Agar Malwa News: निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ टीम और अस्पताल संचालकों में विवाद, थाने तक पहुंचा मामला


मुख्य
चिकित्सा
एवं
जिला
स्वास्थ्य
अधिकारी
डॉक्टर
राजेश
गुप्ता
अपनी
टीम
के
साथ
शुक्रवार
दोपहर
आगर
आवर
रोड
पर
स्थित
सक्सेना
अस्पताल
का
आकस्मिक
निरीक्षण
करने
पहुंचे।
यहां
पर
उन्होंने
सोनोग्राफी
मशीन
सहित
अस्पताल
रिकॉर्ड,
रजिस्टर
मेंटेनेंस
का
निरीक्षण
किया
गया।
निरीक्षण
में
सोनोग्राफी
मशीन
की
परमिशन
में
खामियां
मिलने
पर
पंचनामा
बनाया
गया
और
सोनोग्राफी
मशीन
के
कक्ष
को
सील
करने
की
कार्रवाई
करने
लगे।
इस
दौरान
वहां
पर
विवाद
हो
गया
और
विवाद
इतना
बढ़ा
कि
दोनों
पक्ष
थाने
पर
पहुंच
गए।
थाने
पहुंचकर
मुख्य
चिकित्सा
एवं
जिला
स्वास्थ्य
अधिकारी
ने
पूर्व
सिविल
सर्जन
डॉक्टर
शशांक
सक्सेना
पर
एफआईआर
दर्ज
करवाई। 

दरअसल
मुख्य
चिकित्सा
एवं
जिला
स्वास्थ्य
अधिकारी
अपनी
टीम
के
साथ
शुक्रवार
दोपहर
1:30
बजे
सक्सेना
अस्पताल
में
निरीक्षण
करने
पहुंचे
थे।
वहां
पर
उनके
द्वारा
करीब
2
घंटे
तक
निरीक्षण
किया
गया,
जिसमें
उनके
द्वारा
अस्पताल
में
सोनोग्राफी
मशीन,
अस्पताल
रिकॉर्ड

रजिस्टर
मेंटेनेंस
के
बारे
में
निरीक्षण
किया
गया।
जिसमें
सीएमएचओ
को
सोनोग्राफी
मशीन
की
परमिशन
को
लेकर
खामियां
पाई
गईं,
जिसमें
उनके
द्वारा
मौके
पर
पंचनामा
बनाया
गया
और
सोनोग्राफी
मशीन
की
परमिशन
को
लेकर
आई
कुछ
खामियों
को
लेकर
उनके
द्वारा
सोनोग्राफी
मशीन
को
सील
करने
की
कार्रवाई
की
जा
रही
थी।
कार्रवाई
के
दौरान
सीएमएचओ
ने
अपनी
टीम
के
करीब
चार
सदस्यों
के
साथ
सोनोग्राफी
कक्ष
के
गेट
को
अंदर
से
बंद
कर
लिया
और
वार्तालाप
करने
लगे।
वहीं
थोड़ी
ही
देर
बाद
धक्का
मुक्की
में
सोनोग्राफी
कक्ष
का
गेट
खोला
गया।
गेट
खोलते
ही
सोनोग्राफी
मशीन
पर
अज्ञात
लिक्विड
तरल
पदार्थ
पाया
गया
तो
पूर्व
सिविल
सर्जन
डॉ.
शशांक
सक्सेना
और
अस्पताल
संचालक
उनकी
पत्नी
डॉक्टर
अर्पणा
सक्सेना
ने
आरोप
लगाया
कि
निजी
दुश्मनी
के
चलते
सीएमएचओ
के
द्वारा
उनकी
सोनोग्राफी
मशीन
पर
मशीन
को
खराब
करने
के
उद्देश्य
से
अज्ञात
लिक्विड
पदार्थ
डाल
दिया
गया।
वहीं
सीएमएचओ
का
कहना
है
कि
धक्का
मुक्की
कर
अस्पताल
के
किसी
अज्ञात
व्यक्ति
ने
ही
मशीन
पर
लिक्विड
पदार्थ
डाल
दिया।
इसी
बात
को
लेकर
मामला
गर्मा
गया
और
देखते
देखते
मामला
इतना
गर्मा
गया
कि
दोनों
पक्ष
एक
दूसरे
पर
कार्रवाई
को
लेकर
कोतवाली
थाने
पहुंचे।
सीएमएचओ
डॉक्टर
राजेश
गुप्ता
ने
पूर्व
सिविल
सर्जन
पर
शासकीय
कार्य
में
बाधा
का
प्रकरण
दर्ज
करवाया।
तो
वहीं
पूर्व
सिविल
सर्जन
की
पत्नी
वा
अस्पताल
संचालक
डॉक्टर
अर्पणा
सक्सेना
ने
भी
सीएमएचओ
और
उनकी
टीम
पर
सोनोग्राफी
मशीन
खराब
करने
के
मामले
को
लेकर
कार्रवाई
हेतु
शिकायति
आवेदन
दिया
है।

