
मध्य
प्रदेश
में
कोरोना
के
नए
वेरिएंट
के
मरीज
लगातार
बढ़
रहे
हैं,
जबकि
विभाग
इसे
लेकर
सीरियस
नहीं
दिख
रहा
है।
प्रदेश
में
अभी
तक
कोरोना
को
लेकर
कोई
गाइडलाइन
जारी
नहीं
हुई
है।
प्रदेश
में
अब
तक
123
मरीज
मिल
चुके
हैं
वहीं
राजधानी
भोपाल
की
बात
करें
तो
यहां
13
मरीज
सामने
आए
हैं
लेकिन
यहां
के
सरकारी
अस्पतालों
में
RT-PCR
जांच
के
लिए
किट
उपलब्ध
नहीं
है।
लोगों
को
निजी
लैबों
का
सहारा
लेना
पड़
रहा
है।
जांच
महंगी
होने
के
कारण
लोग
कोरोना
के
लक्षण
होने
पर
भी
जांच
नहीं
कर
रहे
हैं।
इधर
भोपाल
के
नए
सीएमएचओ
डॉ.
मनीश
शर्मा
गरुवार
को जेपी
अस्पताल
का
निरीक्षण
किया
और
अस्पताल
में
कोविड
वार्ड
की
तैयारियों
का
जायजा
लिया। निरीक्षण
के
दौरान,
जेपी
अस्पताल
के
सिविल
सर्जन
डॉ.
राकेश
श्रीवास्तव
ने
CMHO
को
बताया
कि
पीएसए
प्लांट
को
ठीक
कराने
की
आवश्यकता
है।
इस
पर
डॉ.
शर्मा
ने
तत्काल
प्लांट
की
मरम्मत
के
लिए
निर्देश
दिए।
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पीएसए
प्लांट
को
ठीक
कराने
की
आवश्यकता
निरीक्षण
के
दौरान,
जेपी
अस्पताल
के
सिविल
सर्जन
डॉ.
राकेश
श्रीवास्तव
ने
सीएमएचओ
को
बताया
कि
पीएसए
प्लांट
को
ठीक
कराने
की
आवश्यकता
है।
इस
पर
डॉ.
शर्मा
ने
तत्काल
प्लांट
की
मरम्मत
के
लिए
निर्देश
दिए।
उन्होंने
कोविड
सैंपल
कलेक्शन
की
व्यवस्था
का
भी
निरीक्षण
किया।
सैंपलिंग
रूम
तो
संतोषजनक
पाया
गया,
लेकिन
उन्होंने
हर
जगह
सैनिटाइजर
रखने
के
निर्देश
दिए।
इधर,
कोलार
स्वास्थ्य
केंद्र
समेत
जिले
के
अन्य
अस्पतालों
में
लगाए
गए
ऑक्सीजन
प्लांट
भी
बंद
पड़े
हैं।
किसी
में
ऑक्सीजन
की
प्योरिटी
तय
स्तर
से
कम
आ
रही
है
तो
किसी
में
इलेक्ट्रिकल
फॉल्ट
है।
इन
अस्पतालों
ने
मेंटेनेंस
के
लिए
जिला
स्वास्थ्य
विभाग
को
पत्र
भेजा
है।
विज्ञापन
डेटा
की
सुरक्षा
सुनिश्चित
की
जाए
डॉ.
मनीश
शर्मा
ने
सीसीटीएनएस
(क्राइम
एंड
क्रिमिनल
ट्रैकिंग
नेटवर्क
एंड
सिस्टम्स)
से
जुड़े
ऑनलाइन
एमएलसी
(मेडिको-लीगल
केस)
बनाने
की
प्रक्रिया
को
भी
समझा।
उन्होंने
संबंधित
अधिकारियों
से
कहा
कि
एमएलसी
की
ऑनलाइन
रिपोर्टिंग
में
किसी
भी
तरह
की
देरी
नहीं
होनी
चाहिए
और
डेटा
की
सुरक्षा
सुनिश्चित
की
जानी
चाहिए।
डॉ.
मनीष
शर्मा
ने
स्टाफ
से
सीधे
संवाद
किया
और
मरीजों
को
दी
जा
रही
सुविधाओं
के
बारे
में
जानकारी
ली।
उन्होंने
डॉक्टरों
से
कहा
कि
वे
मरीजों
के
साथ
संवेदनशीलता
से
पेश
आएं।
डॉ.
शर्मा
ने
जोर
देकर
कहा
कि
प्यार
से
बात
करने
पर
ही
मरीज
आधा
ठीक
हो
जाता
है
और
आधा
आपकी
गोली
देने
के
बाद।
स्वास्थ्य
विभाग
नहीं
जारी
कर
रहा
आंकड़े
प्रदेश
में
कोरोना
की
स्थिति
को
लेकर
इंटिग्रेटेड
डिजीज
सर्विलेंस
प्रोग्राम
द्वारा
अब
जिलेवार
आंकड़े
जारी
नहीं
किए
जा
रहे
हैं,
जबकि
अन्य
राज्य
अभी
भी
रोजाना
हेल्थ
बुलेटिन
जारी
कर
रहे
हैं।
भोपाल
सीएमएचओ
डॉ
मनीष
शर्मा
का
कहना
है
कि
हमें
अभी
तक
ऊपर
से
कोई
ऐसी
गाइडलाइन
जारी
नहीं
की
गई
है।
जैसे
ही
ऊपर
से
निर्देश
होंगे
हम
जांच
शुरू
कर
देंगे।
उन्होंने
बताया
कि
भोपाल
में
अभी
4
कोरोना
पॉजिटिव
मरीज
एक्टिव
हैं
हालांकि
कोई
सीरियस
नहीं
है
दो
मरीजों
को
आज
छुट्टी
दी
जा
सकती
है।