
जबलपुर
डायोसिस
के
पूर्व
बिशप
पी.सी.
सिंह
को
आर्थिक
अपराध
अन्वेषण
ब्यूरो
(EOW)
ने
₹2.45
करोड़
के
गबन
मामले
में
कर्नाटक
के
मेंगलुरु
से
गिरफ्तार
किया
है।
पूछताछ
के
लिए
उन्हें
दो
दिन
के
पुलिस
रिमांड
पर
लिया
गया
था।
रिमांड
अवधि
समाप्त
होने
से
पहले
ही
ईओडब्ल्यू
ने
आवश्यक
पूछताछ
और
दस्तावेज
जब्ती
के
बाद
आरोपी
को
विशेष
न्यायालय
में
पेश
किया,
जहां
से
उन्हें
न्यायिक
हिरासत
में
जेल
भेज
दिया
गया।
Trending
Videos
ये
भी
पढ़ें- नक्सलियों
ने
दुगलई
सामूहिक
दुष्कर्म
की पीड़िताओं को
न्याय
दिलाने
के
लिए
लगाए
बैनर-पोस्टर
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू
द्वारा
दी
गई
जानकारी
के
अनुसार,
कटनी
स्थित
बास्ले
स्कूल
की
0.22
हेक्टेयर
भूमि
का
अधिग्रहण
रेलवे
विभाग
ने
किया
था।
इसके
बदले
में
रेलवे
ने
₹2,45,30,830
का
मुआवजा
प्रदान
किया।
जांच
में
सामने
आया
कि
पूर्व
बिशप
पी.सी.
सिंह
और
एनडीटीए
के
चेयरमैन
पाल
दुपारे
ने
फर्जी
दस्तावेजों
के
आधार
पर
यह
रकम
हड़प
ली।
दोनों
ने
स्कूल
प्राचार्य
के
नाम
से
कूटरचित
दस्तावेज
तैयार
कर
मुआवजा
राशि
को
एनडीटीए
के
अधिकृत
खाते
में
जमा
कराने
की
बजाय
अन्य
खातों
में
ट्रांसफर
कर
दिया।
इस
राशि
का
उपयोग
निजी
कार्यों
के
लिए
किया
गया,
और
इसके
लिए
एनडीटीए
से
कोई
अनुमति
नहीं
ली
गई।
ये
भी
पढ़ें- बंधुआ
मजदूर
जैसे
करवा
रहे
डॉक्टरों
से
कार्य,
हाईकोर्ट
ने
कहा
लौटाएं
शैक्षणिक
दस्तावेज
जांच
पूरी
होने
के
बाद
ईओडब्ल्यू
ने
दोनों
आरोपियों
के
खिलाफ
धोखाधड़ी
और
जालसाजी
की
विभिन्न
धाराओं
के
तहत
मामला
दर्ज
किया।
बिशप
पी.सी.
सिंह
को
गिरफ्तार
कर
जबलपुर
लाया
गया
और
न्यायालय
में
पेश
किया
गया।
फिलहाल
आरोपी
जेल
में
है
और
आगे
की
जांच
जारी
है।