
मध्यप्रदेश
लोकसभा
चुनाव
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
आजादी
के
बाद
मध्य
प्रदेश
में
लोकसभा
के
17
और
1956
में
मध्य
प्रदेश
बनने
के
बाद
16
चुनाव
संपन्न
हो
चुके
हैं।
आरंभ
के
दौर
में
मतदान
प्रतिशत
कम
होता
था,
मतदाताओं
की
रुचि
मतदान
करने
में
कम
रहती
थी।
देश
में
साक्षरता
का
अभाव
था।
धीरे—धीरे
इस
व्यवस्था
में
बदलाव
हुआ
देश
में
शिक्षा
का
प्रचार
हुआ।
साक्षरता
दर
में
वृद्धि
हुई
और
धीरे-धीरे
मतदान
प्रतिशत
में
भी
वृद्धि
दर्ज
की
गई।
जब
मतदान
कम
हुआ
करता
था
तो
उम्मीदवारों
के
विजयी
होने
का
आंकड़ा
छोटा
हुआ
करता
था
यानी
हार
जीत
हजार
मतों
से
हुआ
करती
थी।
2004
से
2019
तक
प्रदेश
में
संपन्न
हुए
चार
लोकसभा
चुनावों
में
जीत
और
प्राप्त
होने
वाले
मतों
का
रिकॉर्ड
देखें
तो
पता
चलता
है
कि
उम्मीदवार
भी
अपने
प्रतिद्वंद्वी
से
कई
गुना
आगे
रहे
हैं।
2014
में
साठ
से
सत्तर
प्रतिशत
मत
प्राप्त
करने
वाले
उम्मीदवारों
की
संख्या
7
थी,
जो
2019
के
चुनाव
में
बढ़
कर
15
हो
गई।
जाहिर
है
उम्मीदवार,
पार्टी,
मतदाता
जागरूकता
से
अधिक
मतदान
और
महिला
वोटरों
की
सहभागिता
में
वृद्धि
से
प्रत्याशियों
को
मिलने
वाले
मतों
में
रिकॉर्ड
बढ़ोतरी
हुई
है।
उदय
प्रताप
सिंह
की
रिकॉर्ड
जीत
हुई
2019
में
होशंगाबाद
लोकसभा
क्षेत्र
से
भारतीय
जनता
पार्टी
के
उदय
प्रताप
सिंह
ने
8
लाख
53
हजार
22
मत
प्राप्त
किए,
जो
संसदीय
क्षेत्र
में
हुए
मतदान
के
69.35
प्रतिशत
थे,
जबकि
उनके
प्रतिद्वंद्वी
कांग्रेस
उम्मीदवार
शैलेंद्र
दीवान
चंद्रभान
सिंह
को
25.61
प्रतिशत
ही
मत
मिले
इस
तरह
भाजपा
उम्मीदवार
की
5
लाख
53
हजार
682
मतों
से
जीत
हुई
जो
रिकॉर्ड
विजय
थी।
2019
में
प्रदेश
की
लोकसभा
की
कुल
29
में
28
सीटें
भाजपा
ने
जीती
थी।
भाजपा
के
पांच
लाख
से
अधिक
विजयी
होने
वाले
उम्मीदवारों
की
संख्या
3,
चार
से
पांच
लाख
के
मध्य
विजयी
होने
वाले
4
और
तीन
से
चार
लाख
वोटों
के
बीच
विजयी
होने
वाले
उम्मीदवारों
की
संख्या
9
थी।
इससे
जाहिर
होता
है
कि
उम्मीदवारों
की
जीत
का
मार्जिन
बढ़ता
ही
जा
रहा
है।
इसकी
वजह
निकटतम
उम्मीदवार
और
दल
का
सक्रिय
या
कमजोर
होना
है।
प्रदेश
में
2004
से
2019
तक
चार
लोकसभा
चुनावों
में
भाजपा
के
किसी
उम्मीदवार
की
जमानत
जब्त
नहीं
हुई,
जबकि
2004
और
2009
के
चुनाव
में
कांग्रेस
उम्मीदवारों
की
जमानत
जब्त
हो
चुकी
है।
2014
में
बड़ी
जीत
1
–
इंदौर-
सुमित्रा
महाजन
-भाजपा
–
4
लाख
66
हजार
901
मतों
से
2-
विदिशा-
सुषमा
स्वराज
-भाजपा
–
4
लाख
10
हजार
698
सबसे
कम
मतों
से
जीत
1
-सतना-
गणेश
सिंह-भाजपा-
8
हजार
688
मतों
से
2
मुरैना-नरेंद्र
सिंह
तोमर-भाजपा-29
हजार
699
2019
में
बड़ी
जीत
1-इंदौर-सुमित्रा
महाजन-भाजपा-4
लाख
66
हजार
901
मतों
से
2-विदिशा-
सुषमा
स्वराज-भाजपा-
4
लाख
10
हजार
698
सबसे
कम
मतों
से
जीत
1-होशंगाबाद-
उदयप्रताप
सिंह-भाजपा-5
लाख
53
हज़ार
682
मतों
से
2-इंदौर-शंकर
लालवानी-भाजपा-5
लाख
47
हजार
754
मतों
से
सबसे
छोटी
जीत
1-छिंदवाड़ा-नकुल
नाथ-कांग्रेस-
37
हजार
536
मतों
से
2-रतलाम-गुमानसिंह
डामोर-भाजपा-90
हजार
636
मतों
से
प्रदेश
में
जीत
के
टूटते
रिकॉर्ड
मतदाताओं
की
जागरूकता
और
मतदान
प्रक्रिया
में
बढ़
चढ़
कर
हिस्सा
लेने
का
प्रमाण
है।
अब
2024
के
चुनाव
में
किस
क्षेत्र
से
कौन
सा
उम्मीदवार
रिकॉर्ड
तोड़ेगा,
यह
तो
4
जून
को
परिणाम
आने
के
बाद
ही
पता
चलेगा।
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वैध
मतों
में
सर्वाधिक
मत
प्राप्त
उम्मीदवारों
का
विवरण
|
चुनाव वर्ष 2004 |
31-40 प्रतिशत |
41-50 प्रतिशत |
51-60 प्रतिशत |
61-70 प्रतिशत |
योग |
|
उम्मीदवार संख्या |
4 | 12 | 10 | 3 | 29 |
|
चुनाव वर्ष 2009 |
11-20 प्रतिशत |
21-30 प्रतिशत |
31-40 प्रतिशत |
योग |
|
उम्मीदवार संख्या |
8 | 18 | 3 | 29 |
|
चुनाव वर्ष 2014 |
40-50 प्रतिशत |
50-60 प्रतिशत |
60-70 प्रतिशत |
योग |
|
उम्मीदवार संख्या |
7 | 15 | 7 | 29 |
|
चुनाव वर्ष 2019 |
40-50 प्रतिशत |
50-60 प्रतिशत |
60-70 प्रतिशत |
योग |
|
उम्मीदवार संख्या |
3 | 11 | 15 | 29 |