Burhanpur : टेक्सटाइल फैक्ट्री में लगी आग से लाखों का माल खाक, पटाखों की चिंगारी से हादसा होने की आशंका

Burhanpur: Late night, a spark from Diwali crackers caused a fire in a textile factory

देर
रात
लगी
टेक्सटाइल
फैक्ट्री
में
आग
से
हुआ
लाखों
का
नुकसान

विस्तार

मध्यप्रदेश
के
बुरहानपुर
में
देर
रात
एक
टेक्सटाइल
फैक्ट्री
में
अचानक
आग
लग
गई।
नगर
के
गणपति
नाका
थाना
अंतर्गत
आलमगंज
क्षेत्र
में
स्थित
हनुमान
साइजिंग
टेक्सटाइल
फैक्ट्री
में
आग
की
लपटें
उठती
देख,
आसपास
के
रहवासी
तुरंत
मौके
पर
पहुंचे
और
पुलिस
के
साथ
ही
फायर
ब्रिगेड
को
सूचना
दी।
साथ
ही
अपने
स्तर
पर
भी
आग
बुझाने
का
प्रयास
किया। 


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हालांकि,
संकरी
गलियों
और
घनी
आबादी
वाला
इलाका
होने
के
कारण
दमकल
वाहनों
को
घटनास्थल
तक
पहुंचने
में
काफी
कठिनाइयों
का
सामना
करना
पड़ा।
आग
पर
काबू
पाने
के
लिए
देर
रात
तक
स्थानीय
फायर
फाइटर्स
के
अलावा
आसपास
से
भी
दमकल
गाड़ियां
बुलाई
गईं।
टेक्सटाइल
फैक्ट्री
में
लगी
आग
से
लाखों
रुपये
के
नुकसान
का
अनुमान
है।
बताया
जा
रहा
है
कि
फैक्ट्री
में
लगी
आग
का
कारण
दीपावली
पर
फोड़े
जा
रहे
पटाखों
से
निकली
चिंगारी
हो
सकती
है।
लगभग
एक
वर्ष
पूर्व
भी
इसी
फैक्ट्री
में
आग
लग
चुकी
थी,
तब
भी
घनी
आबादी
में
स्थित
इस
फैक्ट्री
को
स्थानांतरित
करने
की
मांग
उठी
थी,
लेकिन
इसे
हटाया
नहीं
गया।


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शुक्रवार
देर
रात
अचानक
लगी
इस
आग
से
पूरे
क्षेत्र
में
हड़कंप
मच
गया।
तंग
गलियों
के
कारण
फायर
ब्रिगेड
की
गाड़ियों
को
घटनास्थल
तक
पहुंचने
में
काफी
परेशानी
हुई।
आग
की
बढ़ती
लपटों
को
देख
आसपास
के
लोग
भयभीत
हो
गए।
इस
आग
को
बुझाने
के
लिए
एक
दर्जन
से
अधिक
फायर
फाइटर्स
का
दल
मौके
पर
पहुंचा,
जिसमें
बुरहानपुर
नगर
निगम
के
साथ-साथ
नगर
पालिका
नेपानगर
और
नगर
परिषद
शाहपुर
के
फायर
फाइटर्स
भी
शामिल
थे।
आगजनी
की
सूचना
मिलते
ही
पुलिस
और
प्रशासन
के
वरिष्ठ
अधिकारी
भी
मौके
पर
पहुंचे।
फिलहाल
आग
लगने
के
कारणों
का
पता
नहीं
चल
सका
है,
लेकिन
क्षेत्रवासियों
का
मानना
है
कि
दीपावली
पर
फोड़े
जा
रहे
पटाखों
की
चिंगारी
उड़ने
से
आग
लगी
होगी।
गनीमत
रही
कि
आग
लगने
के
समय
फैक्ट्री
में
कोई
कर्मचारी
मौजूद
नहीं
था,
जिससे
जनहानि
नहीं
हुई।

इस
आगजनी
से
लाखों
रुपये
के
नुकसान
का
अनुमान
है।
घनी
आबादी
वाला
क्षेत्र
होने
के
कारण
प्रशासन
ने
एहतियातन
फैक्ट्री
के
आसपास
के
मकानों
को
खाली
करवा
दिया।
स्थानीय
निवासियों
का
कहना
है
कि
एक
साल
पहले
भी
इस
फैक्ट्री
में
आग
लगी
थी।
तब
प्रशासन
से
इसे
स्थानांतरित
करने
की
मांग
की
गई
थी,
लेकिन
इस
पर
कोई
ध्यान
नहीं
दिया
गया।
इस
घटना
से
सबक
लेते
हुए
जिला
प्रशासन
को
घनी
आबादी
वाले
क्षेत्र
से
फैक्ट्री
को
शिफ्ट
करना
चाहिए।
जानकारी
के
अनुसार,
फैक्ट्री
में
कपड़ा
बनाने
के
लिए
धागा
तैयार
किया
जाता
है,
जिसके
लिए
केमिकल
की
आवश्यकता
होती
है।
धागे
और
केमिकल
के
कारण
आग
ने
काफी
तेजी
से
फैलाव
पकड़ा।
आगजनी
को
देखते
हुए
इलाके
की
बिजली
आपूर्ति
बंद
कर
दी
गई।
फिलहाल
जिला
प्रशासन
और
पुलिस
प्रशासन
आग
लगने
के
कारणों
की
जांच
कर
रहे
हैं।
वहीं,
स्थानीय
नागरिकों
ने
फायर
फाइटर्स
के
देरी
से
पहुंचने
और
प्रशिक्षित
स्टाफ
की
कमी
को
लेकर
नाराजगी
जताई।
हालांकि
देर
रात
तक
आग
पर
काबू
पा
लिया
गया।


देखें
तस्वीरें…

 

देर रात लगी टेक्सटाइल फैक्ट्री में आग से हुआ लाखों का नुकसान

 

देर रात लगी टेक्सटाइल फैक्ट्री में आग से हुआ लाखों का नुकसान

 

देर रात लगी टेक्सटाइल फैक्ट्री में आग से हुआ लाखों का नुकसान