
मप्र
के
पूर्व
गृह
मंत्री
नरोत्तम
मिश्रा
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्य
प्रदेश
के
पूर्व
मंत्री
और
भाजपा
की
न्यू
जॉइनिंग
टोली
के
संयोजक
डॉ.
नरोत्तम
मिश्रा
का
दावा
है
कि
शुरुआती
दो
चरणों
में
मतदान
कम
हुआ
है,
लेकिन
आगे
आने
वाले
चरणों
में
सुधार
होगा।
शुरुआती
दो
चरणों
में
मतदान
में
गिरावट
की
मुख्य
वजह
शादी-ब्याह
और
गर्मी
रही।
साथ
ही
उन्होंने
यह
दावा
भी
किया
कि
पार्टी
प्रदेश
की
सभी
सीटों
पर
जीत
हासिल
करने
जा
रही
है।
अमर
उजाला
से
खास
बातचीत
में
डॉ.
मिश्रा
ने
भाजपा
में
आ
रहे
कांग्रेस
नेताओं
को
लेकर
भी
बात
की।
उन्होंने
कहा
कि
अब
तक
चार
लाख
से
अधिक
नेता
भाजपा
में
शामिल
हो
चुके
हैं।
इन्हें
पार्टी
में
समरस
कर
लिया
गया
है।
कहीं
कोई
दिक्कत
नहीं
है।
आने
वालों
में
पूर्व
केंद्रीय
मंत्री,
पूर्व
मंत्री
और
विधायक
भी
शामिल
हैं।
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इंदौर
में
कांग्रेस
के
प्रत्याशी
अक्षय
कांति
बम
ही
भाजपा
में
आ
गए,
वह
क्या
था?
आप
हमारी
प्रतिक्रिया
क्यों
ले
रहे
हैं,
कांग्रेस
अध्यक्ष
की
प्रतिक्रिया
लीजिए।
यह
उनके
शहर
का
ही
प्रत्याशी
चला
जाए,
तो
क्या
कह
सकते
हैं।
पहले
कांग्रेस
ने
खजुराहो
सीट
छोड़ी।
फिर
इंदौर
में
प्रत्याशी
ने
कांग्रेस
छोड़
दी।
यह
तो
कांग्रेस
के
प्रदेश
अध्यक्ष
को
देखना
चाहिए।
पूरे
प्रदेश
की
जिम्मेदारी
लेकर
घूम
रहे
हैं
और
अपना
घर
ही
नहीं
देख
सके।
विज्ञापन
भाजपा
पर
आरोप
है
कि
कांग्रेस
के
पिटे-पिटाए
नेताओं
को
शामिल
कर
रहे
हैं?
किसी
को
पिटे-पिटाए
नेता
ऐसा
मैं
नहीं
कहता।
यह
कांग्रेस
ही
बोल
सकती
है।
राम
नाम
से
प्रभावित
होकर
राष्ट्रभक्ति
से
प्रेरित
होकर
भाजपा
में
आ
रहे
हैं।
भारत
को
विश्वगुरु
बनाने
को
लेकर
जो
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
जी
का
संकल्प
है,
उससे
प्रेरित
हो
रहे
हैं।
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
जिस
तरह
जल,
नभ
और
थल
में
विकास
किया
है,
उससे
प्रभावित
होकर
कांग्रेस
समेत
अन्य
पार्टियों
के
नेता
भाजपा
में
आ
रहे
हैं।
दो
चरणों
में
मतदान
बहुत
कम
रहा
है।
इसकी
क्या
वजह
देख
रहे
हैं?
हमारा
वोट
तो
पूरा
गिरा
है।
कांग्रेस
नैराश्य
भाव
से
ग्रसित
है।
उनका
वोट
नहीं
गिरा
है।
निश्चित
रूप
से
शादियों
का
असर
हुआ।
गर्मी
ने
भी
असर
दिखाया।
जल्द
ही
आने
वाले
चरणों
में
सुधार
देखने
को
मिलेगा।
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तीसरे
और
चौथे
चरण
में
मतदान
बढ़ाने
के
लिए
क्या
प्रयास
है?
हम
खूब
प्रयास
कर
रहे
हैं।
निश्चित
तौर
पर
हम
प्रदेश
की
29
में
से
29
सीटों
पर
जीत
हासिल
कर
रहे
हैं।
28
सीटें
तो
हम
पिछली
बार
भी
लाए
थे।
कमलनाथ
जब
मुख्यमंत्री
थे,
तब
उनके
चिरंजीव
(नकुल
नाथ)
सिर्फ
26-27
हजार
वोट
से
जीत
सके
थे।
इस
बार
सारी
सीटों
पर
कमल
खिल
रहा
है।
कांग्रेस
और
अन्य
पार्टियों
से
भाजपा
कितने
लोग
आए
हैं?
इन्हें
पार्टी
कैसे
मैनेज
करेगी?
अब
तक
चार
लाख
से
ज्यादा
लोग
आ
चुके
हैं।
इनमें
वर्तमान
नगर
पालिका,
जिला
पंचायत
अध्यक्ष,
महापौर,
जिला
पंचायत
के
सदस्य
भी
आए
हैं।
पूर्व
मंत्री,
पूर्व
केंद्रीय
मंत्री,
पूर्व
विधायक
सब
आ
रहे
हैं।
जहां
तक
इन्हें
मैनेज
करने
का
सवाल
है
तो
सब
समरस
है।
हमने
बूथ
लेवल
पर
टारगेट
किया
था
कि
दो
लोगों
को
जोड़ना
है।
68
हजार
बूथ
है
तो
पौने
दो
लाख
लोग
तो
उसी
समय
हो
गए
थे।