सीएमएचओ
डॉ.
राजेश
गुप्ता
का
कहना
है
कि
मध्य
प्रदेश
शासन
के
नियम
अनुसार
स्वास्थ्य
विभाग
द्वारा
तीन
माह
में
अस्पताल
का
निरीक्षण
किया
जाना
है। 
आज
शुरुआत
की
गई
थी।
सक्सेना
अस्पताल
इसलिए
गए
थे
क्योंकि
वहां
की
शिकायत
थी।
निरीक्षण
में
सोनोग्राफी
मशीन
देखी
गई
जो
मेरे
कार्यालय
के
रिकॉर्ड
में
नहीं
थी,
जिसकी
कार्रवाई
हम
कर
रही
रहे
थे।
तभी
कोई
अज्ञात
व्यक्ति
आया
और
सोनोग्राफी
मशीन
पर
लिक्विड
तरल
पदार्थ
फेंक
कर
चला
गया।
हमारे
ऊपर
आरोप
लगा
दिया
कि
हमने
फेंकी
और
काफी
हंगामा
किया
और
जो
चीज
हमने
जप्त
की
थी
वह
भी
छुड़ा
ली।
हमारे
साथ
महिला
कर्मचारी
थीं।
हमें
घेर
लिया
और
नारे
लगाने
लगे।
हम
बड़ी
मुश्किल
से
अपनी
जान
बचाकर
वहां
से
निकले
और
कार्रवाई
के
लिए
कोतवाली
थाने
पर
आए।

अस्पताल
संचालक
डॉक्टर
अर्पणा
सक्सेना
का
कहना
है
कि सीएमएचओ
डॉक्टर
राजेश
गुप्ता
की
टीम
जांच
के
लिए
आई
थी।
उन्होंने
सोनोग्राफी
मशीन
की
जांच
अच्छे
से
कर
ली
थी।
फिर
वह
अस्पताल
में
जांच
करने
गए।
जहां
से
वह
पुनः
सोनोग्राफी
मशीन
के
कक्ष
में
आए
और
अंदर
से
गेट
बंद
कर
लिया
और
पता
नहीं
अंदर
क्या
कर
रहे
थे।
जब
शोर
शराबा
हुआ
और
गेट
खोला
गया
तो
देखा
गया
की
मशीन
पर
कोई
अज्ञात
तरल
लिक्विड
पदार्थ
मशीन
को
खराब
करने
के
उद्देश्य
से
डाल
दिया
गया।
सोनोग्राफी
मशीन
के
कक्ष
में
लगे
कैमरे
के
कवर
को
भी
निकाल
दिया।
कक्ष
के
अंदर
सीएमएचओ
सहित
चार
लोग
थे
उनके
द्वारा
ही
मशीन
पर
लिक्विड
पदार्थ
डाला
गया।