
दमोह
जिले
सहित
बुंदेलखंड
के
प्रसिद्ध
तीर्थ
क्षेत्र
जागेश्वरनाथ
धाम
बांदकपुर
में
100
करोड़
रुपए
की
लागत
से
कॉरिडोर
का
निर्माण
होने
जा
रहा
है।
कल
यानी
शुक्रवार
को
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
दोपहर
तीन
बजे
बांदकपुर
पहुंचकर
इस
परियोजना
का
भूमिपूजन
करेंगे।
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100
करोड़
की
लागत
से
हो
रहा
निर्माण
दमोह
विधानसभा
क्षेत्र
में
तीर्थ
क्षेत्र
बांदकपुर
धाम
आता
है
यहां
कॉरिडोर
निर्माण
की
मांग
काफी
लंबे
समय
से
की
जा
रही
थी।
शिवभक्तों
ने
इसके
लिए
कई
आंदोलन
किए,
सरकार
की
ज्ञापन
दिए।
उसके
बाद
जागेश्वर
धाम
में
100
करोड़
की
लागत
से
विशाल
कॉरिडोर
बनाने
की
घोषणा
मुख्यमंत्री
द्वारा
की
गई
और
काफी
समय
इंतजार
के
बाद
9
मई
का
शुभ
मुहूर्त
इस
निर्माण
कार्य
के
भूमिपूजन
के
लिए
तय
किया
गया।
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मौत
के
आरोपी
डॉक्टर
नरेंद्र
यादव
को
दमोह
लेकर
आई
छत्तीसगढ़
पुलिस,
पूछताछ
के
लिए
लेकर
गई
थी
बिलासपुर
पांच
चरणों
में
होना
है
काम
मध्य
प्रदेश
सरकार
के
पर्यटन
एवं
संस्कृति
राज्य
मंत्री
धर्मेंद्र
सिंह
लोधी
ने
बताया
कि
कॉरिडोर
के
पहले
टेंडर
प्रक्रिया
पूरी
हो
चुकी
है।
पहले
20
करोड़
की
लागत
से
निर्माण
होगा
यह
निर्माण
कार्य
पांच
चरणों
में
पूरा
किया
जाएगा।
इसमें
कॉरिडोर
के
साथ
व्यावसायिक
दुकानें
भी
बनेंगी।
इमरती
कुंड
का
नया
स्वरूप
विकसित
किया
जाएगा।
उज्जैन
के
महाकाल
कॉरिडोर
की
तर्ज
पर
इस
परियोजना
को
विकसित
किया
जाएगा।
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रिजर्व
से
होकर
बहने
वाली
नदी
से
हो
रहा
रेत
का
अवैध
परिवहन,
वनकर्मियों
पर
आरोप;
जानें
चुनावी
मुद्दा
भी
बना
दमोह
विधायक
जयंत
मलैया
ने
अपने
चुनावी
संकल्प
पत्र
में
बांदकपुर
कॉरिडोर
निर्माण
का
वादा
किया
था।
उन्होंने
कहा
कि
पंचम
नगर,
सीता
नगर
डैम
और
सतधरु
डैम
का
निर्माण
पूरा
हो
चुका
है।
अब
बांदकपुर
कॉरिडोर
का
काम
भी
शुरू
हो
रहा
है।
पर्यटन
मंत्री
धर्मेंद्र
लोधी
ने
इस
परियोजना
को
प्राथमिकता
दी
है।
तेरहवें
ज्योतिर्लिंग
के
रूप
में
है
मान्यता
भगवान
जागेश्वरनाथ
स्वयंभू
शिवलिंग
है
जो
17वीं
शताब्दी
में
जमीन
से
प्रकट
हुए
थे।
ऐसा
शास्त्रों
में
उल्लेख
है
इसलिए
उन्हें
तेरहवें
ज्योतिर्लिंग
के
रूप
में
भी
पूजा
जाता
है।
भगवान
जागेश्वरनाथ
के
दर्शन
करने
प्रदेश
के
साथ
देश
भर
से
श्रद्धालु
आते
हैं।
महाशिवरात्रि
पर्व
पर
भगवान
का
धूमधाम
से
विवाह
संपन्न
होता
है
और
उन्हें
एक
लाख
कांवर
चढ़ाई
जाती
है
और
जैसे
ही
एक
लाख
कांवर
पूरी
होती
है।
माता
पार्वती
और
जागेश्वरनाथ
मंदिर
के
ध्वज
आपस
में
मिल
जाते
हैं।

इस
तरह
बनेगा
बांदकपुर
कारीडोर