
मध्य
प्रदेश
सरकार
के
मंत्री
विजय
शाह
द्वारा
भारतीय
सेना
की
अधिकारी
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
के
खिलाफ
दिए
गए
बयान
पर
मध्य
प्रदेश
की
राजनीति
में
भूचाल
आ
गया
है।
कांग्रेस
की
सभी
नेता
एक
के
बाद
एक
मंत्री
शाह
पर
हमलावर
हो
गए।
प्रदेश
कांग्रेस
अध्यक्ष
जीतू
पटवारी
पीसीसी
में
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
कर
विजय
शाह
के
इस
बयान
को
देश
का
अपमान
बताया
और
उनका
इस्तीफा
मांगा।
वहीं
मध्य
प्रदेश
विधानसभा
नेता
प्रतिपक्ष
उमंग
सिंघार
ने
भी
वीडियो
जारी
कर
मंत्री
जमकर
हमला
बोला।
जबकि
पूर्व
केंद्रीय
मंत्री
अरुण
यादव
ने
ट्वीट
कर
शाह
के
बयान
पर
तंज
कसा
है।
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यह
था
मंत्री
शाह
का
बयान
मानपुर
में
आयोजित
हलमा
कार्यक्रम
में
मंत्री
शाह
ने
पहलगाम
हमले
का
जिक्र
करते
हुए
कहा
कि
जिन
आंतकियों
ने
पहलगाम
में
लोगों
को
मारा,
उनके
कपड़े
उतरवाए।
उन
आंतकियों
ने
हमारी
बहनों
का
सिंदूर
उजाड़ा। प्रधानमंत्री
ने
उन्हीं
की
बहन
को
भेजकर
उनकी
ऐसी-तैसी
करवाई।
बयान
को
लेकर
जब
राजनीति
गरमा
गई
तो
उन्होंने
कहा
कि
हमारी
बहनों
का
सिंदूर
उजाड़ने
वाले
वालों
को
हमने
उन्हीं
की
भाषा
में
जवाब
दिया
है।
विज्ञापन
आतंकवादियों
की
बहन
कहा
Pcc
चीज
जीतू
पटवारी
ने
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
कर
कहा
कि
प्रदेश
के
मंत्री
विजय
शाह
के
बयान
की
देशभर
में
निंदा
हो
रही
है।
मऊ
में
सार्वजनिक
मंच
से
दिए
गए
इस
बयान
में
उन्होंने
कर्नल
सोफिया
को
“आतंकवादियों
की
बहन
और
पाकिस्तानियों
की
बहन
कहकर
न
केवल
उनकी
गरिमा
को
ठेस
पहुंचाई,
बल्कि
भारतीय
सेना
और
देश
की
उन
सभी
बेटियों
का
अपमान
किया
है
जो
राष्ट्र
सेवा
के
लिए
अपना
सर्वस्व
न्योछावर
करने
को
तैयार
रहती
हैं।
सैन्य
गरिमा,
राष्ट्रीय
एकता
और
महिला
सम्मान
पर
खुला
प्रहार
जीतू
पटवारी
ने
कहा
कि
विजय
शाह
का
यह
बयान
केवल
एक
व्यक्ति
पर
हमला
नहीं,
बल्कि
भारत
की
सैन्य
गरिमा,
राष्ट्रीय
एकता
और
महिला
सम्मान
पर
खुला
प्रहार
है।
कर्नल
सोफिया
कुरैशी,
जो
2016
में
फोर्स
18
जैसे
बहुराष्ट्रीय
सैन्य
अभ्यास
में
भारत
का
नेतृत्व
कर
चुकी
हैं,
और
जिनकी
तीन
पीढियां
सेना
की
सेवा
में
समर्पित
रही
हैं,
उनके
खिलाफ
इस
प्रकार
की
बयानबाजी
हर
भारतीय
का
अपमान
है।
यह
भी
पढ़ें-16
को
इंदौर
में
रीजनल
ग्रोथ
कॉन्क्लेव,
कल
CM
बेगलुरु
में
इन्वेस्ट
इन
MP
रोड
शो
में
निवेशकों
से
चर्चा
करेंगे
खामोशी
साफ
दर्शाती
है
कि
सरकार
इस
बयान
से
सहमत
पटवारी
ने
कहा
कि
सबसे
अधिक
निराशाजनक
है
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
और
भारतीय
जनता
पार्टी
की
खामोशी।
न
तो
कोई
आधिकारिक
प्रतिक्रिया,
न
ही
मंत्री
को
बर्खास्त
करने
की
कोई
कार्रवाई
की
गई
यह
चुप्पी
साफ
दर्शाती
है
कि
क्या
सरकार
इस
बयान
से
सहमत
है?
क्या
“भारत
माता
की
जय”
कहने
वाली
पार्टी
के
लिए
सेना
का
अपमान
बर्दाश्त
करने
योग्य
है?
महिलाओं
पर
अभद्र
टिप्पणी
पर
हटाया
गया
था
जीतू
पटवारी
ने
कहा
कि
यह
वही
विजय
शाह
हैं,
जिन्हें
पहले
भी
महिलाओं
पर
अभद्र
टिप्पणी
के
कारण
मंत्रिमंडल
से
हटाया
गया
था।
और
अब,
एक
बार
फिर
उन्होंने
अपनी
बेलगाम
जुबान
से
भारतीय
सेना
पर
कीचड़
उछाला
है।
यह
भी
पढ़ें-जंगली
हाथियों
के
प्रबंधन
के
लिए
47
करोड़
की
योजना
की
स्वीकृति,
हाथी
मित्र
दल
का
गठन
होगा
जीतू
पटवारी
ने
मुख्यमंत्री
से
की
तीन
मांग
1.
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
तुरंत
विजय
शाह
को
मंत्रिमंडल
से
बर्खास्त
करें।
2.
बीजेपी
को
सार्वजनिक
रूप
से
माफी
मांगनी
चाहिए
और
यह
स्पष्ट
करना
चाहिए
कि
क्या
वह
कर्नल
सोफिया
को
“आतंकवादियों
की
बहन”
मानती
है?
3.
भारतीय
सेना
और
महिलाओं
के
सम्मान
की
रक्षा
के
लिए
कड़ा
संदेश
देना
होगा।
सरकार
यदि
चुप
है
तो
यह
सहमति
मानी
जाएगी
पटवारी
ने
कहा
कि
यदि
सरकार
चुप
रहती
है,
तो
यह
चुप्पी
सहमति
मानी
जाएगी
एक
ऐसी
सहमति
जो
न
देश
माफ
करेगा,
न
देश
की
बेटियां।
कर्नल
सोफिया
कुरैशी
इस
देश
की
शान
हैं।
उनका
सम्मान
हर
भारतीय
का
सम्मान
है।
और
यदि
इस
पर
आंच
आती
है,
तो
हर
जागरूक
नागरिक
का
कर्तव्य
है
कि
वह
आवाज
उठाए।
देश
पूछ
रहा
है
कि
विजय
शाह
को
बर्खास्त
क्यों
नहीं
किया
गया?
क्या
बीजेपी
के
लिए
सत्ता,
नैतिकता
और
सम्मान
से
बड़ी
है?