
छत्तीसगढ़
से
भटककर
आए
जंगली
हाथियों
का
दल
अब
उमरिया
जिले
में
लगातार
सक्रिय
होता
जा
रहा
है।
पहले
तक
इन
हाथियों
की
गतिविधियां
केवल
पनपथा,
ताला,
मानपुर
और
खितौली
रेंज
तक
सीमित
थीं,
लेकिन
अब
इनका
मूवमेंट
जिले
के
शहडोल
सीमा
से
लगे
घुनघुटी
क्षेत्र
में
भी
देखने
को
मिल
रहा
है।
इससे
वन
विभाग
की
चिंता
बढ़
गई
है
और
अधिकारी
सतर्क
हो
गए
हैं।
मिली
जानकारी
के
अनुसार,
इस
समय
जंगल
में
लगभग
चार
जंगली
हाथी
मौजूद
हैं
जो
हथपुरा,
पड़री
और
मालचुआ
के
जंगलों
में
विचरण
कर
रहे
हैं।
हाथियों
की
मौजूदगी
की
सूचना
मिलते
ही
सामान्य
वन
मंडल
के
अधिकारी
हरकत
में
आ
गए
हैं।
पाली
वन
परिक्षेत्र
के
एसडीओ
दिगेंद्र
सिंह
पटेल
ने
बताया
कि
विभाग
का
अमला
लगातार
इन
हाथियों
की
निगरानी
कर
रहा
है
और
उन्हें
आबादी
से
दूर
रखने
के
प्रयास
किए
जा
रहे
हैं।
विन
विभाग
अधिकारी
पटेल
ने
बताया
कि
अभी
के
लिए
यह
सभी
हाथी
शाहपुर
के
जंगल
की
ओर
बढ़
गए
हैं,
जिससे
कुछ
हद
तक
राहत
की
स्थिति
बनी
है।
हालांकि,
यह
स्थायी
समाधान
नहीं
है,
क्योंकि
जंगली
हाथियों
की
गतिविधियां
अप्रत्याशित
होती
हैं
और
ये
कभी
भी
दिशा
बदल
सकते
हैं।
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विभाग
की
टीम
लगातार
क्षेत्रों
में
गश्त
कर
रही
है
और
ग्रामीणों
को
जागरूक
भी
कर
रही
है।
इसके
तहत
गांवों
में
मुनादी
कराई
जा
रही
है
और
चेतावनी
दी
जा
रही
है
कि
कोई
भी
व्यक्ति
जंगली
जानवरों
के
विचरण
वाले
क्षेत्रों
की
ओर
न
जाए।
साथ
ही
विभाग
ने
अपील
की
है
कि
यदि
किसी
को
हाथियों
की
मौजूदगी
या
गतिविधियों
की
जानकारी
मिले,
तो
तत्काल
निकटतम
वन
अधिकारी
या
कंट्रोल
रूम
को
सूचित
करें।
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की
सुरक्षा
के
मद्देनजर
वन
विभाग
की
ओर
से
आवश्यक
संसाधनों
की
व्यवस्था
की
जा
रही
है।
साथ
ही
आपात
स्थिति
के
लिए
टीमों
को
तैयार
रहने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
वन
विभाग
का
कहना
है
कि
यदि
लोग
सहयोग
करें
और
सतर्क
रहें,
तो
किसी
भी
प्रकार
की
जनहानि
या
नुकसान
से
बचा
जा
सकता
है।
हाथियों
की
बढ़ती
संख्या
और
गतिविधियों
को
देखते
हुए
आने
वाले
दिनों
में
यह
एक
बड़ी
चुनौती
बन
सकती
है।
इसलिए
प्रशासन
और
ग्रामीणों
के
बीच
समन्वय
बनाए
रखना
आवश्यक
होगा।