
मध्यप्रदेश
में
वर्तमान
समय
में
बदलती
मांग
और
जरूरतों
को
देखते
हुए
विद्यार्थियों
को
व्यावसायिक
शिक्षा
से
भी
जोड़ने
की
अनूठी
पहल
की
जा
रही
है।
यह
नवाचार
समग्र
शिक्षा
अभियान
लोक
शिक्षण
संचालनालय
भोपाल
(डीपीआई)
द्वारा
किया
जा
रहा
है।
शैक्षणिक
सत्र
2025-26
से
लगभग
700
अतिरिक्त
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालयों
को
व्यावसायिक
शिक्षा
अंतर्गत
लाए
जाने
की
पहल
की
जा
रही
है।
इसके
लिए
प्रस्ताव
बनाकर
भारत
सरकार
को
भेजा
गया
था,
जिसे
मंजूरी
मिल
गई
है।
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विद्यालयों
की
संख्या
3000
से
अधिक
स्कूल
शिक्षा
विभाग
के
सहायक
संचालक
और
समग्र
शिक्षा
अभियान
अंतर्गत
व्यावसायिक
शिक्षा
के
प्रभारी
अभिनव
आर्य
ने
बताया
कि
वर्तमान
के
2383
विद्यालयों
में
यह
पाठ्यक्रम
पूर्व
से
संचालित
हैं।
नए
प्रस्ताव
को
मंजूरी
मिलने
के
बाद
कुल
व्यावसायिक
शिक्षा
संचालित
विद्यालयों
की
संख्या
3000
से
अधिक
हो
जाएगी।
आर्य
ने
बताया
कि
वर्तमान
सत्र
में
व्यावसायिक
पाठ्यक्रमों
में
कुल
नामांकित
विद्यार्थियों
की
संख्या
4
लाख
6
हजार
585
है।
इन
विद्यार्थियों
को
14
ट्रेड
एवं
30
जॉब
रोल्स
के
तहत
शिक्षा
दी
जा
रही
है।
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लिए
भेजा
गया
था
प्रस्ताव
21वीं
शताब्दी
की
मांग
और
बदलते
परिदृश्य
को
देखते
हुए
नवीनतम
जॉब
रोल्स
जैसे
वेब
डेवलपर,
उन्नत
कृषि
को
बढ़ावा
देने
हेतु
कृषि
ट्रेड
अंतर्गत
किसान
ड्रोन
ऑपरेटर,
डेयरी
एंटरप्रेन्योर,
डेरी
फार्मर,
कन्स्ट्रकशन
ट्रेड
के
अंतर्गत
सहायक
राजमिस्त्री,
एवं
निर्माण
पेंटर
एंड
डेकोरेटर,
अपेरल
ट्रेड
के
अंतर्गत
असिस्टेंट
डिजाइनर,
फैशन,
होम
एंड
मेकअप,
आफिस
एडमिनिस्ट्रेशन
एंड
फेसिलिटी
के
अंतर्गत
आफिस
असिस्टेंट
एवं
सीक्रेटरी
के
जॉब
रोल्स
प्रारम्भ
किए
जाना
प्रस्तावित
है।
इसके
लिए
प्रस्ताव
भारत
सरकार
को
भेजा
गया
था।
अब
इसे
ही
मंजूरी
मिली
है।
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पर
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से
सौदेबाजी
ऑनलाइन
शॉर्ट
टर्म
व्यावसायिक
कोर्स
होंगे
शुरू
असिस्टेंट
डॉयरेक्टर,
समग्र
शिक्षा
अभियान,
भोपाल
के अभिनव
आर्य
ने
बताया
कि वर्तमान
समय
की
मांग
और
भविष्य
के
बदलावों
को
देखते
हुए
विद्यार्थियों
में
स्किल्स
डेवलपमेंट
के
लिए
ऑनलाइन
शॉर्ट
टर्म
व्यावसायिक
कोर्स
संचालित
किए
जाने
के
लिए
भी
प्रयास
किए
जा
रहे
हैं।
वर्तमान
में
प्रति
विद्यालय
2
ट्रेड
में
व्यावसायिक
शिक्षा
प्रदान
की
जाती
है,
जिसके
अंतर्गत
व्यावसायिक
कौशल
के
साथ
साथ
रोजगार
कौशल
विषय
भी
पढ़ाया
जाता
है।
प्रत्येक
विद्यालय
में
संबंधित
ट्रेड
की
उन्नत
लैब
स्थापित
की
जाती
है
एवं
औद्योगिक
भ्रमण,
अतिथि
व्याख्यान,
80
घंटे
की
ऑन
द
जॉब
ट्रेनिंग
आदि
के
माध्यम
से
व्यावहारिक
ज्ञान
भी
दिया
जाता
है।