Mahashivratri: ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सुबह से उमड़ी भक्तों की भीड़; ‘ हर-हर महादेव’ से गूंजा परिसर; जानें

महाशिवरात्रि
पर्व
को
लेकर
देश
प्रदेश
के
सभी
शिव
मंदिरों
में
इस
दिन
शिव
भक्तों
की
भारी
भीड़
जुट
रही
है।
वहीं
मध्यप्रदेश
के
खंडवा
जिले
की
धार्मिक
तीर्थ
नगरी
ओंकारेश्वर
ज्योतिर्लिंग
में
भी
भगवान
के
दर्शन
करने
बड़ी
संख्या
में
देश
प्रदेश
के
श्रद्धालु
पहुंच
रहे
हैं।
जिसको
लेकर
यहां
विशेष
व्यवस्थाएं
भी
की
जा
रही
हैं।


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महाशिवरात्रि
पर्व
के
दौरान
यहां
के
सभी
मंदिर
24
घंटे
खुले
रहेंगे।
वहीं
ज्योतिर्लिंग
मंदिर
रात्रि
में
भी
खुला
रहेगा।
पर्व
के
दौरान
आने
वाली
अत्याधिक
भीड़
को
ध्यान
में
रखते
हुए,
यहां
जल
एवं
फूल,
बिल्व
पत्र,
प्रसादी
आदि
सामग्री
को
मंदिर
के
बाहर
ही
एकत्रित
कर
लिया
गया।
मंदिर
ट्रस्ट
से
मिली
जानकारी
अनुसार
श्रद्धालुओं
से
एकत्रित
की
गई
यह
सामग्री,
बाद
में
भगवान
ओंकारेश्वर
को
चढ़ाई
जाएगी।
इस
दौरान
प्रशासन
ने
चाक
चौबंद
व्यवस्था
करने
की
व्यवस्था
की
हुई
है


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इस
तरह
से
हुए
ज्योतिर्लिंग
भगवान
के
दर्शन

बता
दें
कि
सुबह
3
बजे
से
ही
मंदिर
के
पट
खोल
दिए
गए।
जिसके
बाद
लाइन
से
दर्शन
कराये
गए।
वहीं
प्रोटोकाल
एवं
ऑनलाइन
टिकट
वाले
भक्तों
को
दर्शन,
विशेष
दर्शन
गेट
से
कराये
गए।
स्थानीय
निवासियों
ने
सुबह
9
बजे
तक
दर्शन
कर
लिया,
जिसके
बाद
में
अब
लाइन
से
दर्शन
कराये
जायेंगे


इस
तरह
हैं
वीआईपी
और
प्रोटोकॉल
दर्शन

वहीं
इस
पर्व
के
दौरान
वीआईपी
दर्शन
भी
पूरी
तरह
से
प्रतिबंधित
किये
गए
हैं

हालांकि
सरकार
द्वारा
जारी
किए
जाने
वाले
प्रोटोकॉल
के
लिए
ही
प्रोटोकॉल
दर्शन
कराने
की
व्यवस्था
की
गई
है।
शेष
सभी
लोग
शिवरात्रि
पर्व
के
दौरान
सामान्य
दर्शन
ही
कर
रहे
हैं।
पर्व
के
दौरान
यहां
पहुंचने
वाले
श्रद्धालुओं
के
लिए
नगर
परिषद
के
माध्यम
से
15
टैंकर
चलाने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
जिनके
जरिये
से
सार्वजनिक
पानी
की
टंकियों
में
पर्याप्त
मात्रा
में
पानी
की
व्यवस्था
की
गई
है।
जिससे
श्रद्धालुओं
को
पीने
के
पानी
की
असुविधा
ना
हो। 


लकड़ी
वाला
गेट
है
वर्षों
से
बन्द

बता
दें
कि
महाशिवरात्रि
पर्व
को
लेकर
आज
नगर
का
साप्ताहिक
हाट
बाजार
प्रभावित
होगा।
इसको
लेकर
प्रशासन
ने
व्यवस्था
बनाते
हुए
आज
हाट
बाजार
को
प्रतिबंधित
किया
है।
इसको
लेकर
प्रशासन
के
द्वारा
बड़वाह
और
सनावद
नगर
पालिका
के
माध्यम
से
एवं
अन्य
संसाधनों
से
व्यापारियों
को
सूचित
भी
किया
गया
है।
इधर
स्थानीय
समाज
सेवी
अशोक
शर्मा
ने
पर्व
को
देखते
हुए
जिला
प्रशासन
से
मांग
की
है
कि
वर्षों
से
बंद
पड़े
लकड़ी
वाले
गेट
को
खोला
जाए।
जिससे
वीआईपी
और
विकलांगों
के
सुलभ
दर्शन
कराए
जा
सकते
हैं।