
पूर्व
मुख्यमंत्री
दिग्विजय
सिंह
ने
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
को
पत्र
लिखकर
सागर
जिले
के
खुरई
थाने
में
दर्ज
एक
कथित
झूठे
प्रकरण
को
लेकर
गंभीर
चिंता
जताई
है।
उन्होंने
अपने
पत्र
में
कहा
कि
यह
मामला
राजनैतिक
दुर्भावना
से
प्रेरित
है
और
इसमें
कांग्रेस
नेता
अंशुल
सिंह
परिहार
को
झूठा
फंसाया
गया
है।
दिग्विजय
सिंह
के
अनुसार,
खुरई
तहसील
के
ग्राम
बारधा
में
एक
मासूम
बच्चा
मानस
शुक्ला
हाईटेंशन
लाइन
की
चपेट
में
आ
गया
था,
जिससे
उसका
एक
हाथ
कट
गया।
इस
गंभीर
घटना
के
बाद
राष्ट्रीय
मानव
अधिकार
आयोग
ने
जिला
प्रशासन
को
तीन
बार
कार्यवाही
के
निर्देश
दिए,
लेकिन
किसी
भी
स्तर
पर
कोई
कार्रवाई
नहीं
की
गई।
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दिग्विजय
सिंह
ने
बताया
कि
जब
कांग्रेस
नेता
अंशुल
सिंह
परिहार
ने
इस
मामले
को
उठाया
और
पीड़ित
परिवार
को
न्याय
दिलाने
की
मांग
की,
तो
प्रशासन
ने
उल्टा
उनके
खिलाफ
झूठा
केस
दर्ज
कर
दिया।
उन्होंने
इसे
लोकतंत्र
में
जनप्रतिनिधियों
की
आवाज
को
दबाने
की
कोशिश
करार
दिया।
उन्होंने
यह
भी
उल्लेख
किया
कि
प्रदेश
कांग्रेस
अध्यक्ष
जीतू
पटवारी
ने
इस
अन्यायपूर्ण
कार्रवाई
के
खिलाफ
एक
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
आयोजित
की
थी,
जिससे
मामला
सार्वजनिक
हुआ।
दिग्विजय
सिंह
ने
अपने
पत्र
में
मांग
की
है
कि
मुख्यमंत्री
इस
पूरे
मामले
का
निष्पक्ष
संज्ञान
लें
और
राष्ट्रीय
मानव
अधिकार
आयोग
के
निर्देशों
के
अनुसार
पीड़ित
मानस
शुक्ला
को
न्याय
दिलाएं।
साथ
ही
अंशुल
सिंह
परिहार
और
उनके
पिता
कैलाश
सिंह
परिहार
के
खिलाफ
दर्ज
झूठे
प्रकरण
को
निरस्त
कर
दोषियों
पर
उचित
कार्रवाई
करें।
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पूर्व
मुख्यमंत्री
ने
इस
घटना
को
शासन
और
प्रशासन
की
संवेदनहीनता
का
प्रतीक
बताते
हुए
कहा
कि
यदि
जनता
की
आवाज
उठाने
वालों
को
इस
तरह
से
प्रताड़ित
किया
जाएगा
तो
लोकतांत्रिक
व्यवस्था
पर
प्रश्नचिन्ह
खड़ा
हो
जाएगा।
उन्होंने
मुख्यमंत्री
से
त्वरित
और
न्यायोचित
हस्तक्षेप
की
अपील
की
है।