
बस
में
लगी
आग
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
शहडोल
में
गोहपारु
थाना
क्षेत्र
अंतर्गत
फॉरेस्ट
बैरियर
के
समीप
चलती
बस
में
आग
लग
गयी।
किसी
तरह
उसमें
सवार
यात्रियों
को
तो
उतार
लिया
गया।
लेकिन
बीच
सड़क
में
बस
जलकर
राख हो
गयी।
यह
घटना
बुधवार तड़के
साढ़े
तीन
बजे
के
आसपास
हुई।
जानकारी
के
अनुसार,
मनीष
ट्रैवल्स
की
बस
क्रमांक
सीजी-07
ई-4588
रायपुर
से
इलाहबाद
जा
रही
थी।
बस
में
करीब
50
यात्री
बैठे
हुए
थे।
इस
दौरान
जब
बस गोहपारु
बैरियर
के
पास
से
गुजरी,
तभी
अचानक
बस
का
पिछला
एक
टायर
फुट
गया।
टायर
फूटते
ही
बस
में
आग
लग
गई,
लेकिन
बस
चालक
को
इसकी
जानकारी
नहीं
लग
पाई
और
वह
आगे
बढ़
गया।
वनकर्मी
ने
बाइक
से
पीछा
कर
दी
जानकारी
जब
घटनास्थल
पर
वन
विभाग
के
बैरियर पर
तैनात
रमेश
कुशवाहा
ने
देखा
कि
बस
चालक
को
आग
लगने
की
भनक
नहीं
लग
पाई
है तो
उसने
जोर-जोर
से
आवाज
लगाई। लेकिन
चालक
तक
उसकी
आवाज
नहीं
पहुंच
सकी।
वनकर्मी
को
बस
में
सवार
यात्रियों
की
चिंता
हुई और
वह
तुरंत
अपनी
अपनी
मोटर
साइकिल
लेकर
बस
का
पीछा
किया।
उसने
बस
के
साइड
गलॉस
में
अपनी
टार्च
की
रौशनी
दिखाते
हुए
चालक
को
बस
रोकने
इशारा
किया, जिसके
बाद
चालक
ने
बस
रोकी।
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वन
विभाग
के
कर्मचारी
ने
बस
चालक
को
आग
लगने
की
जानकारी
दी, जिसके
बाद
बस
में
सवार
सभी
यात्रियों
को
तुरंत
नीचे
उतारा
गया।
इस
बीच
बस
में
लगी
आग
ने
विकराल
रूप
धारण
कर
लिया।
देखते
ही
देखते
बीच
सड़क
में
बस
जलकर
राख हो
गई।
वनकर्मी
रमेश
द्वारा
तत्परता
दिखाते
हुए
बस
का
पीछा
किया
गया
और
इसकी
जानकारी
बस
चालक
को
दी
गयी।
उसकी
जागरुकता
के
कारण
दर्जनों
यात्रियों
की
जान
बच
गई। नहीं
तो
कोई
बड़ी
जनहानि
हो
सकती
थी।
वह
उन
यात्रियों
के
लिए
मसीहा
बनकर
वहां पहुंचा।
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दो
घंटे
बाद
पहुंचा
दमकल
वाहन
बस
में
आग
लगने
के
बाद
लोगों
ने
मामले
की
जानकारी
दमकल
कर्मियों
को
दी।
लेकिन
दमकल
वाहन
घटना
के
दो घंटे
बाद
मौके
पर
पहुंचा।
जब
तक
बस
में
लगी
आग
को
स्थानीय
लोगों
ने
बुझा
लिया
था और
बस
जलकर
राख
हो
गई
थी। सवाल
यह
खड़ा
होने
लगा
है
कि
बस
में
यात्री
सवार
थे
और
दमकल
कर्मियों
को
मामले
की
जानकारी
तत्काल
लोगों
के
द्वारा
दी
गई।
लेकिन
दमकल
वाहन
पहुंचने
में
दो घंटे
का
वक्त
लग
गया।