Agar Malwa: आजादी के बाद पहली बार आगर के इस गांव में घोड़ी पर चढ़ा दलित दूल्हा, पुलिस के साए में निकली बरात

आगर
मालवा
जिला
मुख्यालय
से
महज
14
किलोमीटर
की
दूरी
पर
स्थित
गांव
अंबादेव
में आजादी
के
बाद
पहली
बार
दलित
वर्ग
के
दूल्हे
का
घोड़ी
पर
जुलूस
निकला
है।
पुलिस
के
साए
में
बरात
निकाली
गई। यह
जुलूस
पुलिस
बल

भीम
आर्मी,
आजाद
समाज
पार्टी
के
कार्यकर्ताओं
की
मौजूदगी
में
निकाला
गया
है,
क्योंकि
ऊंची
जाति
के
दबंग
लोगों
द्वारा
में
धमकी
दी
गई
थी
कि
वह
गांव
में
घोड़ी
पर
जुलूस
नहीं
निकाल
सकते
हैं।

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अम्बेडकर
की
मूर्ति
तोड़ने
के
मामले
में
मासिक
रिपोर्ट
मजिस्ट्रेट
के
समक्ष
पेश
करें,
HC
के
निर्देश

प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार
ग्राम
अंबादेव
में
10
मई
को
गांव
में
एक
दलित
दूल्हे
की
शादी
थी,
जिसकी
बिनौरी
का
जुलूस
10
मई
शाम
को
गांव
में
निकलना
था।
लेकिन
ऊंची
जाति
के
दबंगों
द्वारा
उन्हें
धमकी
दी
गई
थी
कि
वह
दलित
दूल्हे
को
घोड़ी
पर
बिठाकर
जुलूस
गांव
में
नहीं
निकाल
सकते।
इसके
बाद
दलित
दूल्हे
और
उसके
पिता
ने
पुलिस

भीम
आर्मी
एवं
आजाद
समाज
पार्टी
के
कार्यकर्ताओं
से
गांव
में
घोड़ी
पर
जुलूस
निकलवाने
के
लिए
सहायता
मांगी
थी,
जिस
पर
10
मई
की
रात्रि
में
भारी
पुलिस
बल

भीम
आर्मी,
आज
समाज
पार्टी
के
कार्यकर्ता
गांव
पहुंचे

दलित
दूल्हे
का
घोड़ी
पर
जुलूस
निकलवाया
गया।
इस
दौरान
गांव
में
आगर
कोतवाली
थाना
प्रभारी
शशि
उपाध्याय,
भीम
आर्मी
जिला
अध्यक्ष
अजय
बागी,
आजाद
समाज
पार्टी
जिला
अध्यक्ष
भोपाल
नेताजी,
संभाग
सचिव
डॉक्टर
जगदीश
मालवी,
शाहिद
बड़ी
संख्या
में
कार्यकर्ता
शामिल
रहे। 

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