Khandwa News: कबाड़ दुकान की लपटों में जली पान और चिकन की शॉप, जिंदा मुर्गियां हुईं जलकर खाक

मध्यप्रदेश
के
खंडवा
नगर
में
शुक्रवार
को
शॉट
सर्किट
के
चलते
तीन
दुकानों
में
अचानक
भीषण
आग
लग
गई।
देखते
ही
देखते
यह
आग
इतनी
विकराल
हो गयी कि
इसकी
चपेट
में
आईं
दुकानें
पूरी
तरह
से
ही
जलकर
खाक
हो
गईं।
आग
ने
सबसे
पहले
एक
कबाड़
की
दुकान
को
अपनी
चपेट
में
लिया।

स्थानीय
लोग
आग
बुझाने
की
कोशिश
कर
ही
रहे
थे
कि
इसी
बीच
उसके
पड़ोस
की
एक
बड़ी
सी
चिकन
मटन
की
दुकान
भी
आग
की
लपेटों
से
घिर
गई,
जिससे
दुकान
में
रखी
मुर्गियां
भी
इस
आग
में
जिंदा
ही
जल
कर
खाक
हो
गईं।
हालांकि,
इस
दौरान
स्थानीय
लोगों
ने
आग
लगने
की
सूचना
दमकल
और
पुलिस
के
अमले
को
भी
दी।
लेकिन
रहवासियों
के
अनुसार
दमकल
की
गाड़ियां
समय
पर
नहीं
पहुंची
थीं।
अगर
फायर
फाइटर
टीम
वहां
समय
से
पहुंच
जाती तो
शायद
आग
से
इतना
अधिक
नुकसान
नहीं
होता।
इधर,
फॉयर
फाइटर
आने
से
पहले
ही
स्थानीय
लोगों
ने
एक
पानी
के
टैंकर
और
अपने
घरों
की
छतों
पर
बनी
पानी
की
टंकी
से
पानी
डालकर
आग
बुझाने
का
प्रयास
किया, जिसके
चलते
इस
आग
पर
काबू
पा
लिया
गया।
अन्यथा
घनी
बस्ती
के
चलते
कई
घर
इसकी
चपेट
में

सकते
थे।


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बोले-बढ़ी
जागरूकता

खंडवा
के
मोघट
थाना
क्षेत्र
में
शुक्रवार
को
एक
कबाड़
दुकान
में
भीषण
आग
लग
गयी।
स्थानीय
खानशाहवली
वार्ड
में
शॉट
सर्किट
के
चलते
लगी
इस
आग
ने मुख्य
मार्ग
की
कबाड़
दुकान
के
बाद
देखते
ही
देखते
आसपास
की
दुकानों
को
भी
अपनी
जद
में
ले
लिया,
जिसमें
एक
पान
की
दुकान
ओर
चिकन
सेंटर
भी
बुरी
तरह
से
जल
गया।
आग
की
लपटें देख
क्षेत्रवासी
बड़ी
संख्या
में
इकठ्ठा
होकर
आग
पर
काबू
पाने
के
प्रयास
करते
रहे।


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में
हुई
डिलीवरी,
नवजात
की
मौत

क्षेत्रवासियों
का
आरोप
है
कि
वे
फायर
फाइटर
का
इंतज़ार
करते
रहे।
लेकिन
40
मिनट
तक
एक
भी
गाड़ी
नहीं
आने
पर
एक
कि
जगह
तीन
दुकानें
जलकर
खाक
हो
गई।
हालांकि,
लोगों
की
मशक्कत
के
चलते
आग
को
फैलने
से
रोका
गया।
आसपास
के
लोगों
ने
अपने
घरों
की
छत
पर
बनी
पानी
की
टंकी
से
पानी
निकाल
कर
आग
पर
पानी
डाला तो
वहीं
क्षेत्र
के
लोग
एक
पानी
का
टैंकर
लेकर
आग
बुझाने
का
प्रयास
करते
नजर
आए।


40
मिनट
में
भी
नहीं
पहुंची
दमकल
गाड़ी

आग
बुझाने
का
प्रयास
कर
रहे
रहवासियों
ने
कहा
कि
आखिर
आपातकालीन
सुविधा
समय
पर
क्यों
नहीं
मिलती।
घटना
में
समय
पर
दमकल
वाहन
उपलब्ध
नहीं
होने
पर
लोगों
ने
भी
जमकर
आक्रोश
जताया।
उनका
कहना
था
कि
पिछले
40
मिनट
से
दमकल
को
फोन
लगा
रहे
हैं।
लेकिन
कोई
ढंग
से
बात
करने
को
तैयार
नहीं
था।
जब
शहर
में
यह
स्थिति
है
तो
ग्रामीण
क्षेत्र
में
तो
ओर
भी
बदतर
स्थिति
होगी।
इनकी
लापरवाही
पर
ठोस
कार्रवाई
होना
चाहिये।
यह
आपातकालीन
स्थिति
को
नहीं
समझ
पाते
और
इनके
लापरवाही
रवैये
के
चलते
बड़े
नुकसान
का
खामियाजा
जनता
को
भुगतना
पड़
रहा
है।