Year Ender 2024: शिवराज के गृह जिले में मिलेगा भरपूर पानी के साथ बेहतर इलाज, सौगातों का सिक्सर लगाएगा नया साल

ear Ender 2024 Development in Sehore Madya Pradesh Government Schemes From Water Resources to Health Sector

नये
साल
की
छह
सौगातें।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

नया
साल
सौगातों
का
सिक्सर
लेकर

रहा
है।
नए
साल
में
जिले
के
लोगों
को
छह
बड़ी
सौगातों
का
लाभ
मिलना
शुरू
हो
जाएगा।
इन
सौगातों
में
सीहोर
के
लोगों
की
सबसे
बड़ी
सौगातों
में
जिले
के
अनेक
गांवों
के
खेतों
में
पार्वती
लिंक
योजना
से
पानी
मिलने
लग
जाएगा।
इसके
साथ
ही
नर्मदा
लिंक
योजना
का
पानी
सीहोर
पहुंचने
से
सीहोर
में
अनेक
स्थानों
की
पेयजल
समस्या
का
निदान
हो
जाएगा।


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पार्वती-कालीसिंध-चंबल
लिंक
परियोजना
में
सीहोर
जिले
के
110
ग्राम
होंगे
लाभान्वित

सीहोर
जिले
में
इस
नदी
जोड़ो
परियोजना
के
पूरी
होने
पर
पेयजल
के
साथ-साथ
सिंचाई
की
समस्या
भी
समाप्त
होगी।
पार्वती-कालीसिंध-चंबल
लिंक
परियोजना
भी
उन्हीं
परियोजनओं
में
से
एक
है।
इस
परियोजना
से
सीहोर
जिले
के
110
गांवों
के
किसान
लाभांवित
होंगे।
पार्वती
कालीसिंध
चंबल
लिंक
परियोजना
के
अंतर्गत
2514.91
करोड़
रुपये
लागत
की
दो
वृहद
सिंचाई
परियोजनाएं
स्वीकृत
की
गई
हैं,
जिसमें
पार्वती
नदी
पर
श्यामपुर
बैराज
एवं
करिया
बैराज
का
निर्माण
किया
जाएगा
और
ग्राम
जैठला
में
एक
बड़े
बांध
का
निर्माण
किया
जाएगा।
इन
परियोजनाओं
से
क्षेत्र
की
लगभग
1,18,750
एकड़
भूमि
की
सिंचाई
होगी। 


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नर्मदा-पार्वती
लिंक
परियोजना
से
पेयजल
संकट
की
समस्या
का
हो
जाएगा
समाधान

नर्मदा
पार्वती
लिंक
परियोजना
के
पेश
प्रथम
और
द्वितीय
के
लिए
224
करोड़
रुपये,
जबकि
नर्मदा
पार्वती
लिंक
परियोजना
के
फेस
3
और
4
के
लिए
600
करोड़
रुपये
स्वीकृत
किए
गए
हैं।
नर्मदा
पार्वती
लिंक
परियोजना
से
सीधे-सीधे
तौर
पर
सीहोर
जिले
को
लाभ
होगा,
क्योंकि
पार्वती
नदी
सीहोर
जिले
में
ही
बहती
है
और
नर्मदा
नदी
भी
सीहोर
जिले
के
अधिकांश
क्षेत्रों
से
होकर
निकलती
है।
ऐसे
में
नर्मदा
पार्वती
लिंक
परियोजना
के
लिए
प्रावधान
किए
जाने
से
पार्वती
नदी
में
भी
अब
12
महीने
पानी
रह
सकेगा।
जहां
एक
और
किसानों
को
सिंचाई
के
लिए
पानी
उपलब्ध
होगा,
वहीं
अनेक
क्षेत्रों
में
पेयजल
संकट
की
समस्या
का
भी
समाधान
हो
जाएगा।
इसी
प्रकार
एक
जिला
एक
उत्पाद
में
भी
जिले
को
लाभ
मिलेगा।


40
एकड़
परिसर
में
चल
रहा
मेडिकल
कॉलेज
का
निर्माण
 

सीहोर
जिले
की
बुधनी
में
मेडिकल
कॉलेज
का
निर्माण
कार्य
चल
रहा
है।
बुधनी
में
करीब
714
करोड़
से
मेडिकल
कॉलेज
बुधनी
के
गडरिया
नाला
बासापुर
में
40
एकड़
परिसर
में
36
माह
में
बनाना
स्वीकृत
है।
इसका
निर्माणकार्य
चल
रहा
है,
जो
नये
साल
के
अंत
तक
पूरा
हो
जाना
बताया
जा
रहा
है।
इस
मेडिकल
कॉलेज
के
साथ
500
बिस्तरीय
अस्पताल,
60
सीट
नर्सिंग
और
60
सीटों
वाला
पैरामेडिकल
कॉलेज
का
निर्माण
किया
जाएगा।
यहां
गंभीर
बीमारियों
का
संपूर्ण
इलाज
उपलब्ध
होगा।
अत्याधिक
तकनीक
एवं
उपकरणों
से
मरीजों
का
उपचार
किया
जाएगा।
इस
मेडिकल
कॉलेज
के
बन
जाने
के
बाद
आसपास
के
लोगों
के
साथ
ही
बैतूल,
इटारसी,
हरदा,
नर्मदा
पुरम,
पिपरिया
और
सीहोर
के
नागरिकों
को
भी
उच्च
स्तरीय
इलाज
बुधनी
में
मिलेगा।
यहां
नागरिकों
को
स्वास्थ्य
संबंधी
के
साथ-साथ
चिकित्सा
शिक्षा
का
लाभ
भी
मिलेगा।
बुधनी
मेडिकल
कॉलेज
में
500
बिस्तरों
का
उच्च
स्तरीय
अस्पताल
होगा,
जिसमें
हर
बीमारी
के
विशेषज्ञ
होंगे।
 

