
मध्य
प्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
आगामी
4
जून
को
उमरिया
जिले
के
दौरे
पर
रहेंगे।
मुख्यमंत्री
का
यह
दौरा
जिले
के
आदिवासी
बहुल
क्षेत्र
पाली
विकासखंड
में
आयोजित
होने
वाले
पेशा
ग्राम
पंचायतों
एवं
ग्राम
सभाओं
के
प्रतिनिधियों
के
सम्मेलन
के
अवसर
पर
होगा।
यह
आयोजन
राज्य
शासन
की
आदिवासी
कल्याण
नीतियों
को
मजबूती
देने
की
दिशा
में
एक
महत्वपूर्ण
पहल
माना
जा
रहा
है।
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इस
सम्मेलन
में
30,000
से
अधिक
पेशा
प्रतिनिधियों
की
सहभागिता
का
लक्ष्य
रखा
गया
है।
न
केवल
उमरिया,
बल्कि
शहडोल,
अनूपपुर,
डिंडोरी
और
मंडला
जिलों
की
पेशा
ग्राम
पंचायतों
एवं
ग्राम
सभाओं
के
प्रतिनिधियों
को
भी
इसमें
आमंत्रित
किया
गया
है।
यह
आयोजन
पंचायती
राज
व्यवस्था
के
तहत
पेशा
कानून
(PESA
Act)
के
क्रियान्वयन
और
ग्राम
स्वशासन
को
बल
देने
के
उद्देश्य
से
किया
जा
रहा
है।
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से
गिरी
पत्नी,
बचाने
के
लिए
कूदा
वकील
पति,
गोद
में
उठाकर
लगाई
दौड़;
पर
डॉक्टर
के
शब्दों
ने
किया
सन्न
पंचायती
राज
संचालनालय,
मध्यप्रदेश
द्वारा
इस
आयोजन
के
संबंध
में
विस्तृत
निर्देश
जारी
किए
गए
हैं।
जिला
प्रशासन
को
आयोजन
की
तैयारियां
सुनिश्चित
करने
के
लिए
स्पष्ट
दिशा-निर्देश
भेजे
गए
हैं।
उमरिया
जिले
के
कलेक्टर
और
जिला
पंचायत
के
सीईओ
को
सम्मेलन
से
जुड़ी
सभी
व्यवस्थाएं
समय-सीमा
में
पूरी
करने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
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पर
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इंदौर
के
नव
दंपति
का
छह
दिन
बाद
भी
सुराग
नहीं,
क्या
कर
रही
मेघालय
पुलिस?
इस
संबंध
में
जनपद
पंचायत
पाली
के
सीईओ
कुंवर
कन्हाई
ने
जानकारी
दी
कि
आयोजन
स्थल
को
लेकर
प्रारंभिक
निरीक्षण
किया
गया
है।
उन्होंने
बताया
कि
अभी
आयोजन
स्थल
का
अंतिम
चयन
नहीं
हुआ
है,
लेकिन
गौरैया
और
मालियागुड़ा
पंचायतों
में
से
किसी
एक
स्थान
को
संभावित
स्थल
के
रूप
में
चिन्हित
किया
गया
है।
दोनों
स्थानों
का
निरीक्षण
किया
जा
चुका
है
और
जल्द
ही
स्थल
की
अंतिम
घोषणा
कर
दी
जाएगी।
सम्मेलन
के
आयोजन
को
लेकर
प्रशासनिक
स्तर
पर
तैयारियां
तेज
हो
गई
हैं।
सुरक्षा
व्यवस्था,
यातायात
प्रबंधन,
मंच
निर्माण,
पेयजल,
स्वास्थ्य
सुविधा
आदि
को
लेकर
अलग-अलग
विभागों
को
जिम्मेदारियां सौंपी
गई
हैं।