
पथरिया
रेलवे
स्टेशन
की
बदहाल
व्यवस्था
पर
दमोह
सांसद
राहुल
सिंह
ने
सख्ती
दिखाई
है।
मंगलवार
को
स्टेशन
का
निरीक्षण
करते
हुए
उन्होंने
रेलवे
अधिकारियों
को
स्पष्ट
निर्देश
दिए
कि
स्टेशन
से
जुड़ी
सभी
समस्याओं
का
जल्द
समाधान
किया
जाए
और
निर्माण
कार्य
में
गुणवत्ता
से
किसी
भी
हाल
में
समझौता
न
हो।
निरीक्षण
के
दौरान
सांसद
ने
देखा
कि
स्टेशन
पर
यात्रियों
के
लिए
पीने
के
पानी
की
व्यवस्था
नहीं
है।
बारिश
के
मौसम
में
टीनशेड
से
पानी
टपकता
है
और
यात्रियों
के
बैठने
के
लिए
उचित
प्रतीक्षालय
तक
नहीं
है।
स्टेशन
से
जुड़ी
रेलवे
कॉलोनी
में
रहने
वाले
कर्मचारियों
को
गर्मी
में
पानी
की
समस्या
झेलनी
पड़
रही
है,
वहीं
बारिश
में
उनके
घरों
की
छतें
टपक
रही
हैं।
स्थिति
देखकर
सांसद
राहुल
सिंह
ने
नाराजगी
जताई
और
अधिकारियों
को
निर्देशित
किया
कि
सभी
निर्माण
कार्य
तय
समय
सीमा
में
पूरे
किए
जाएं।
उन्होंने
कार्य
की
गुणवत्ता
की
नियमित
निगरानी
करने
और
लापरवाही
बरतने
वालों
पर
सख्त
कार्रवाई
की
चेतावनी
दी।
निरीक्षण
के
दौरान
सांसद
को
स्टेशन
विकास
कार्य
से
जुड़े
डीपीआर
और
नक्शों
की
जानकारी
भी
दी
गई।
सांसद
ने
बताया
कि
पहले
ठेकेदार
ने
समय
पर
काम
पूरा
नहीं
किया
था,
इसलिए
उसे
ब्लैकलिस्ट
कर
दिया
गया
है।
अब
ढाई
महीने
में
नया
टेंडर
जारी
कर
प्लेटफॉर्म
के
निर्माण
कार्य
को
पुनः
शुरू
किया
जाएगा।
उन्होंने
कहा
कि
चार
माह
के
भीतर
स्टेशन
के
सभी
कार्य
पूर्ण
करने
का
लक्ष्य
रखा
गया
है।
निरीक्षण
के
दौरान
स्थानीय
लोगों
ने
सांसद
से
मुलाकात
कर
कोरोना
काल
से
बंद
पड़ी
ट्रेनों
और
दयोदय
एक्सप्रेस
को
पथरिया
में
पुनः
स्टॉपेज
देने
की
मांग
रखी।
इस
पर
सांसद
ने
आश्वासन
दिया
कि
वे
आगामी
संसद
सत्र
में
रेल
मंत्री
से
इस
संबंध
में
चर्चा
करेंगे।
प्रमुख
स्टेशन
है
पथरिया
गौरतलब
है
कि
पथरिया
सागर
से
लेकर
दमोह
और
कटनी
से
लेकर
सागर
के
बीच
एक
प्रमुख
रेलवे
स्टेशन
है।
यह
तहसील
स्तर
का
सबसे
बड़ा
स्टेशन
माना
जाता
है,
जो
देश
के
विभिन्न
स्टेशनों
से
जुड़ा
हुआ
है।
पथरिया
के
यात्रियों
की
सबसे
अधिक
आवाजाही
दमोह,
सागर
और
कटनी
के
लिए
होती
है,
लेकिन
यहां
यात्रियों
को
मूलभूत
सुविधाओं
के
अभाव
में
परेशानियों
का
सामना
करना
पड़
रहा
है।