बाल
विवाह
रोकने
कराया
गया
दीवार
लेखन
विस्तार
दमोह
कलेक्टर
सुधीर
कुमार
कोचर
ने
शुक्रवार
को
अक्षय
तृतीया
पर
होने
वाले
बाल
विवाह
रोकने
पूरी
तैयारी
कर
ली
है।
उन्होंने
स्पष्ट
निर्देश
दिए
हैं
कि
खाना
बनाने,
बैंड
वाले
या
फिर
पंडित,
अगर
कोई
भी
बाल
विवाह
में
शामिल
होता
तो
उस
पर
कार्रवाई
की
जाएगी।
बाल
विवाह
रोकने
के
लिए
एक
टीम
भी
गठित
की
गई
है।
साथ
ही
जिले
की
राजस्व
सीमा
में
प्रतिबंधात्मक
आदेश
भी
जारी
किया
गया
है।
ऐसे
में
जिले
में
बाल
विवाह
का
मामला
सामने
आता
है
तो
आरोपियों
पर
धारा
188
के
तहत
कार्रवाई
की
जाएगी।
अक्षय
तृतीया
पर
जिले
की
दमोह
राजस्व
सीमा
के
अंतर्गत
होने
वाले संभावित
बाल
विवाहों
को
रोकने
समेत
अन्य
कारणों
को
देखते
हुए
जिला
मजिस्ट्रेट
सुधीर
कुमार
कोचर
ने
धारा
144
के
तहत
प्रतिबंधात्मक
आदेश
जारी
किया
है।
यह
आदेश
तत्काल
प्रभाव
से
प्रभावशील
होगा।
जारी
आदेश
में
कहा
गया
है
जिला
दमोह
की
राजस्व
सीमा
के
अंतर्गत
कोई
भी
बाल
विवाह
संपन्न
नहीं
होगा।
बाल
विवाह
रोकने
के
लिए
गठित
टीम
को
उनके
क्षेत्राधिकार
में
बाल
विवाह
का
प्रकरण
मिलता
है
तो
ऐसा
करने
वाले,
उसे
प्रोत्साहित
करने
वाले
और
इसमें
शामिल
बाराती-घराती
समेत
विवाह
स्थल/गार्डन
मालिक,
रसोईया,
केटर्स,
मौलवी-पंडित
के
अलावा
पत्रिका
छापने
वाले
प्रिंटिंग
प्रेस
के
मालिक
पर
की
कार्रवाई
की
जाएगी।
टीम
के
साथ
नहीं
कर
सकते
अभद्रता
बाल
विवाह
रोकने
के
लिए
गठित
टीम
के
साथ
यदि
किसी
प्रकार
का
र्दुव्यवहार,
मारपीट
या
अन्य
कोई
घटना
घटित
होती
है
तो
ऐसा
करने
वालों
के
विरूद्ध
दण्ड
प्रक्रिया
संहिता
की
सुसंगत
धाराओं
के
साथ-साथ
धारा
188
के
तहत
कार्रवाई
की
जाएगी।
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