महाकाल
लोक
की
तर्ज
पर
सलकनपुर
में
बनेगा
भव्य
देवी
लोक

सीहोर
जिले
के
सलकनपुर
में
स्थित
विजयासन
देवी
धाम
देशभर
में
आस्था
के
एक
बड़े
केंद्र
के
रूप
में
प्रसिद्ध
है।
उज्जैन
के
महाकाल
लोक
की
तर्ज
पर
सीहोर
जिले
के
सलकनपुर
में
देवीलोक
का
निर्माण
कराया
जा
रहा
है।
देवी
लोक
में
देवी
के
नौ
रूपों
तथा
64
योगिनियों
को
शास्त्रों
में
वर्णित
कथाओं
के
साथ
आकर्षक
रूप
में
प्रदर्शित
किया
जाएगा।
इसके
साथ
ही
यहां
आने
वाले
श्रद्धालुओं
की
सुविधा
के
लिए
अनेक
निर्माण
एवं
विकास
के
कार्य
कराए
जा
रहे
हैं।
देवी
लोक
का
निर्माण
200
करोड़
रुपये
से
अधिक
की
कार्ययोजना
है।
देवीलोक
के
निर्माण
के
पश्चात
धार्मिक
पर्यटन
को
बढ़ावा
मिलेगा।
इसके
साथ
ही
इस
क्षेत्र
में
पर्यटन
पर
आधारित
आर्थिक
गतिविधियों
का
भी
विस्तार
होगा।
समस्त
कार्यों
को
हेरिटेज
एवं
धार्मिक
स्वरूप
के
दृष्टिकोण
से
पत्थरों
से
सौंदर्यीकरण
किया
जा
रहा
है।
सलकनुपर
लोक
का
आधे
से
अधिक
कार्य
पूरा
हो
गया
है,
जो
इस
साल
पूरा
होना
बताया
जा
रहा
है।


सीहोर
को
तीन
ओवरब्रिज
की
सौगात
से
रफ्तार
होगी
तेज

सीहोर
में
भोपाल-रतलाम
रेलवे
ट्रेक
फाटक
क्रमांक
104,
107,
108 पर
82
करोड़
रुपये
की
लागत
से
तीन
ओवरब्रिज
का
निर्माण
चल
रहा
है।
ओवरब्रिज
का
निर्माण
जनवरी
24
में
शुरू
हुआ
था
और
निर्माण
की
डेड
लाइन
18
महीने
रखी
गई
थी।
तीनों
ओवर
ब्रिज
नए
साल
में
तैयार
हो
जाएंगे
और
इन
पर
यातायात
भी
शुरू
हो
जाएगा।
तीनों
ओवरब्रिज
में
पहला
हाउसिंग
बोर्ड
फाटक
क्रमांक
104
हाउसिंग
बोर्ड
रोड
पर
बनने
वाला
ओवर
ब्रिज
25
करोड़
की
लागत
से
बनेगा।
दूसरा
फंदा
फाटक
क्रमांक
107
पर
बनने
वाला
ओवरब्रिज
करीब
28
लाख
की
लागत
से
बनेगा।
हाउसिंग
बोर्ड
और
फंदा
फाटक
पर
बनने
वाले
ओवरब्रिज
से
सीहोर
के
लोगों
की
रफ्तार
तेज
हो
जाएगी।
तीसरा
फाटक
क्रमांक
108
पर
29
करोड़
की
लागत
से
ओवर
ब्रिज
का
निर्माण
होगा।
यह
आरओबी
सीहोर
और
भोपाल
जिले
की
सीमा
पर
बन
रहा
है।
इससे
समझा
जा
सकता
है
कि
यह
सीहोर
और
भोपाल
दोनों
जिलों
के
लोगों
के
लिए
काफी
हद
तक
बहुत
महत्वपूर्ण
साबित
होगा। 


सीहोर
बढ़ियाखेड़ी
औद्योगिक
क्षेत्र
में
आधा
दर्जन
कंपनियों
का
शुरू
हो
जाएगा
काम

बढ़ियाखेड़ी
औद्योगिक
क्षेत्र
धीरे-धीरे
विस्तार
ले
रहा
है।
नए
साल
में
आधा
दर्जन
से
अधिक
कारखाने
शुरू
हो
जाएंगे।
इसमें
आईटीसी
का
कारखाना
प्रमुख
है।
सीहोर
के
औद्योगिक
क्षेत्र
बढ़ियाखेड़ी
में
1500
करोड़
रुपये
की
लागत
से
बनने
वाले
आईटीसी
लिमिटेड
कंपनी
के
दो
नए
कारखानों
इंटीग्रेटेड
फूड
मैन्यूफैक्चरिंग
एंड
लॉजिस्टिक्स
फैसिलिटी
और
सस्टेनेबल
पैकेजिंग
प्रोडक्ट्स
मैन्यूफैक्चरिंग
फैसिलिटी
का
पिछले
साल
हो
चुका
है।
इसके
साथ
ही
औद्योगिक
क्षेत्र
में
आधा
दर्जन
फैक्ट्रियों
के
शुरू
होने
से
सीहोर
की
आर्थिक
धुरी
मजबूत
होगी।
साथ
ही
शहर
के
लोगों
को
भी
रोजगार
मिलेगा।
फेक्ट्रियों
के
शुरू
होने
का
काम
तेजी
से
चल
रहा
है।