
डिंडौरी
जिले
के
चांदरानी
गांव
स्थित
गेहूं खरीदी
केंद्र
में
भारी
अव्यवस्था
और
लापरवाही
का
मामला
सामने
आया
है।
केंद्र
पर
खुले
आसमान
के
नीचे
गेहूं से
भरे
सैकड़ों
बोरे
पड़े
हुए
हैं,
जो
हाल
ही
में
हुई
बेमौसम
बारिश
के
कारण
भीग
चुके
हैं।
इन
हालातों
ने
न
केवल
प्रशासनिक
कार्यप्रणाली
पर
सवाल
खड़े
कर
दिए
हैं,
बल्कि
किसानों
की
मेहनत
को
भी
जोखिम
में
डाल
दिया
है।
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मिली
जानकारी
के
अनुसार,
15
मार्च
से
पांच मई
के
बीच
चांदरानी
केंद्र
पर
करीब
6,000
क्विंटल
गेहूं की
खरीदी
की
गई
थी।
परंतु
खरीदी
के
हफ्तों
बाद
भी
यह
अनाज
गोदामों
तक
नहीं
पहुंच
पाया
है।
परिवहन
की
धीमी
गति
और
समुचित
भंडारण
की
व्यवस्था
के
अभाव
में
बोरे
खुले
में
पड़े
हैं,
जिससे
सैकड़ों
क्विंटल
गेंहूं पानी
में
भीग
गया
है।
स्थानीय
किसानों
का
कहना
है
कि
उन्होंने
उम्मीद
के
साथ
समर्थन
मूल्य
पर
अनाज
बेचा
था,
लेकिन
अब
वह
नुकसान
की
स्थिति
में
आ
गए
हैं।
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होगा
किसानों
ने
प्रशासन
से
मांग
की
है
कि
खराब
हुए
गेहूं का
उचित
मुआवजा
दिया
जाए
और
व्यवस्था
में
तत्काल
सुधार
किया
जाए।
केंद्र
में
काम
करने
वाले
हम्माल
भी
इस
स्थिति
से
परेशान
हैं।
गाड़ी
न
आने
के
कारण
उन्हें
काम
नहीं
मिल
पा
रहा
है
और
वे
पेड़ों
की
छांव
में
बैठे
दिन
गुजारने
को
मजबूर
हैं।
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रही
पुलिस
मानसून
पूर्व
की
इन
बारिशों
के
बीच
खुले
मैदान
में
बैठे
मजदूरों
की
सुरक्षा
भी
एक
चिंता
का
विषय
बन
गई
है।
खरीदी
केंद्र
प्रभारी
रामकिशोर
ने
बताया
कि
स्थिति
की
जानकारी
उच्च
अधिकारियों
को
दी
जा
चुकी
है
और
समाधान
के
प्रयास
जारी
हैं।
उन्होंने
जल्द
ही
अनाज
उठाव
और
संरक्षण
की
व्यवस्था
का
आश्वासन
भी
दिया
है।
वर्तमान
स्थिति
प्रशासन
की
लापरवाही
और
खरीदी
केंद्रों
की
अव्यवस्था
की
पोल
खोल
रही
है।
यदि
जल्द
ही
ठोस
कदम
नहीं
उठाए
गए,
तो
भारी
मात्रा
में
अनाज
बर्बाद
हो
सकता
है,
जिससे
न
सिर्फ
किसानों
को
नुकसान
होगा,
बल्कि
सरकारी
योजनाओं
की
विश्वसनीयता
भी
प्रभावित
हो
सकती
है।