
अशोकनगर
में
मंगलवार
को
कांग्रेस
द्वारा
आयोजित
‘न्याय
सत्याग्रह’
कार्यक्रम
के
दौरान
कांग्रेस
विधायक
साहब
सिंह
गुर्जर
के
विवादित
बयान
पर
सियासी
घमासान
तेज
हो
गया
है।
इस
पूरे
घटनाक्रम
पर
प्रदेश
सरकार
के
मंत्री
विश्वास
सारंग
ने
कांग्रेस
पर
तीखा
हमला
बोलते
हुए
कहा
कि
यह
प्रदर्शन
फूहड़ता,
गुटबाजी
और
कांग्रेस
की
अराजक
मानसिकता
का
उदाहरण
है।
बता
दें
अशोकनगर
में
कांग्रेस
के
प्रदर्शन
में कांग्रेस
विधायक
साहब
सिंह
गुर्जर
ने
कहा
कि
जो
मर्द
थे
वे
जंग
में
आए,
जो
हिजड़े
थे,
वे
संघ
में
गए।
समझ
गए
न,
इशारा
ही
काफी
है।
इस
बयान
को
लेकर
मंत्री
विश्वास
सारंग
ने
कांग्रेस
नेतृत्व
पर
करारा
प्रहार
किया। मंत्री
सारंग
ने
सवाल
उठाते
हुए
कहा
कि
क्या
कांग्रेस
विधायक
उन
वरिष्ठ
नेताओं
के
लिए
‘हिजड़ा’
शब्द
का
इस्तेमाल
कर
रहे
हैं,
जो
प्रदर्शन
में
नहीं
आए?
क्या
यह
शब्द
कमलनाथ,
अजय
सिंह
या
पूर्व
केंद्रीय
मंत्री
अरुण
यादव
जैसे
वरिष्ठ
नेताओं
के
लिए
कहा
गया
है?
उन्होंने
कहा
कि
जिस
मंच
पर
दिग्विजय
सिंह
और
जीतू
पटवारी
जैसे
शीर्ष
नेता
मौजूद
हों,
वहां
से
इस
प्रकार
की
असंवैधानिक
भाषा
का
उपयोग
यह
साबित
करता
है
कि
कांग्रेस
अब
मर्यादा
और
विवेक
खो
चुकी
है।
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कांग्रेस
की
गुटबाजी
और
गिरोहबाजी
उजागर
सारंग
ने
कहा
कि
यह
बयान
न
केवल
किन्नर
समुदाय
का
अपमान
है,
बल्कि
महिलाओं
की
गरिमा
को
भी
ठेस
पहुंचाने
वाला
है।
कांग्रेस
खुद
अपने
नेताओं
में
गुट
और
गिरोह
में
बंटी
हुई
है
और
प्रदर्शन
के
नाम
पर
सिर्फ
अराजकता
फैलाने
की
कोशिश
कर
रही
है।
उन्होंने
तंज
कसते
हुए
कहा
कि
कांग्रेस
अब
ऐसी
भाषा
और
रणनीति
पर
उतर
आई
है,
जिससे
वह
खुद
को
ही
नीचा
दिखा
रही
है।
विज्ञापन
पहले
चोरी,
फिर
सीनाजोरी
मंत्री
सारंग
ने
कहा
कि
कांग्रेस
पहले
गलत
बयानबाजी
और
झूठे
आरोप
लगाती
है,
फिर
अपनी
गलती
छुपाने
के
लिए
कानून
और
संविधान
को
नीचा
दिखाने
का
काम
करती
है।
उन्होंने
कहा
कि
न्याय
सत्याग्रह
के
नाम
पर
कांग्रेस
सिर्फ
फूहड़ता
और
नाटक
कर
रही
है,
जिससे
उसकी
गिरती
साख
और
गहराती
अंदरूनी
कलह
साफ
दिखाई
दे
रही
है।
जीतू
पटवारी
ने
रचा
ड्रामा,
प्रदर्शन
टाय
टाय
फिस्स
बता
दें,
अशोकनगर
के
मुंगावली
थाने
में
एक
व्यक्ति
