Bhopal: बाढ़ से निपटने भोपाल के बड़े तालाब में NDRF, SDRF और सेना ने की मॉक ड्रिल, टीम ने किया लाइव रेस्क्यू


मध्य
प्रदेश
की
राजधानी
भोपाल
के
बड़े
तालाब
में
शुक्रवार
को
NDRF
(राष्ट्रीय
आपदा
प्रतिक्रिया
बल),
SDRF
(राज्य
आपदा
प्रतिक्रिया
बल)
और
भारतीय
सेना
की
संयुक्त
टीम
ने
बाढ़
से
बचाव
और
राहत
अभियान
को
लेकर
एक
मॉक
ड्रिल
की। डेमोंस्ट्रेशन
के
दौरान
SDRF
की
टीम
ने
बाढ़
प्रभावित
इलाकों
की
तरह
पानी
में
फंसे
लोगों
को
सुरक्षित
निकालने
का
अभ्यास
किया।
टीम
के
सदस्य
तालमेल
के
साथ
बोट
में
सवार
होकर
पानी
के
बीच
पहुंचे
और
डूबते
व्यक्ति
की
लोकेशन
ट्रेस
कर
उसे
बचाया।
यह
दिखाया
गया
कि
किस
तरह
SDRF
टीम
वायरलेस
और
कॉलिंग
के
जरिए
एक-दूसरे
से
समन्वय
करती
है
और
हर
एक्शन
प्लान
को
टीम
भावना
से
अंजाम
देती
है।


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मॉक
ड्रिल
का 
यह
था
उद्देश्य

 अधिकारियों
ने
बताया
कि
इस
मॉक
ड्रिल
का
उद्देश्य
आपात
स्थिति
में
तुरंत
और
समन्वित
प्रतिक्रिया
सुनिश्चित
करना,
बचाव
और
राहत
कार्यों
में
दक्षता
बढ़ाना
और
विभिन्न
एजेंसियों
के
बीच
सहयोग
और
समन्वय
को
मजबूत
करना
था।
इस
संयुक्त
अभ्यास
में
बाढ़
की
स्थिति
को
ध्यान
में
रखते
हुए
राहत,
खोज
और
बचाव
कार्यों
का
प्रदर्शन
किया
गया।


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आधुनिक
तकनीकों
के
उपयोग
का
प्रदर्शन

 इस
दौरन
पेड़ों
से
घिरे
घरों
में
फंसे
लोगों
को
बचाना
और
नावों
और
रस्सियों
की
मदद
से
उन्हें
बचाने
जैसी
आपात
स्थितियों
से
निपटने
का
अभ्यास
किया।
NDRF-SDRF
और
सेना
के
जवानों
की
टीम
ने
बाढ़
राहत
उपकरणों
और
आधुनिक
तकनीकों
का
उपयोग
करके
अपनी
तैयारियों
का
प्रदर्शन
किया।


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स्थितियों
से
निपटने
किया
अभ्यास

अतिरिक्त
मुख्य
सचिव
(गृह),
जेएन
कंसोटिया
ने
कहा
कि
आज
हमारी
सेना
और
SDRF
(राज्य
आपदा
प्रतिक्रिया
बल)
टीम
द्वारा
एक
मॉक
ड्रिल
की
गई।
बाढ़
की
स्थितियों
से
निपटने
और
इससे
प्रभावित
लोगों
को
बचाने
के
प्रयास
किए
गए।
इस
मॉक
ड्रिल
में
अलग-अलग
परिस्थितियां
बनाई
गईं,
जैसे
किसी
टापू
पर
फंसे
व्यक्ति
को
बचाना,
पानी
या
पेड़ों
से
घिरे
घर
में
फंसे
व्यक्ति
को
बचाना।
हमारे
सेना
के
जवानों
ने
मॉक
ड्रिल
में
अभ्यास
किया।
जरूरत
पड़ने
पर
प्रशासन
फील्ड
ऑपरेशन
के
दौरान
सेना
की
सहायता
लेता
है,
जिससे
लोगों
की
जान
बचाने
में
मदद
मिलती
है।
SDRF
टीम
को
भी
इससे
मदद
मिलती
है।