एशियन
वॉटर
बर्ड
सेंसस
2026
के
अंतर्गत
उज्जैन
के
तालाबों
में
67
पक्षी
प्रजातियां
दर्ज
की
गईं।
इस
प्रकार
श्री
महाकाल
की
नगरी
अवंतिका
में
विदेशी
पक्षियों
का
डेरा
जम
गया
है।
जिला
वनमण्डल
अधिकारी
अनुराग
तिवारी
ने
जानकारी
दी
कि
यह
उज्जैन
के
जैव
विविधता
के
इतिहास
का
एक
स्वर्णिम
पल
है।
जानकारी
अनुसार
एशियन
वॉटर
बर्ड
सेंसस
2026
के
अंतर्गत
जिले
के
विभिन्न
तालाबों
और
जलाशयों
में
पक्षी
सर्वेक्षण
किया
गया।
इस
सर्वे
में
कुल
67
पक्षी
प्रजातियां
दर्ज
की
गईं।
यह
सर्वे
17
बर्ड
वॉचर्स
की
टीम
द्वारा
किया
गया,
जिन्होंने
अलग-अलग
स्थानों
उंडासा
तालाब
,सिलारखेड़ी
तालाब,
उज्जैन
रोड
क्षेत्र,
गोगापुर
क्षेत्र,
पुरुषोत्तम
सागर
तालाब
में
गणना
की।
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निकला
जब्त
किया
गया
26
टन
मांस,
हिंदू
संगठनों
ने
नगर
निगम
और
स्लॉटर
हाउस
पर
उठाए
सवाल
सर्वे
के
दौरान
देखे
गए
प्रमुख
पक्षियों
में
ब्लैक-विंग्ड
स्टिल्ट,
लेसर
व्हिस्लिंग
डक,
लिटिल
स्विफ्ट,
इंडियन
स्पॉट-बिल्ड
डक,
सारस
क्रेन,
पाइड
बुशचैट,
सिट्रीन
वैगटेल,
व्हाइट
वैगटेल,
लिटिल
रिंग्ड
प्लोवर,
नॉर्दर्न
शोवेलर,
कॉमन
सैंडपाइपर,
वुड
सैंडपाइपर,
रूफस-टेल्ड
लार्क,
प्लेन
प्रिनिया,
प्साइबेरियन
स्टोनचैट,
ग्रे
वैगटेल,
यूरेशियन
कूट,
मोहन
ग्रेन्स
(मूरहेन)
शामिल
रहे।
विशेषज्ञों
के
अनुसार
सर्वे
के
दिनों
में
कोहरे
की
स्थिति
के
बावजूद
जिले
में
दर्ज
की
गई
यह
संख्या
क्षेत्र
की
समृद्ध
पक्षी
जैव
विविधता
को
दर्शाती
है
और
संरक्षण
प्रयासों
के
लिए
उत्साहजनक
संकेत
है।
एशियन
वॉटर
बर्ड
सेंसस
में
67
प्रजातियां दर्ज

एशियन
वॉटर
बर्ड
सेंसस
में
67
प्रजातियां दर्ज

एशियन
वॉटर
बर्ड
सेंसस
में
67
प्रजातियां दर्ज