तेरहवीं
का
पूजन
करते
परिजन।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मंदसौर
में
एक
बार
फिर
जिंदा
युवती
का
मृत्यभोज
आयोजित
करने
का
मामला
सामने
आया
है।
युवती
ने
परिजनों
की
मर्जी
के
खिलाफ
अपने
प्रेमी
के
साथ
घर
से
भागकर
प्रेम
विवाह
कर
लिया,
जिसके
बाद
परिजनों
ने
युवती
को
मृत
मानकर
उसके
नाम
से
शोक
पत्रिका
छपवाई
और
रविवार
को
परिजनों
ने
युवती
के
चित्र
पर
माल्यार्पण
कर
धूप
ध्यान
कर
तेरहवीं
की
रस्में
अदा
कर
दी।
यह
खबर
इलाके
में
चर्चा
का
विषय
भी
बन
गई
है।
विज्ञापन
मध्य
प्रदेश
के
मंदसौर
में
एक
हैरान
कर
देने
वाला
मामला
सामने
आया
है।
यहां
एक
युवती
ने
जब
प्रेमी
के
साथ
प्रेम
विवाह
कर
लिया,
जिससे
नाराज
होकर
परिजनों
ने
युवती
को
मृत
मानकर
अपने
रिश्तेदारों
को
आमंत्रित
कर
उसकी
तेरहवीं
की
रस्में
पूरी
कर
दी।
जिले
के
ग्राम
शक्करखेड़ी
निवासी
उमेश
पाटीदार
की
बहन
‘भगवती’
अपने
प्रेमी
दीपक
पाटीदार
निवासी
तितरोद
के
साथ
25
नवंबर
को
घर
से
बिना
बताए
चली
गई
और
प्रेमी
दीपक
पिता
जगदीश
पाटीदार
के
साथ
प्रेम
विवाह
कर
लिया।
विज्ञापन
इस
बात
की
सूचना
जब
परिवार
वालों
को
लगी
तो
यह
बात
परिजनों
को
नागवार
गुजरी।
जिसके
बाद
भाई
उमेश
पाटीदार
ने
युवती
को
मृत
मानकर
गौरनी
पत्रिका
छपवाई
और
रिश्तेदारों
को
एक
दिसंबर
को
सुबह
9
बजे
गोरनी
कार्यक्रम
में
आमंत्रित
किया।
परिजनों
ने
रिश्तेदारों
के
समक्ष
गोरनी
कार्यक्रम
के
तहत
घर
में
युवती
की
फोटो
सामने
रखकर
तेरहवीं
की
रस्में
पूरी
की।
किसी
के
मरने
के
बाद
जिस
तरह
तेरहवीं
का
आयोजन
किया
जाता
है,
ठीक
वैसे
परिवार
वालों
ने
युवती
की
रस्में
अदा
की।
बता
दें
कि
मंदसौर
जिले
में
हाल
ही
में
यह
दूसरा
मामला
है।
इससे
पहले
भी
मंदसौर
के
ही
दलावदा
गांव
में
एक
युवती
ने
ऐसे
ही
अपने
प्रेमी
के
साथ
प्रेम
विवाह
किया
था
तो
परिवार
वालों
ने
13वीं
का
कार्यक्रम
किया
था,
जिसकी
खबर
भी
सोशल
मीडिया
पर
खूब
वायरल
हुई
थी।