Ujjain News: बेटे के साथ राजकोट जा रहा था पिता, मानसिक संतुलन नहीं था ठीक, उज्जैन स्टेशन पर उतरे और हो गए गायब

रेलवे
स्टेशन
के
प्लेटफॉर्म
नंबर
8
पर
दो
दिनों
पहले
60
वर्षीय
बुजुर्ग
अचानक
गायब
हो
गए।
उनका
मानसिक
संतुलन
ठीक
नहीं
था।
यही
कारण
है
कि
सभी
परिजन
उन्हें
अपने
साथ
राजकोट
ले
जा
रहे
थे,
लेकिन
जब
परिवार
के
लोगों
की
आंख
लगी।
वैसे
ही
वह
उज्जैन
के
प्लेटफॉर्म
पर
रेलगाड़ी
के
रुकते
ही
उतर
गए।
परिजनों
ने
जब
मक्सी
में
ट्रेन
रुकने
पर
पिता
को
ढूंढा
तो
उनके
नहीं
मिलने
पर
थाना
जीआरपी
में
गुमशुदगी
का
प्रकरण
दर्ज
करवाया
है।

पूरा
मामला
कुछ
इस
प्रकार
है
कि
आश
कुमार
निवासी
भोजपुर
बिहार
अपने
बेटे
शैलेश
कुमार
परिवार
के
अन्य
लोगों
के
साथ
जबलपुर
से
सोमनाथ
एक्सप्रेस
गाड़ी
नंबर
11464
से
राजकोट
जा
रहे
थे।
सोमनाथ
एक्सप्रेस
में
कोच
बी
5
में
बर्थ
नंबर
41,
42,
43,
44,
45,
46
मे
पूरा
परिवार
था
और
आश
कुमार
बर्थ
नंबर
41
पर
बैठे
हुए
थे।
जिनकी
दिमागी
हालत
भी
ठीक
नहीं
थी।
पूरा
परिवार
उनका
ध्यान
रखकर
उन्हें
अपने
साथ
ले
जा
रहा
था,
लेकिन
उज्जैन
के
रेलवे
स्टेशन
पर
आश
कुमार
अचानक
उतर
गए।
परिवार
के
लोगों
ने
जब
उन्हें
अपनी
बर्थ
से
नदारद
देखा
तो
सभी
लोग
घबरा
गए
और
उन्होंने
सबसे
पहले
ट्रेन
के
कोच
में
आश
कुमार
को
खोजना
शुरू
किया।
जब
आशीष
कुमार
ट्रेन
में
नहीं
मिले
तो
उनके
बेटे
शैलेश
कुमार
ने
उन्हें
खोजना
शुरू
किया
और
वह
मक्सी
में
उतरकर
उन्हें
ढूंढने
के
लिए
फिर
उज्जैन
पहुंचे,
जहां
पर
दो
दिन
तक
आश
कुमार
के

मिलने
पर
जीआरपी
थाना
पुलिस
ने
गुमशुदगी
की
रिपोर्ट
दर्ज
करवाई
है।

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बयान,
मचा
बवाल


इसीलिए
ले
जा
रहे
थे
राजकोट

अविनेश
कुमार
ने
बताया
कि
मेरे
ताऊजी
उज्जैन
के
प्लेटफार्म
पर
उतर
गए
थे।
यहीं
से
गायब
हुए
हैं।
इसीलिए
पिछले
दो
दिनों
से
उनकी
तलाश
हम
उज्जैन
में
कर
रहे
हैं।
अभी
वह
मिले
तो
नहीं
हैं,
लेकिन
फिर
भी
जीआरपी
पुलिस
के
साथ
ही
हम
भी
उनकी
खोजबीन
में
लगे
हुए
हैं।

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को
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संगठन
ने
पकड़ा,
परीक्षा
देने
भोपाल
से
आई
थी
लड़की


दिमागी
संतुलन
नहीं
है
ठीक

बताया
जाता
है
कि
आश
कुमार
का
दिमागी
संतुलन
ठीक
नहीं
है।
वे
पिछले
दो
वर्षों
से
बच्चों
की
तरह
रहते
हैं
और
बोलने
में
भी
अटकते
हैं।
बताया
जाता
है
कि
जीआरपी
पुलिस
ने
शहर
के
सभी
आश्रमों
के
साथ
ही
सोशल
मीडिया

अन्य
संसाधनों
के
माध्यम
से
आश
कुमार
को
खोजने
का
प्रयास
किया
है,
लेकिन
अब
तक
उनका
कोई
पता
नहीं
लग
पाया
है।