
सागर
जिले
की
बीना
तहसील
क्षेत्र
में
स्थित
बीपीसीएल
रिफाइनरी
के
एक्सटेंशन
कार्य
में
लगी
निजी
कंपनियों
के
द्वारा
बीना
रिफाइनरी
के
पास
मौजूद
कई
गांवों
में
भारी
उत्खनन
किया
जा
रहा
है।
इससे
इन
गांवों
में
बड़े-बड़े
और
गहरे
गड्ढे
बन
गए
हैं,
जिनमें
बारिश
का
पानी
भरने
से
ग्रामीणों
को
दुर्घटनाओं
का
भय
सता
रहा
है।
ये
भी
पढ़ें: प्रदेश
के
कई
जिलों
में
आज
भी
होगी
बारिश
चलेगी
तेज
हवा,
14
के
बाद
मौसम
धीरे-धीरे
होगा
साफ
जानकारी
के
अनुसार,
आगासौद
थाना
क्षेत्र
अंतर्गत
बीना
रिफाइनरी
के
पास
रिफाइनरी
कंपनियों
द्वारा
कई
महीनों
से
अवैध
खनन
किया
जा
रहा
है।
परिवहन
की
अनुमति
के
नाम
पर
खनिज
विभाग
की
मिलीभगत
के
चलते
भेकराई,
मनमती
और
मूडरी
गांव
में
करीब
एक
दर्जन
स्थानों
पर
कृषि
भूमि
और
शासकीय
तालाबों
में
कंपनियों
द्वारा
बड़ी-बड़ी
मशीनें
लगाकर
खुदाई
की
जा
रही
है।
जिससे
इन
गांवों
में
एक
दर्जन
से
अधिक
बड़े
गड्ढे
हो
चुके
हैं,
जो
बारिश
के
मौसम
में
पानी
भरने
के
बाद
दुर्घटनाओं
को
आमंत्रण
देंगे।
हैरानी
की
बात
यह
है
कि
मौके
पर
मिट्टी
का
कोई
भी
स्टॉक
नहीं
होने
के
बाद
भी
खनिज
विभाग
द्वारा
परिवहन
की
अनुमति
धड़ल्ले
से
दी
जा
रही
है।
ये
भी
पढ़ें: 150
से
अधिक
पुलिस
अधिकारियों
और
जवानों
ने
अचानक
घेरा
महाकाल
मंदिर,
सकते
में
आ
गए
श्रद्धालु;
जानें
वजह
बीना
जनपद
पंचायत
के
सीईओ
शंकरलाल
कुर्रे
ने
कहा
कि
रिफाइनरी
कंपनियों
द्वारा
किसी
भी
ग्राम
पंचायत
से
खनन
की
अनुमति
नहीं
ली
गई
है।
खनन
की
सूचना
मिलने
पर
ग्राम
पंचायतों
को
पत्र
भेजकर
जानकारी
मांगी
गई
है।
पत्र
में
पूछा
गया
है
कि
किस
ग्राम
पंचायत
में
कितने
गड्ढे
खोदे
गए
हैं,
जिससे
दुर्घटनाओं
को
रोकने
के
लिए
इन्हें
फेंसिंग
से
कवर
किया
जा
सके।
साथ
ही
उन्होंने
कहा
कि
खनन
करने
वालों
को
भी
नोटिस
दिया
जाएगा।