
पांढुर्णा
क्षेत्र
में
अक्टूबर
2022
में
सामने
आई
एक
दिल
दहला
देने
वाली
वारदात
का
फैसला
अदालत
ने
सुनाया
है।
शराबी
पति
से
तंग
आकर
उसकी
हत्या
कर
शव
को
घर
में
खाट
के
नीचे
दफनाने
वाली
महिला
को
अपर
सत्र
न्यायालय
ने
आजीवन
कारावास
की
सजा
सुनाई
है।
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घटना
ग्राम
लांघा
की
है
जहां
मीराबाई
पराड़कर
ने
अपने
पति
घनश्याम
पराड़कर
की
हत्या
कर
दी
थी।
पुलिस
जांच
में
खुलासा
हुआ
कि
घनश्याम
शराब
पीने
का
आदी
था
और
अक्सर
घर
का
सामान
बेचकर
पत्नी
व
परिवार
पर
अत्याचार
करता
था।
प्रताड़ना
से
परेशान
होकर
मीराबाई
ने
एक
दिन
गमछे
से
घनश्याम
का
मुंह
दबाकर
उसकी
हत्या
कर
दी
और
शव
को
घर
के
अंदर
खाट
के
नीचे
जमीन
में
दफना
दिया।
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ये
भी
पढ़ें
– पति
की
आपत्तिजनक
पोस्ट
के
खिलाफ
पत्नी-साली-बेटी
बैठे
भूख
हड़ताल
पर,
थाना
परिसर
के
बाहर
दिया
धरना
यह
वारदात
तब
सामने
आई
जब
9
अक्टूबर
2022
को
पुलिस
को
सूचना
मिली
कि
एक
व्यक्ति
कई
दिनों
से
लापता
है।
थाना
पांढुर्णा
के
तत्कालीन
प्रभारी
राकेश
सिंह
बघेल
के
नेतृत्व
में
पुलिस
ने
घर
की
तलाशी
ली,
जहां
खाट
के
नीचे
मिट्टी
में
दबा
हुआ
शव
बरामद
हुआ।
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट
और
साक्ष्यों
के
आधार
पर
मीराबाई
के
खिलाफ
धारा
302
(हत्या)
और
धारा
201
(साक्ष्य
मिटाने)
के
तहत
मामला
दर्ज
किया
गया।
पुलिस
अधीक्षक
सुंदर
सिंह
कनेश,
एएसपी
नीरज
सोनी,
एसडीओपी
ब्रजेश
भार्गव,
और
अन्य
अधिकारियों
की
निगरानी
में
जांच
पूरी
की
गई।
लोक
अभियोजक
प्रकाश
बावने
ने
अदालत
में
सशक्त
पैरवी
की।
ये
भी
पढ़ें
– महाकाल
के
दर्शन
कर
बोले
असम
के
मंत्री-
इंदौर
आया
तो
बाबा
के
दर्शन
करने
दौड़ा
चला
आया
29
मई
2025
को
अपर
सत्र
न्यायालय
पांढुर्णा
ने
मीराबाई
पराड़कर
को
हत्या
के
अपराध
में
आजीवन
कारावास
और
₹2000
जुर्माने
की
सजा
तथा
साक्ष्य
मिटाने
के
आरोप
में
5
वर्ष
के
सश्रम
कारावास
और
1000
जुर्माने
की
सजा
सुनाई।