Damoh: सुबह चार बजे पट खुलने के साथ ही जागेश्वरधाम में लगी श्रद्धालुओं की भीड़, आज भगवान शंकर बनेंगे दूल्हा

दमोह
जिले
सहित
पूरे
बुंदेलखंड
क्षेत्र
के
प्रसिद्ध
तीर्थस्थल
जागेश्वरधाम
बांदकपुर
में
महाशिवरात्रि
पर्व
पर
भव्य
आयोजन
किया
गया।
श्रद्धालुओं
की
भीड़
सुबह
चार
बजे
से
ही
मंदिर
के
बाहर
दर्शन
हेतु
जुटने
लगी
थी।
मंदिर
के
पट
खुलते
ही
भगवान
शिव
को
जल
अर्पित
करने
का
क्रम
प्रारंभ
हो
गया।


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श्रद्धालुओं
की
भारी
भीड़
को
नियंत्रित
करने
के
लिए
एसपी
श्रुत
कीर्ति
सोमवंशी
पुलिस
बल
के
साथ
मंदिर
परिसर
में
मौजूद
रहे।
जिला
प्रशासन
के
अधिकारी
भी
व्यवस्थाओं
को
सुचारू
रूप
से
संचालित
करने
में
जुटे
रहे।
अनुमान
है
कि
महाशिवरात्रि
के
अवसर
पर
भगवान
को
एक
लाख
कांवड़
चढ़ाई
जाएंगी।


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भगवान
शिव
के
विवाहोत्सव
की
धूम

महाशिवरात्रि
के
पावन
अवसर
पर
भगवान
शिव
के
विवाह
की
रस्में
भी
पूरी
श्रद्धा
और
उत्साह
के
साथ
निभाई
गईं।
मंगलवार
को
भगवान
जागेश्वरनाथ
को
हल्दी
चढ़ाई
गई
और
मंडप
पूजन
का
आयोजन
संपन्न
हुआ।
पंडित
रामकृपाल
पाठक
ने
बताया
कि
बुधवार
सुबह
चार
बजे
से
जलाभिषेक
के
लिए
श्रद्धालुओं
की
लंबी
कतारें
लग
गई
थीं।
श्रद्धालुओं
को
अलग-अलग
द्वारों
से
प्रवेश
दिया
जा
रहा
है।
हालांकि,
आज
गर्भगृह
में
प्रवेश
वर्जित
रखा
गया
है।

बांदकपुर
मंदिर
ट्रस्ट
के
सचिव
एडवोकेट
पंकज
हर्ष
श्रीवास्तव
के
अनुसार,
महाशिवरात्रि
पर
विभिन्न
स्थानों
से
बांदकपुर
धाम
बारातें
पहुंची
हैं।
अब
तक
14
बारातों
के
आने
की
जानकारी
दर्ज
की
गई
है,
जिनमें
दमोह
शहर
के
पुराना
थाना
क्षेत्र
से
भव्य
बारात
प्रमुख
है।
इसके
अलावा,
तीनगुल्ली
चौराहा,
ग्राम
समन्ना,
हटा
नगर
सहित
आसपास
के
कई
गांवों
से
भी
बारातें
आईं।
मंदिर
ट्रस्ट
के
प्रवक्ता
पंडित
रवि
शास्त्री
ने
बताया
कि
शिवरात्रि
से
पहले
ही
बड़ी
संख्या
में
कांवड़
यात्री
बांदकपुर
धाम
पहुंचने
लगे
थे।
इस
वर्ष
श्रद्धालुओं
की
सुविधा
हेतु
अलग-अलग
द्वारों
से
प्रवेश
की
व्यवस्था
की
गई
है।
कांवड़ियों
के
लिए
विशेष
रूप
से
तीन
नंबर
गेट
से
प्रवेश
की
व्यवस्था
रखी
गई
है।
साथ
ही,
महिलाओं
और
पुरुषों
के
लिए
अलग-अलग
रैलिंग
लगाई
गई
हैं,
जिससे
दर्शन
सुगम
हो
सके।


25वें
वर्ष
निकलेगी
जटाशंकर
से
भव्य
शिव
बारात

महाशिवरात्रि
के
पावन
अवसर
पर
दमोह
शहर
के
जटाशंकर
धाम
से
भव्य
शिव
बारात
निकाली
जाएगी।
मंदिर
के
पुजारी
पंडित
मोनू
पाठक
के
अनुसार,
यह
बारात
निकालने
की
परंपरा
25
वर्षों
से
चली

रही
है।
इस
बारात
में
जटाशंकर
मंदिर
आरती
मंडल
के
सदस्य
भगवान
शिव
के
गणों
के
स्वरूप
में
नृत्य
करेंगे।
बारात
में
नंदीगण,
भूत,
पिशाच
के
अलावा
लगभग
35
सदस्य
साधु-संतों
के
वेष
में
शामिल
होंगे।

सोमवार
से
हल्दी
की
रस्म
आरंभ
हो
चुकी
थी,
जबकि
मंगलवार
को
भगवान
भोलेनाथ
को
हल्दी
चढ़ाई
गई
और
संध्या
काल
में
उनका
भव्य
श्रृंगार
किया
गया।
बुधवार
को
महाशिवरात्रि
के
अवसर
पर
भगवान
शिव
के
विवाहोत्सव
का
आयोजन
होगा।
इसके
अलावा,
दमोह
जिले
के
जटाशंकर
धाम,
फुटेरा
तालाब
मंदिर,
बस
स्टैंड
परिसर
स्थित
मंदिर
सहित
अन्य
सभी
शिवालयों
में
विशेष
पूजन-अभिषेक
का
आयोजन
किया
गया।
वहीं,
जिले
के
मड़कोलेश्वरधाम
में
भी
श्रद्धालुओं
की
भारी
भीड़
उमड़ने
की
संभावना
है।