मध्यप्रदेश
हाईकोर्ट,
जबलपुर
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
जबलपुर
हाईकोर्ट
में
एक
पिता
ने
याचिका
दायर
कर
आरोप
लगाया
है
कि
उसकी
बेटी
की
दहेज
के
लिए
हत्या
कर
दी
गई
और
पोस्टमॉर्टम
रिपोर्ट
बदलकर
उसे
आत्महत्या
का
मामला
बता
दिया
गया।
याचिका
की
सुनवाई
के
बाद
जस्टिस
पीके
अग्रवाल
की
एकलपीठ
ने
मामले
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
गृह
सचिव,
डीजीपी,
एसपी
सिंगरौली
और
अन्य
को
नोटिस
जारी
कर
चार
सप्ताह
में
जवाब
पेश
करने
के
निर्देश
दिए
हैं।
उत्तर
प्रदेश
के
सोनभद्र
निवासी
राजेन्द्र
प्रसाद
पांडे
की
तरफ
से
दायर
याचिका
में
कहा
गया
है
कि
एक
जून
2023
को
मंजू
की
शादी
सिंगरौली
निवासी
दीपक
शर्मा
से
हुई
थी।
शादी
के
समय
करीब
40
लाख
रुपए
का
दहेज
दिया
गया
था।
इसके
बावजूद
दीपक,
पिता
राधेश्याम
शर्मा,
भाई
आशीष,
माता
शकुंतला,
बहन
कल्पना
उपाध्याय
आदि
मंजू
को
और
दहेज
व
सोना
लाने
के
लिए
परेशान
कर
रहे
थे।
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याचिका
में
ससुराल
वालों
पर
आरोप
लगाया
कि
17
फरवरी
2024
को
सभी
लोगों
ने
मंजू
को
बहुत
परेशान
किया।
इससे
तंग
आकर
उसने
फांसी
लगाकर
आत्महत्या
कर
ली।
याचिकाकर्ता
ने
इसकी
शिकायत
7
मार्च
को
मुख्यमंत्री
से
भी
की
थी।
आरोपी
है
कि
मृतका
की
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट
बदलकर
जांच
प्रभावित
की
जा
रही
है।
याचिका
में
कहा
गया
कि
ससुराल
वालों
के
प्रभाव
में
पुलिस
अधीक्षक
युसूफ
कुरैशी,
विवेचक
राम
सिंह
परस्ते
और
अन्य
अधिकारियों
ने
मिलकर
मंजू
के
प्रकरण
की
सही
जांच
नहीं
की
है।
एकलपीठ
ने
सुनवाई
के
बाद
अनावेदकों
को
नोटिस
जारी
कर
जवाब
मांगा
है।