
मध्यप्रदेश
के
वन
मंत्री
विजय
शाह
के
एक
बयान
को
लेकर
चल
रहे
विवाद
पर
कांग्रेस
के
धरने
को
लेकर
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
तीखा
जवाब
दिया
है।
उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
नेता
उमंग
सिंघार
का
धरना
सिर्फ
एक
“नौटंकी”
है
और
कांग्रेस
जानबूझकर
कोर्ट
की
अवमानना
करने
की
कोशिश
कर
रही
है।
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मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
कांग्रेस
को
पता
है
कि
यह
मामला
कोर्ट
में
चल
रहा
है
और
कोर्ट
से
बड़ा
कोई
नहीं
होता।
फिर
भी
कांग्रेस
राजनीति
कर
रही
है
और
ड्रामा
कर
रही
है।
उन्होंने
साफ
कहा
कि
सरकार
कोर्ट
के
आदेश
का
पालन
कर
रही
है।
सीएम
ने
कांग्रेस
पर
तंज
कसते
हुए
पूछा
कि
जब
उनके
नेता
विपक्ष
पर
केस
चलते
हैं,
तब
क्या
कांग्रेस
उनसे
इस्तीफा
मांगती
है?
उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
को
जब
भी
कोर्ट
की
अवमानना
करने
का
मौका
मिलता
है,
वह
पीछे
नहीं
हटती।
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इतना
ही
नहीं,
मुख्यमंत्री
ने
कांग्रेस
के
इतिहास
पर
भी
सवाल
उठाए।
उन्होंने
कहा
कि
जब
इलाहाबाद
हाईकोर्ट
ने
इंदिरा
गांधी
के
खिलाफ
फैसला
दिया
था,
तो
कांग्रेस
ने
इमरजेंसी
लगवा
दी
थी।
जब
सुप्रीम
कोर्ट
ने
तीन
तलाक
पर
फैसला
दिया,
तब
भी
कांग्रेस
ने
उस
कानून
को
बदलवाने
की
कोशिश
की
थी।
‘हम
न्यायपालिका
का
सम्मान
करते
हैं’
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
हमारी
सरकार
न्यायपालिका
का
पूरा
सम्मान
करती
है।
उन्होंने
कहा
कि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
नेतृत्व
में
सरकार
ने
हमेशा
कोर्ट
के
हर
फैसले
का
पालन
किया
है
—
चाहे
वह
राम
मंदिर
का
फैसला
हो
या
तीन
तलाक
पर
कानून
बनाने
की
बात
हो।
यह
भी
पढ़ें: नीट
यूजी
रिजल्ट
पर
हाईकोर्ट
की
रोक,
बारिश
से
बिगड़
गई
थी
कई
छात्रों
की
परीक्षा
‘केजरीवाल
और
सिद्धारमैया
पर
भी
उठाए
सवाल’
मुख्यमंत्री
ने
दिल्ली
के
सीएम
अरविंद
केजरीवाल
और
कर्नाटक
के
सीएम
सिद्धारमैया
का
उदाहरण
देते
हुए
कांग्रेस
पर
सवाल
उठाए।
उन्होंने
कहा
कि
जब
केजरीवाल
जेल
गए
थे,
तब
कांग्रेस
ने
उनसे
इस्तीफा
क्यों
नहीं
मांगा?
इसी
तरह,
जब
कोर्ट
ने
सिद्धारमैया
के
खिलाफ
फैसला
दिया,
तब
कांग्रेस
ने
उन्हें
हटाया
क्यों
नहीं?
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
कांग्रेस
का
दोहरा
रवैया
साफ
दिखता
है।
वह
सिर्फ
राजनीति
करने
के
लिए
धरना-प्रदर्शन
कर
रही
है,
जबकि
असल
मुद्दों
पर
चुप
रहती
है।