Ujjain News: उज्जैन में मॉनसून की दस्तक, जनजीवन हुआ प्रभावित, निचली बस्तियों में भरा पानी


मध्यप्रदेश
में
सक्रिय
दक्षिण-पश्चिम
मानसून
ने
बुधवार
सुबह
उज्जैन
समेत
कई
जिलों
में
तेज
बारिश
के
साथ
जोरदार
दस्तक
दी।
मौसम
विभाग
के
पूर्वानुमान
के
अनुसार
अगले
तीन
दिनों
तक
प्रदेश
के
24
जिलों
में
वेरी
हैवी
रेन
(अत्यधिक
वर्षा)
का
अलर्ट
जारी
किया
गया
है,
वहीं
कुछ
जिलों
में
हैवी
रेन
और
कुछ
में
गरज-चमक
के
साथ
हल्की
बारिश
की
संभावना
जताई
गई
थी।
हालांकि
उज्जैन,
इंदौर
और
भोपाल
संभागों
में
अधिक
प्रभाव
की
संभावना
नहीं
जताई
गई
थी,
लेकिन
बुधवार
की
सुबह
तेज
बारिश
ने
पूरे
शहर
को
भिगो
दिया।
लगातार
हो
रही
बारिश
के
चलते
निचली
बस्तियों
में
जलभराव
की
स्थिति
बन
गई।
मुख्य
मार्गों
के
साथ-साथ
आवासीय
क्षेत्रों
में
भी
पानी
भर
गया,
जिससे
लोगों
को
आवागमन
में
भारी
परेशानी
उठानी
पड़ी।


बच्चों
और
परिजनों
को
हुई
सबसे
ज्यादा
परेशानी

बारिश
के
कारण
स्कूल
जाने
वाले
बच्चों
और
उनके
अभिभावकों
को
भारी
परेशानी
का
सामना
करना
पड़ा।
भीगते
हुए
बच्चों
को
स्कूल
तक
पहुंचाना
चुनौतीपूर्ण
रहा।
शहर
की
सड़कों
पर
सिर्फ
वही
लोग
नजर
आए,
जिन्हें
अत्यधिक
आवश्यक
काम
के
कारण
घर
से
निकलना
पड़ा।


कितनी
हुई
बारिश?

कलेक्टर
कार्यालय
के
भू-अभिलेख
शाखा
से
प्राप्त
आंकड़ों
के
अनुसार,
बीते
24
घंटों
में
उज्जैन
जिले
में
औसतन
6.1
मिमी
वर्षा
दर्ज
की
गई।
विभिन्न
तहसीलों
में
दर्ज
बारिश
इस
प्रकार
रही:

उज्जैन
तहसील:
5.0
मिमी

घट्टिया:
5.0
मिमी

खाचरौद:
2.0
मिमी

नागदा:
13.0
मिमी

बड़नगर:
1.0
मिमी

महिदपुर:
29.0
मिमी

झारड़ा:
2.0
मिमी

1
जून
से
अब
तक
जिले
में
औसतन
125.2
मिमी
वर्षा
रिकॉर्ड
की
गई
है।
मौसम
विभाग
के
अनुसार
जुलाई
माह
में
अच्छी
बारिश
की
संभावना
बनी
हुई
है,
जिससे
कृषि
और
जल
संसाधनों
के
लिहाज
से
राहत
की
उम्मीद
जताई
जा
रही
है।


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लंबी
मानसूनी
द्रोणिका
बनी
बारिश
का
कारण

मौसम
वैज्ञानिकों
के
अनुसार,
मानसून
के
आगमन
के
साथ
ही
एक
लंबी
कम
दबाव
वाली
द्रोणिका
रेखा
निर्मित
हुई
है,
जो
आने
वाले
दिनों
में
भी
प्रदेश
के
कई
हिस्सों
में
भारी
बारिश
का
कारण
बन
सकती
है।