
कटनी
में
मॉक
ड्रिल
सफलतापूर्वक
आयोजित
की
गई,
जिसमें
सुरक्षा
एजेंसियों
और
स्थानीय
प्रशासन
ने
भाग
लिया।
इस
अभ्यास
का
उद्देश्य
आपातकालीन
स्थितियों
से
निपटने
के
लिए
तैयारियों
का
परीक्षण
करना
था।
मॉक
ड्रिल
में
साधुराम
स्कूल
में
बम
फेंकने
की
घटना
को
दर्शाया
गया,
जिसमें
फायर
ब्रिगेड
और
सुरक्षा
बलों
ने
तत्परता
से
कार्रवाई
की।
युद्ध
की
परिस्थितियों
में
नागरिकों
को
सुरक्षित
रखने
के
लिए
गृह
मंत्रालय
ने
देश
के
244
जिलों
में
एक
साथ
मॉक
ड्रिल
करने
के
निर्देश
मिले
थे।
जिसमें
कटनी
जिला
भी
शामिल
था
आज
जिला
प्रशासन
ने
शाम
4
बजे
से
8.30बजे
तक
5
चरणों
में
नागरिक
सुरक्षा
मॉक
ड्रिल
किया
गया
है।
जिसके
पहले
चरण
में
हुई
बमबारी
की
सूचना
पर
पहुंचा
फायर
ब्रिगेड
की
साथ
आग
पर
काबू
पाते
हुए
घायल
हुए
लोगो
को
पुलिस
बल
ओर
एसडीआरएफ
की
मदद
से
घायल
लोगों
को
हॉस्पिटल
रवाना
किया
है।
मॉक
ड्रिल
का
आयोजन
गृह
मंत्रालय
के
निर्देश
पर
किया
गया
था,
जिसका
उद्देश्य
नागरिकों
को
युद्ध
या
किसी
अन्य
हमले
की
स्थिति
में
खुद
को
बचाने
के
लिए
प्रशिक्षित
करना
है।
इस
अभ्यास
में
जिला
अधिकारी,
स्थानीय
प्रशासन
के
अधिकारी,
सिविल
डिफेंस
वार्डन,
पुलिसकर्मी
और
अन्य
संबंधित
एजेंसियों
ने
भाग
लिया।
कटनी
जिला
महत्वपूर्ण
जिलों
में
शामिल
है
यहां
देश
के
प्रमुख
बड़े
स्टेशन
को
जोड़ने
वाला
जंक्शन
से
लेकर
ऑर्डिनेंस
फैक्ट्री
शामिल
है।
यहां
1971
में
पहला
मॉक
ड्रिल
किया
गया
था
जिसके
54
साल
बाद
पुनः
आज
दोहराया
गया
है।
पढ़ें: 12
मिनट
तक
लोगों
ने
स्वेच्छा
से
बंद
रखी
लाइट,
ट्रैफिक
भी
थमा;
पूरे
शहर
में
ब्लैक
आउट
कटनी
कलेक्टर
दिलीप
कुमार
यादव
ने
पूरे
मॉक
ड्रिल
को
सफल
बताया
है
वही
कुछ
कमियां
मिली
थी
जिसे
एक
बैठक
करते
हुए
उसमें
चर्चा
करने
की
बात
कही
है।
कलेक्टर
के
मुताबिक
गृह
मंत्रालय
के
निर्देशन
पर
हमले
की
स्थितियों
से
निपटने
के
लिए,
घायलों
को
हॉस्पिटल
पहुंचाने,
हमले
के
वक्त
लोगों
को
सुरक्षित
स्थानों
में
पहुंचाने
से
लेकर
आगजनी
की
घटना
से
बचाने
से
लेकर
ब्लैकआउट
होने
पर
लोगों
को
क्या
करना
है
ये
अभ्यास
किया
है
जो
जो
पूर्णतः
सफल
रहा।