
उज्जैन
जिले
के
नृसिंह
घाट
पुल
से
धार
की
रहने
वाली
एक
युवती
ने
शिप्रा
नदी
में
छलांग
लगाकर
आत्महत्या
करने
की
कोशिश
की।
युवती
को
तत्काल
उपचार
के
लिए
अस्पताल
लाया
गया।
हालत
में
सुधार
होने
पर
उसे
छुट्टी
दे
दी
गई।
महाकाल
थाने
के
प्रधान
आरक्षक
वैभव
सिंह
ने
बताया
कि
21
साल
की
भूमिका,
पिता
जसवंत
सिंह
धार
जिले
के
अमझेरा
थाना
क्षेत्र
की
रहने
वाली
है।
वह
इंदौर
की
एक
प्राइवेट
यूनिवर्सिटी
की
ग्रेजुएशन
फाइनल
ईयर
की
छात्रा
है।
सोमवार
को
वह
इंदौर
से
उज्जैन
महाकाल
दर्शन
के
लिए
बस
से
आई
थी।
दर्शन
के
बाद
रात
करीब
9
बजे
वह
पैदल
नृसिंह
घाट
पहुंची
और
शिप्रा
नदी
में
छलांग
लगा
दी।
उसे
कूदते
देख
वहां
मौजूद
लोगों
ने
शोर
मचाया,
जिसके
बाद
होमगार्ड
और
एसडीईआरएफ
के
जवान
रिंग
लेकर
नदी
में
कूदे
और
उसे
बाहर
निकाला।
उस
समय
वह
बेहोश
थी।
जवानों
ने
पेट
से
पानी
निकालकर
सीपीआर
(CPR)
दिया,
जिससे
वह
होश
में
आ
गई।
इसके
बाद
उसे
चरक
अस्पताल
भेजा
गया
और
परिजनों
को
सूचना
दी
गई।
रात
में
ही
भूमिका
के
पिता
और
बहन
उज्जैन
पहुंचे
और
इलाज
के
बाद
उसे
अपने
साथ
घर
ले
गए।
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रह
रही;
मिलने
आया
था
बेटा
नंबर
कम
आने
की
बात
सामने
आई
प्रधान
आरक्षक
सिंह
के
अनुसार,
पूछताछ
में
युवती
ने
बताया
कि
उसकी
पढ़ाई
ठीक
नहीं
चल
रही
थी
और
परीक्षा
में
नंबर
कम
आए
थे।
इसी
मानसिक
तनाव
के
कारण
उसने
आत्महत्या
का
प्रयास
किया।
इन्हें
भी
डूबने
से
बचाया
गया
रामघाट
पर
शाम
करीब
7
बजे,
इंदौर
निवासी
राजेश
वर्मा
स्नान
कर
रहे
थे।
अचानक
वह
गहरे
पानी
में
चले
गए
और
डूबने
लगे।
उन्हें
बचाने
उनके
साथी
अशोक
भी
कूदे
लेकिन
वह
भी
डूबने
लगे।
दोनों
को
डूबता
देख
घाट
पर
तैनात
जवान
बनेसिंह,
ब्रजमोहन
और
माखन
सिंह
परमार
नदी
में
कूदे
और
दोनों
को
सुरक्षित
बाहर
निकाल
लिया।
डिस्ट्रिक्ट
होमगार्ड
कमांडेंट
संतोष
कुमार
जाट
ने
बताया
कि
जान
बचाने
वाले
तीनों
जवानों
को
उनके
साहसिक
कार्य
के
लिए
पुरस्कृत
किया
जाएगा।


