रवि
ने
भोपाल
के
एपीएस
नर्सिंग
एकेडमी,
मेहको
नर्सिंग
कॉलेज,
अरविंदों
नर्सिंग
कॉलेज,
मलय
नर्सिंग
कॉलेज
की
जांच
में
लीपापोती
का
आरोप
लगाते
हुए
कहा
कि
सीबीआई
द्वारा
प्रस्तुत
रिपोर्ट
में
इन
सभी
कॉलेज
को
सूटेबल
बताया
गया
है
जबकि
यह
सभी
कॉलेज
नियम
विरुद्ध
संचालित
हो
रहे
हैं।
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नर्सिंग
कॉलेजों
की
किया
जाए
दोबारा
निरीक्षण
परमार
ने
कहा
कि
एनएसयूआई
आपसे
मांग
करती
है
कि
इन
नर्सिंग
कॉलेजों
की
निरीक्षण
रिपोर्ट
सार्वजनिक
कर
पुनः
निरीक्षण
करवाया
जाए
और
फर्जी
निरीक्षण
रिपोर्ट
तैयार
कर
जमा
करने
वाले
अधिकारियों
पर
कार्रवाई
करने
के
निर्देश
दें,
जिससे
स्वतंत्र
जांच
एजेंसी
की
कार्रवाई
पर
आम
जनमानस
का
विश्वास
बना
रहे।