को
गलतबयानी
के
लिए
उकसाने
पर
पटवारी
के
खिलाफ
मामला
दर्ज
किया
गया
है।
इसके
विरोध
में
कांग्रेस
ने
मंगलवार
को
अशोकनगर
में
प्रदर्शन
आयोजित
किया।
इस
पर
पलटवार
करते
हुए
सारंग
ने
कहा
कि
पटवारी
ने
राजनीतिक
लाभ
के
लिए
एक
स्क्रिप्टेड
ड्रामा
रचा
और
प्रशासनिक
अधिकारियों
की
गरिमा
को
ठेस
पहुंचाई।
मंत्री
सारंग
ने
कहा
कि
जीतू
पटवारी
द्वारा
स्पीकरफोन
पर
कलेक्टर
से
की
गई
बातचीत
पूरी
तरह
से
एक
सोची-समझी
रणनीति
थी,
जिसका
उद्देश्य
मीडिया
में
सनसनी
फैलाना
और
स्वयं
को
चर्चा
में
लाना
था।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
पटवारी
ने
गजराज
नाम
के
युवक
के
मामले
को
तूल
देकर
सामाजिक
सौहार्द
बिगाड़ने
और
अफसरशाही
को
अपमानित
करने
की
कोशिश
की।
उनका
अशोकनगर
में
मंगलवार
को
प्रदर्शन
टांय
टांय
फिस्स
हो
चुका
है।
स्क्रिप्टेड
राजनीति
नहीं
चलेगी
विश्वास
सारंग
ने
कहा
कि
कांग्रेस
पार्टी
स्क्रिप्टेड
और
सेंसेशनल
राजनीति
के
जरिये
प्रदेश
में
अस्थिरता
फैलाना
चाहती
है।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
युवक
को
मोटरसाइकिल
का
लालच
देकर
झूठा
बयान
दिलवाया
गया,
जिसके
बाद
युवक
ने
खुद
एफिडेविट
देकर
सच्चाई
सामने
रख
दी
है।
ऐसे
में
जीतू
पटवारी
पर
एफआईआर
के
बाद
गिरफ्तारी
बनती
थी,
लेकिन
वे
अधिकारियों
को
डराने
और
धमकाने
की
राजनीति
कर
रहे
हैं।
संवैधानिक
संस्थाओं
का
अपमान
कांग्रेस
की
परंपरा
मंत्री
सारंग
ने
कांग्रेस
पर
निशाना
साधते
हुए
कहा
कि
कांग्रेस
की
संवैधानिक
संस्थाओं
के
अपमान
करने
की
परंपरा
रही
है।
सारंग
ने
कहा
कि
इंदिरा
गांधी
ने
भय
का
वातावरण
बनाकर
नसबंदी
कराई,
राजीव
गांधी
ने
कोर्ट
की
अवमानना
की,
राहुल
गांधी
ने
संसद
और
कानून
का
अपमान
किया
और
अब
जीतू
पटवारी
प्रशासन
को
धमकाकर
वही
परंपरा
दोहरा
रहे
हैं।
कांग्रेस
की
गुटबाजी
उजागर
सारंग
ने
दावा
किया
कि
अशोकनगर
की
घटना
पर
कांग्रेस
के
किसी
बड़े
नेता
ने
जीतू
पटवारी
का
समर्थन
नहीं
किया।
पटवारी
खुद
फोन
लगाकर
नेताओं
को
बुला
रहे
थे,
लेकिन
कांग्रेस
की
गुटबाजी
और
अंदरूनी
खींचतान
के
कारण
कोई
नेता
मौके
पर
नहीं
पहुंचा।
किसी
नेता
को
अशोकनगर
जाने
से
नहीं
रोका
गया।
उन्होंने
कहा
कि
यही
हाल
रहा
तो
कांग्रेस
अगले
चुनाव
में
10
सीटें
भी
नहीं
जीत
पाएगी।